00:00सुन्दर कांड का ध्याय 72, वीर्ता, पराक्रम और दूत धर्म का अद्भुत उधारण है.
00:07यहां हनुमान केवल संदेश वाहक नहीं रहते, बलकि धर्म के योध्धा बनकर रावन की लंका में अपनी शक्ति का परिचाय
00:14देते हैं.
00:15यह ध्याय दिखाता है कि जब धर्म के लिए युध्ध हावश्यक हो, तो वीर पीछे नहीं हटता.
00:21सुन्दर कांड, अध्याय 72, हनुमान का लंका में उत्पात और राक्षसों से युध्ध.
00:28अशोक वाटिका में सीता माता से मिलकर हनुमान का हिर्दय करुणा और संकल्प से भर गया.
00:34अब उनका कार्य केवल संदेश देना ही नहीं था, बलकि लंका की शक्ति का परीक्षन करना भी था.
00:40हनुमान का विचार
00:42हनुमान ने सोचा, मुझे रावण और उसकी सेना की शक्ति का अनुमान लगाना चाहिए, ताकि प्रभु राम को सही जानकारी
00:50दी जा सके.
00:51अशोक वाटिका में उत्पात
00:53ये सोचकर हनुमान ने अपना विशाल रूप धारन कर लिया.
00:56उन्होंने अशोक वाटिका के विख्षों को खारना शुरू कर दिया.
01:01सुन्दर विख्ष गिरने लगे, फूल बिखर गए, बगीचा नश्ट होने लगा.
01:06राक्षसियों का भय.
01:07अशोक वाटिका की राक्षसियां भयभीत हो गई.
01:10वे चिल्लाने लगी.
01:12एक भयानक वानर यहां उत्पात मचा रहा है.
01:15सैनिकों का आगमन.
01:16राक्षसों की सेना तुरंत वहां पहुँची.
01:19उन्होंने हनुमान को घेर लिया.
01:20पहला युद्ध.
01:22हनुमान ने बिना भय के युद्धारंब किया.
01:25उन्होंने व्रिक्षों को हत्यार की तरह इस्तिमाल किया.
01:28पत्थरों को भेंका और राक्षसों को पराजित किया.
01:31राक्षसों की हार.
01:33ुछी समय में हनुमान ने अनेक राक्षसों को परास्थ कर दिया
01:36उनकी शक्त देखकर सभी आश्चरे चकित रह गए
01:40जम्बु माली का वद
01:41तब रावन ने अपने शक्तिशाली योद्धा जम्बु माली को भेजा
01:46जम्बु माली अत्यंत बलशाली था
01:48भयंकर युद्ध
01:50हनुमान और जम्बु माली के बीच भयंकर युद्ध हुआ
01:53लेकिन अन्ततह हनुमान ने उसे भी मार गिराया
01:56और सेनिकों का आना
01:58अब रावन ने और भी शक्तिशाली योद्धाओं को भेजा
02:01लेकिन हनुमान सभी को परास्थ करते गए
02:04अक्षयकुमार का आग्मन
02:15अक्षयकुमार ने पूरी शक्ति से युद्ध किया
02:18अंध, लेकिन हनुमान की शक्ती के सामने वो टिक नहीं सका, हनुमान ने उसे भी मार गिराया
02:24रावण का क्रोध, अपने पुत्र की मृत्यू की खबर सुन कर रावण अत्यन्त क्रोधित हो गया
02:29मेघनाद का आगमन
02:31अब रावन ने अपने सबसे शक्तिशाली पुत्र मेघनाद को भेजा
02:35रणनीती
02:36मेघनाद केवल बल से नहीं, बलकि रणनीती से भी युद्ध करता था
02:40ब्रह्मास्त्र का प्रयोग
02:422. Meegh Nath ne yudh ke dhuraan bramhaastr ka prayog kiya
02:463. Hanuman ka nirnay
02:47Hanuman jantay thay ki vhe bramhaastr se mukht ho saktay hain,
02:51lekiin unho nne socha,
02:52mujhe swayam ko pakarvana chaheye,
02:55ta ki mэ ravan se mil sakuun.
02:574. Bandhan sviikar karna
02:58Hanuman nne svechha se apne aap ko bramhaastr ke bandhan me rahne diya.
03:025. Giraf tari
03:04Rakshaso nne hanuman ko bandh liya,
03:06aur ravan ke darbara mil e gaya.
03:075. Tari
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