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रामायण अयोध्या कांड — अध्याय 29 l Ramayana: Ayodhya Kanda — Chapter 29.
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00:00अयोध्या कांड का अध्याय 39 अत्यंत शांत, भावनात्मक और प्रकृती की सुन्दरता से भरा हुआ प्रसंग है। इस अध्याय में
00:08भगवान राम, माता सीता और लक्षमन पवित्र चित्रकूट पहुँचते हैं और वहीं अपने वनवास के लिए एक साधारन कुटिया ब
00:29प्रक्षमन चित्रकूट के सुन्दर परवतिय शेत्र में पहुँच गए। चित्रकूट का द्रिश्य अत्यंत मनोहर था। चारों ओर उंचे उंचे परवत,
00:37हरे भरे व्रिक्ष, जर्नों की मधुर ध्वनी और पक्षियों का मधुर कलरव, वातावरन को स्वर्ग जैसा �
00:43प्रकृती की इस गोद में एक अद्भुत शान्ती थी। चित्रकूट की सुन्दर था। जब राम ने उस थान को देखा
00:50तो उनके चहरे पर हलकी मुस्कान आ गई। उन्होंने कहा, ये स्थान अत्यंत सुन्दर और शान्त है, वनवास के दिन
00:56यहां सुख पूर्वक व्यत
01:12प्रकृती की सेवा राम ने लक्षमन से कहा, लक्षमन हमें यहां एक छोटी कुटिया बनानी चाहिए, यही स्थान हमारे वनवास
01:19का निवास होगा। लक्षमन ने तुरंत सिर जुका कर कहा, भाईया आपकी आग्या मेरे लिए आदेश है। लक्षमन की सेवा,
01:26लक्षमन �
01:27तुरंत काम में लग गए, उन्होंने जंगल से लकडिया इकठी की, पत्ते और बेले लाकर कुटिया बनाने की तैयारी शुरू
01:33कर दी। उनका हरिदय अपने बड़े भाई की सेवा के भाव से भरा हुआ था। राम भी उनके साथ काम
01:38करने लगे। दोनों भाई मिलकर लक�
01:55वन का ये साधारन जीवन उनके लिए नया था, लेकिन वे पूरे प्रेम और धैर्य से उसे स्विकार कर रही
02:01थी। कुटिया का निर्मान। कुछी समय में लक्षमन ने एक सुन्दर और साधारन कुटिया तैयार कर दी। वो कुटिया लकडियों
02:08और पत्तों से बनी थी। �
02:09उसका दर्वाजा खुला और हवादार था। कुटिया के सामने एक छोटा सा आंगन भी बनाया गया। ग्रह प्रवेश। कुटिया बन
02:16जाने के बाद राम ने सबसे पहले उस थान की पूजा की। उन्होंने वन देवताओं को प्रणाम किया और उस
02:22थान को पवित्र किया�
02:26ये उनका वनवास का पहला घर था। नया जीवन अब राम सीता और लक्षमन का वन जीवन वास्तव में शुरू
02:32हो चुका था। सुभा वे नदी में स्नान करते फिर फल और कंदमूलिक अठा करते। दिन का समय प्रकृती के
02:38बीच बीच बीथता। रात को वे कुटिया के �
02:40बाहर बैटकर चंद्रमा की रोश्णी में बातचीत करते। वन का शांत वातवरण। चित्रकूट का वातवरण अत्यंत शांत और पवित्र था।
02:48वहां अनेक रिशी मुनी तपस्या करते थे। कभी-कभी वे राम से मिलने आते और उनसे धर्म की बाते करते।
02:54सीता का संतो
02:551.
03:252.
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