00:00इतनी कीमत? क्या ये लोग बर्तनों में ही हीरे मोती लगा कर बेच रहे हैं?
00:05हरे मम्मी जी महंगाई का दोर है, इससे भी कम में और क्या ही मिलेगा? वैसे देवरानी जी ने क्या खरीदा है?
00:11दामी ने पानी से भी उसके बर्तन दिखाने को बोला, बानी की बिना डिजाइन वाले बर्तनों को देखकर कुसुम और दिशा उसे बुरा भुला सनाने लगी
00:19इसी लिए, सिर्फ इसी लिए मैं तुझे इस घर की बहु नहीं बनाना चाहती हूँ क्योंकि तु गरीब परिवार से आये और तुझे कोई अंदाजा नहीं कि हम जैसे बड़े लोग किस तरह की चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं, ये बर्तन किचन तक पहुँचने भी नह
00:49मेट्स से कहकर सारा समान रखवा दिया, अगले दिन घर की दीवारों पर पेंट करवाये जाने लगा, ज्यादा वरकर्स होने की वज़ा से कुछ ही दिन में घर में पेंट हो गया और अब पूरे घर की सफाई होनी थी, बानी ने अपने कमरे की सफाई खुद की और सभी च
01:19मेट्स को इतना बोल कर दामिनी शॉपिंग करने चली गई, वहीं बानी भी आयूश के साथ बाकी की शॉपिंग करने को निकली, तो बताओ, आई तुम्हें कहा जाना है, कपड़े लेने, गहने लेने या फिर चपले लेने, सबसे पहले मैं घर की सजावत का सामान लूँ�
01:49रंगोली के लिए रंग, मुंबत्ती और कुछ लटकाने वाली रंग भी रंगी लाइट्स और दिवाली के सबसे खास पटाखे
01:57आयूश को ये बाते अजीब लग नहीं थी, लेकिन फिर भी उसने बानी को ये सब लेने से मना नहीं किया
02:02वहीं दामिनी ने एक बड़े शोरूम में फरनीचर सेलेक्ट करके उसे अपने कमरे में ट्रांसफर करने को बोला
02:08कुशाल जी कुछ अच्छे वाल पेपर्स भी ले लीजे, इसके बाद मैं अपने लिए ड्रेस पसंद करने जाओंगी
02:13दामिनी, जो फरनीचर तुमने सेलेक्ट किया है इतना अच्छा नहीं है, जितना महेंगा है
02:17कुशाल दामिनी के आगे मजबूर हो गया और वही महेंगा फरनीचर सेट खरीदना पड़ा
02:29वो भी महेंगे वाल पेपर्स के साथ जिसकी पेवेंट कुशाल को अपने बैंक अकाउंट से करनी पड़ी
02:34करोड़ पती होने का मतलब यह नहीं है कि तुम अंदा धुन पैसा उठाओगी
02:48लेकिन दामिनी को कुशाल के बात नहीं सुननी थी
02:51उसने कुशाल का हाथ बकला और गालरी में बैट कर किसी अच्छे क्लोधिंग शोरूम में ले जाने को बोला
02:55मजबूर होकर कुशाल दामिनी को शेर के सबसे बड़े मेंगे शोरूम पर लेकर गया
03:00जहां एक भी ड्रेस एक लाख रुपई से कम की नहीं थी
03:03वहीं दूसी तरफ बानी ने अपनी सजावट का सारा समान ले लिया था
03:06अरे तुमने तो बहुत ही जल सारा समान ले लिया हमारे पास अभी भी टाइम है
03:10चलो मैं तुम्हें किसी अच्छे शोरूम से कपड़े दिला लाता हूँ
03:14नहीं आयूशी मैं दिवाली पर कोई महंगी ड्रेस नहीं बलकि अच्छी सी साड़ी पहनना चाहती हूँ
