00:00अयोध्याकांड का अध्याय 33, अत्यंत भावनात्मक, करुण और धर्म की महान भावना से भरा हुआ प्रसंग है.
00:07इसमें भरत अपनी माता कैकई के निर्णय पर क्रोधित होते हैं, उन्हें कठोर शब्दों में धिकारते हैं और अपने बड़े
00:14भाई राम को वापस अयोध्या लाने का द्रिड संकल्प लेते हैं.
00:17ये अध्याए भरत के महान चरित्र और उनके धर्म, प्रेम और त्याक की भावना को उजागर करता है.
00:24अयोध्या कांड अध्याए 33 भरत का क्रोध, कैकई को धिकार और राम को वापस लाने का संकल्प.
00:33राजमहल के भीतर गहरा सननाटा था. पिता दश्रत के देहांत का शोक अभी भी पूरे अयोध्या में चाया हुआ था.
00:40लेकिन उस समय राजमहल के एक कक्ष में एक और तूफान उठ रहा था. वो तूफान था भरत के हिर्दय
00:46का. भरत का दुख और क्रोध.
00:48जब भरत को ये पता चला कि उनकी माता कैकई नहीं दो वर्दान मांग कर राम को चौधा वर्च का
00:54वनवास दिलाया है, तो उनका हिर्दय दुख और क्रोध से भर गया. उनकी आँखों से आंसु बह रहे थे. उन्होंने
01:01कांपती हुई आवाज में कहा, माता, आपने ये क्
01:06कुल की मर्यादा को कलंकित कर दिया. कैकई की आशा. कैकई को ये उम्मीद थी कि भरत ये सुनकर प्रसन्न
01:13होंगे कि अब अयोध्या का सिहासन उन्हें मिलने वाला है. उन्होंने कहा, पुत्र, अब अयोध्या की राजा तुम बनोगे. लेकिन
01:21भरत के लिए ये शब्द किस
01:22विश के समान थे. भरत का कठोर उत्तर, भरत क्रोध से भर उठे. उन्होंने कहा, माता, क्या आपने मुझे इतना
01:30नीच समझ लिया कि मैं अपने बड़े भाई का अधिकार छीन लूँ? राम भाईया इस राज्य के सच्चे अधिकारी हैं.
01:37उनकी आवाज में दर्द और धर
01:52जिको शोक में डुबो दिया. ये सुनकर कैकई भी मौन हो गई. शत्रुग्न का क्रोध. भरत के छोटे भाई शत्रुग्न
02:00भी ये सब सुनकर अत्यंत क्रोधित हो गए. उन्हें ये अन्याय बिलकुल स्विकार नहीं था. उनके मन में भी राम
02:06के प्रती गहरा प्रेम था. क
02:22माता, इस अपरात में मेरा कोई दोश नहीं है. मुझे इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी. उनके शब्दों में
02:29सच्चा दर्द और पश्चा ताप था. कौशल्या का सने है. कौशल्या ने भरत को उठाया और उन्हें गले लगा लिया.
02:36उन्होंने कहा, पुत्र, मुझे
02:38पता है कि तुम निर्दोश हो. तुम्हारा हिर्दय राम के समान ही पवित्र है. भरत का संकल्प. भरत ने द्रढ
02:46स्वर में कहा, मैं इस सिंहासन को कभी स्विकार नहीं करूंगा. मैं स्वयम वन में जाकर राम भाया को वापस
02:52अयोध्या लेकर आऊंगा. उनके शब्दों म
03:07भरत अवश्य राम को वापस लाएंगे.
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