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  • 5 weeks ago
"इस कहानी में एक अनोखी सीख छुपी है जो आपके जीवन को बदल सकती है! यह कहानी न केवल बच्चों के लिए बल्कि बड़ों के लिए भी एक प्रेरणा साबित होगी। अगर आपको नैतिक कहानियाँ (Moral Stories), प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspirational Stories) और हिंदी लघु कथाएँ (Short Stories in Hindi) पसंद हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है। पूरी कहानी देखें और अपने विचार हमें कमेंट में बताएं!


🔹 वीडियो की खास बातें:
✅ सुंदर एनीमेशन और इमोशनल कहानी
✅ हर उम्र के लिए अनुकूल
✅ सीखने और समझने योग्य नैतिकता

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Transcript
00:00मैं तुम्हें यही बताने वाला था, गाउं में मैं रूपाली से मिला
00:04ऐसा कहकर विक्रान सभी लोगों को रूपाली के बारे में सारी बाते बताता है और फिर कहता है
00:09रूपाली बहुत अच्छी लड़की है, उसकी अच्छाई का अंदाजा इसी बात से लगता है कि
00:14वो अपने पिता का कर्ज उतारने के लिए इतना दुख सहकर भी रमेश की दुकान में काम कर रही है
00:20पिताचे आपको हर गरीब लड़की शरीफ और दुख्यारी लगती है
00:24नहीं शीतल बहु, इस बार कुछ अलग है, दरसल मुझे वो अपने छोटे बेटे विवेक के लिए बहुत पसंद है
00:30और मैं उसे बहु बना कर लाना चाहता हूँ
00:33ये सुनकर तो सभी लोग जैसे सद्वे में आ गए थे, तभी रुकमडी बोलती है
00:37ये आप क्या कह रहे हैं, हमारे 1000 गज के इस बंगले में आप किसी 10 गज में रहने वाली लड़की को लाना चाहते हैं
00:44बहु तुम बड़ी घर से तो हो, लेकिन तुम ने इस घर में आकर अपने अलावा किस की चिनता की है? हर समय तो तुम्हें बस अपनी ही पड़ी रहती है
01:00पिता जी यदि आप किसी गरीब लड़की को बहु बना कर लाना ही चाहते हो तो कम से कम विवेग को तो इसके लिए तयार होना चाहिए
01:07नहीं भया मैं किसी भी राज चलती को अपनी पद्नी नहीं बनाऊंगा
01:11अगर उन्होंने फैसला कर लिया है तो अब हमें उस लड़की को ही अपने घर की बहु बनाना होगा
01:34बाद में हम देख लेंगे कि उसका क्या करना है
01:37रुकमिडी की इस बात पर सभी लोग सैमत हो जाते हैं
01:40अगले दिन विक्रांत अपनी पत्नी दोनों बेटे और बहु और बेटी के साथ रमेश के किराने की दुकान पर पहुंचता है
01:45जहां पर रुपाली काम कर रही थी
01:47विक्रांत कार से नीचे उतरता है और रमेश से कहता है
01:50अरे रमेश हमें रुपाली के घर जाना है जरा उसे हमारे साथ भेज दो
01:55हरे विक्रान ताज दुकान पर बहुत सारा काम है और उदित भी आता ही होगा फिर वो रुपाली को नहीं दिखेगा तो गुस्ता करेगा
02:02वैसे रुपाली के घर तुझे क्या काम है? मेरा मतलब है कि तुम जैसे अमीर व्यक्ति को रुपाली जैसे गरीब घरवालों से क्या काम हो सकता है?
