00:00अरण्यकांड का अध्याय 47 अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक प्रसंग है। इसमें राम, सीता और लक्षमन महर्शी अगस्ते के आशिरवात के
00:09बाद सुन्दरवन पंचवटी में पहुचते हैं और वहीं उनकी भेंट वीर पक्षी राज जटायू से होती है। ये �
00:28रिशी अगस्ते के आश्रम से विदा लेने के बाद राम, सीता और लक्षमन नई यात्रा पर निकल पड़े। रिशी अगस्ते
00:35ने उन्हें पंचवटी में रहने की सलाह दी थी। क्योंकि वो स्थान अत्यंत सुन्दर और शांत था। पंचवटी की ओर
00:43यात्रा। तीनों
00:56प्राकृतिक सौंदर्य को धेख कर प्रसन्न हो रही थी। उन्होंने मुस्कुरा कर राम से कहा, प्रभु, ये वंतो स्वर्ग जैसा
01:04प्रतीत होता है। राम ने शांत भाव से उत्तर दिया, देवी, प्रकृती ईश्वर की अद्भुत रचना है। गोदावरी नदी का
01:12दर
01:26रही थी। राम ने कहा, लक्षमन, यही स्थान पंचवटी है। पंचवटी का सौंदर्य। पंचवटी का वन अत्यंत सुंदर था। वहां
01:37पांच विशाल व्रिक्षों का समोह था, जिनके कारण इस स्थान का नाम पंचवटी पड़ा। वन में हर्याली और शान्ती थी�
01:44यह स्थान साधना और निवास के लिए अत्यंत उप्युक्त था। कुटिया बनाने का निर्णै। राम ने लक्षमन से कहा, लक्षमन,
01:53हमें यहां एक कुटिया बनानी चाहिए। लक्षमन ने तुरंत प्रसन्नता से कहा, भाया, मैं अभी कुटिया बनाने की व्यवस्था
02:01LAKSHMAN की SEMA
02:31Lekin उसकी आखों में तेज था
02:33जटायू का परिचय
02:35वो पक्षी पास आकर बोला
02:37हे राम, मैं आपका शत्रू नहीं हूँ
02:40राम ने आश्चरे से उसकी ओर देखा
02:42तब उस पक्षी ने अपना परिचय दिया
02:45मैं जटायू हूँ
02:46जटायू और दशरत
02:48जटायू ने कहा
02:50मैं आपके पिता दशरत का मित्र हूँ
02:52ये सुनकर राम और लक्षमन
02:54अत्यंत प्रसन्न हुए
02:55राम ने जटायू को प्रणाम किया
02:58जटायू का स्नेह
02:59हे राम, जब तक आप इस वन में हैं
03:02मैं आपकी सहायता करूँगा
03:04मैं विशेश रूप से सीता की रक्षा करूँगा
03:06सीता ने भी जटायू को प्रणाम किया
03:09नया परिवार
03:11अब पंचवटी में राम, सीता और लक्षमन अकेले नहीं थे
03:14जटायू भी उनके साथ था
03:16उसने उस वन को अपना घर बना लिया
03:19शांत जीवन की शुरुवाद
03:21कुछ समय तक पंचवटी में उनका जीवन अत्यंत शांति पूर बीतने लगा
03:25राम वन में घूमते, सीता फूल और फले कत्र करती
03:29और लक्षमन सदैव उनकी सेवा में लगे रहते
03:32आने वाली घटनाओं की आहट
03:34लेकिन ये शांती अधिक समय तक नहीं रहने वाली थी
03:38दूर कहीं एक ऐसी घटना होने वाली थी
03:41जो रामायन की कथा को पूरी तरह से बदल देगी
03:44वन के अंधकार में एक नई कहानी जन्म लेने वाली थी
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