03:19चलो वो भी ठीक है लेकिन उसके लिए तुम्हें साड़ी तो लेनी पड़ेगी न
03:23इस पर बानी ने ही हामें गर्दन हिलाई और फिर आयूश बानी को एक साड़ी शॉप पर लेकर गया
03:29जहां से बानी ने सिर्फ एक प्लेन रेड कलर की साड़ी ली
03:32वहीं दामीनी को शोरूम की एक भी ड्रेस पसंद नहीं आ रही थी
03:35दामीनी यहां तुमने लगबक 50 चे उपर ड्रेसे देख लिए हैं लेकिन क्या तुम्हें एक भी अच्छी नहीं लगी
03:41कुछी देर में शोरूम की ओनर प्रीथी ने खुद दामीनी को अपने शोरूम की सबसे महंगी ड्रेस लाकर दिखाई
03:50इसके बाद प्रीथी ने अपने मैनेजर से उसके शोरूम की सबसे महंगी ड्रेस लाने को बोला
04:06जिस पर इतने चमकदार नग लगे हुए थे कि दुनिया के सबसे कीमती हीरे भी उन्हें देखकर शर्मा जाए
04:11नगों के चमकदें की वज़ा से ड्रेस का डिजाइन भी ठीक से दिख नहीं आ रहा था
04:15ये देखिये मैदम ये है हमारे शोरूम की अब तक की सबसे महगी ड्रेस जिसमें 80 स्टोन का वर्क किया गया है और इसकी कीमत सिर्फ 12 लाख रुपे है
04:26क्या मजाग है ये जुगनू जैसी ड्रेस 12 लाख की है इसका तो डिजाइन भी सवज में नहीं आ रहा
04:32कुशाल जी आपको इस बारे में कोई नॉलेज नहीं है ये ड्रेस सच में मेरे लेवल की लग रही है और मुझे यही ड्रेस चाहिए इसे पैक कर दो
04:39दामिनी ने तुरंत वो ड्रेस पैक करा दी जिस पर कुशाल को वो ड्रेस खरीदने पड़ गई
04:44दामिनी को घर लोटते लोटते रात हो गई बहीं बानी काफी देर पहले ही घर आ चुकी थी
04:48दामिनी ने सभी को लिविंग रूम में बुलाया और अपनी में मेहंगी ड्रेस दिखाई
04:52अरे क्या उठा लाई बहु ये इतना चमकीला मेरी तो आखे ही नहीं खुल लई है
04:57अरे इस ट्रेस में लाइट्स लगी हुई है क्या ये इतनी क्यों चमक रही है
05:02ममी जी ये यहां के सबसे बड़े शोरूम की सबसे मेहंगी ड्रेस है और आप इसे देखकर नाक मार रही है
05:08पदा है पूरे बारा लाग देकर मैं ये ड्रेस लेकर आई हूँ
05:11बारा लाग? दामिनी बहू
05:14हाथ से पहले तो तुने कभी तने महंगे कपड़े नहीं बनाए
05:17तो फिर इस बार तुझे क्या हो रहा है हाँ?
05:20तुने कोई भी चीज एक लाग से कम दाम में नहीं खरीदी है
05:23शुक्र मनाईए मम्मी जी कि मैं शॉपिंग यहीं से कर रही हूँ
05:27नहीं तो मैं विदेश भी जा सकती थी
05:29सच कहूं तो भाबी
05:31मुझे आपकी ड्रेस बिलकुल पसंद नहीं आई
05:34इस ड्रेस में चमकने के लाव और कुछ नहीं
05:36ना कोई शेप, ना कोई डिजाइन और किसने कहा की महंगी चीज़े अच्छी हो दिये
05:39मुझे बराकर कुसुम अपने कमरे में चली गई
05:51कुछ ही देर में बाकी सब भी नाराज होकर वहां से चले गई
05:54अगले दिन दामिनी अपनी ब्यूटी केर के लिए एक बड़े सेल में गई
05:58येस मैम आपको क्या करवाना है?
