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रामायण अयोध्या कांड — अध्याय 32 l Ramayana: Ayodhya Kanda — Chapter 32.
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00:00अयोध्या कांड का अध्याय 32, अत्यांत करुण और हिदय को जगजोड देने वाला प्रसंग है.
00:05इसमें भगवान राम की छोटे भाई भरत का अयोध्या लोटना, पिता दशरत की मृत्यू का समाचार सुनना और पूरे नगर
00:13का शोक दिखाया गया है.
00:14ये अध्याय भरत के चरित्र की महानता और उनके हृध्या की पवित्रता को जगर करता है.
00:20अयोध्या कांड अध्याय 32, भरत का अयोध्या लोटना और पिता की मृत्यू का समाचार.
00:25उस समय भरत अयोध्या में नहीं थे। वे अपने ननिहाल यानि कहकई देश में अपने मामा के हां गए हुए
00:32थे। उन्हें इस बात का बिलकुल भी पता नहीं था कि अयोध्या में क्या भयानक घटनाएं घट चुकी हैं। ना
00:38उन्हें राम के वनवास का समाचार था ना ही �
00:40पिता दशरत के दुख और मृत्यू का। अशुब संकेत। एक रात भरत को एक विचित्र और अशुब सपना आया। उन्होंने
00:47देखा कि उनके पिता दशरत अत्यंत दुखी अवस्था में हैं और उन्हें पुकार रहे हैं। उन्होंने ये भी देखा कि
00:53पूरा अयोध्य
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