06:00दामिनी के बताने पर सलों में उसका ट्रीट्मेंट शुरू हो गया
06:10वहीं दूसरी तरफ बानी ने घर पर ये अपने चेहरे पर लगाने के लिए घरे लूब चार से पैक बनाया था
06:16बानी ने अपने हाथों से बनाया वो फेस पैक अपने चेहरे पर लगाया
06:28वहीं दूसरी तरफ दामिनी को आज सलों में पूरा दिन लग गया
06:32रात को दामिनी सलों से वापस लोटी लेकिन फिर भी उसके चेहरे पर बानी जैसा निखार नहीं था
06:39इसी तरह धीरी धीरे सारी तयारियां पूरी हुई और आज भारत के सबसे बड़े तयोहार यानी दिवाली का दिन था
06:44सुबर जल्दी उठकर सभी अपनी अपनी तयारियों में लग गए
06:47घर में महमान आने वाले थे
06:48दामीनी ने अपने कमरे में हर चीज नई रखवाई हुई थी
06:51वहीं बानी ने अपने पूरे कमरे को फूल और दियों से सजाया था
06:55शाम तक सभी महमान घर में आ गए
06:57जल्दी करो मुझे घर वापस लोटना है
07:00काफी देर बाद जाकर दामीनी तयार होकर घर वापस लोटी
07:07उसकी डैस, उसका मेक अप, उसके कपड़े सब कुछ ओवर लग रहा था
07:10उसके गालों पर गहरा बलश था और सिर पर नकली बाल भी लगे हुए थे
07:14आज तो सर्फ मैं ही दिखने वाली हूँ
07:16सब कुछ मेरे आगे फीका पड़ जाएगा
07:18दामीनी इतराती होई घर के आमदार पहुची जहां पर धेर सारे पड़ोसी और महमान आये हुए थे
07:25और जैसे ही सब की नजर उन पर गई तो सभी उसे देखकर चौंग गए
07:28सभी इसी तरह दामीनी को देखकर उसका मजाग बनाने लगे
07:50वही थोड़ी देर बाद बानी अपने कमरे से निकल कर बाहर आई
07:52उसने लाल साड़ी पहनी थी जिस पर काफी अच्छे कड़ाई हो रही थी
07:55साड़ी के पलू पर नग, मोती, सितारे और रेशम की भर कर कड़ाई थी
08:00वही उसके साड़ी लेकिन बारिक डिजाइन की जूल्री उसकी साड़ी के साथ परफेक्ट मैच कर रही थी
08:05बानी ने बालों की चोटी बनाई हुई थी जिस पर उसने नगों वाले चमकते हुए पूल लगाई हुए थे
08:10बाकी सबकी तरह ससुराल वाले भी बानी को देखकर हैरान थे
08:24बानी तुने तो बोला था कि तु साड़ी साड़ी लाई है
08:39और बरतन भी तुने सीधे सादे दिखाये थे तो पर ये सब कैसे
08:43वो असल में माजी
08:44बानी तुम इतना सिंपल सामान को लेकर आई हो तुमारी पसंद तो बहुत अच्छी है ना
08:50पसंद अच्छी है तभी तु सिंपल सामान लेकर आई हूं क्योंकि मैं इसे अपने हाथों से सजाऊंगी
08:55तु ने सच में ये सारा काम अकेले कर लिया?
09:11हा मा, बानी मेरी कमपनी में इंपलॉई थी और इसका यही सभाव, कलाकारी और काबलियत को देखकर ही ये मुझे पसंद आई
09:19और फिर हमने शादी कर ले, मैं ये बात आपको सबूत के साथ बताना चाहता था, इसलिए मैंने आपको पहली ये बात नहीं बताई
09:25अरे मानना पड़ेगा बखू, तुने तो बड़ी ही जल्दी हम सब का दिल जीत लिया
09:30अब हर तरफ सिर्फ बानी की ही तारीफ हो रही थी, दिशा ने भी बानी से अपने लिए एक ड्रेस तयार करने को बोला
09:37और बानी ने खुशी-खुशी हां कर दी, वहीं दामीनी भी तराती हुई, सब तरफ टेल रही थी
09:41बेवकूफ, इतना पैसा उठा कर भी तू ऐसा हुलिया बना कर आई और सब के सामने मेरी नाक कटा दी
09:47ममी जी, क्या मैं अच्छी नहीं लग रही हूँ
09:51अच्छी, बिल्कुल चुड़यार लग रही है तू, तुझसे अच्छी तो आज गरीब बहु लग रही है, हर कोई तारीफ कर रहा है, उसके पहनावे और काम की
09:57अगर तुझे जरासी भी शरम है, तो इस हुलिये को सही कर ले, हर कोई तेरा मजाग बना रहा है
10:03कुस्म के कैरे पर दामिनी ने सब तरफ नज़द दोड़ाई, तो उसने हर किसी को अपने उपर हसता हुआ पाया
10:08दामिनी का मुँ शरम से लाल हो गया और वो दोड़ कर अपने कमरे में चली गई
10:12वहीं कुस्म के मन से बानी को लेकर हर एक शिकायत अब खतम हुई और पूरे परिवार ने बानी को घर के बहुके रूप
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