02:10आप वो तो मैं बाद में बताऊंगा
02:12अच्छा रुपाली को छुटी नहीं मिल सकती है तो कोई बाद नहीं
02:15तू हमें उसके घर का पता दे दे
02:17हरे रुपाली का घर आगे से दाहिने मोड पर जाना
02:20वहाँ दस गज का एक घर है
02:22जिसके सामने काफी सारा कच्रा है
02:24तूटा-फूटा घर है वो ही रुपाली का घर है
02:26अब सभी लोग रुपाली के घर पहुंचते हैं
02:30जहां रुपाली के मान नर्मदा बैठी हुई थी
02:32विक्रांत नर्मदा से रुपाली के रिष्टे की बात करता है
02:35सारी बाते जानने के बाद नर्मदा रिष्टे के लिए हां कह देती है
02:39विक्रांत और उसके घरवाले नर्मदा को रुपाली के रिष्टे के शगुन के लड़ू देकर वहां से चले जाती है
02:44रात को जब रुपाली घर आती है तो सारी बाते सुनकर वो भी बहुत खुश हो जाती है
02:48अब दो महीने के अंदर धूमधाम से रुपाली की विवेक के साथ शादी हो जाती है
02:53और रुपाली दुलहन बनकर अपने बंगले की तरफ चल निकल पड़ती है
02:57वहीं कार एक बड़े से गेट के सामने आकर रुपाली कहती है
03:01सुनिये जी अभी हमारा घर और कितनी दूर है
03:05रुपाली के बाद सुनकर बगल की सीट पर बैठा विवेक कहता है
03:08जरा आँकों से देखो रुपाली तुम हमारे घर के गेट पर ही खड़ियो
03:12रुपाली कार से बाहर जहांकर देखती है तो वहाँ दो चौकीदार गेट खोल रहे थे
03:17वो कुछ देख नहीं पाती है उसके बाद कार बंगले के सामने आकर रुखती है
03:21रुपाली कार से नीचे उतरती है तो देखती है कि अंधेरे में भी वो बंगला रोश्णी से चमक रहा था
03:26बंगला इतना बड़ा था कि रुपाली को अपना सिर उचा करके देखना पड़ रहा था
03:30ये देखकर रुपाली मन में कहती है
03:33बापरे, इतने बड़े बंगले में है मेरा ससुराल
03:36हम घरीबों को तो ऐसे बंगले सपने में भी दिखाई नहीं देते
03:39जैसा मुझे मेरे ससुराल की रूप में मिला है
03:41अगर ये बंगला बाहर से इतना खूब्सूरत है तो अंदर से कैसा होगा
03:44वो बंगले को देखी रही थी कि तब युसकी जिठानी शेतल कहती है
03:48देवरानी जी अंदर चले
03:50उसके बाद वो बंगले की दर्वाजे पर आती है जहां नौकरानी शेला भाई आरती की थाली लेकर खड़ी होती है
03:56शेला भाई आरती उतार कर रुपाली का ग्रह प्रवेश करवाती है
03:59रुपाली कलश को गिरा कर अंदर आती है तो देखती है कि उसके ससुराल का हॉल किसी खूबसूरत महल के हॉल की तरह दिखाई दे रहा था
04:06हॉल इतना बड़ा है कि रुपाली चारो तरफ नजरें गुमा गुमा कर देख रही थी
04:11उसके सजावट इतनी खूबसूरत है कि रुपाली की आँखें बार बार उन सजावटों पर रुख जा रही थी
04:16तभी रुखमडी कहती है
04:18तभी विवेक रुपाली से कहता है
04:26चलो रुपाली अपने कमरे में चलते है
04:28विवेक सीडियों से उपर चड़ता है और रुपाली भी उसके पीछे पीछे जाती है
04:32रुपाली देख रही थी कि सीडियों के आसपास बहुत सारे कमरे दिखाई दे रहे थी
04:36सीडियों से उपर जाकर एक बहुत बड़ी बालकनी थी
04:39विवेक थोड़ा आगे जाकर दाहिने मुड जाता है
04:42जहां एक बहुत बड़ा दर्वाजा लगा था
04:45रुपाली देखती है कि वो दर्वाजा बहुत ही खुबसूरत है
04:48बिल्कुल किसी महल के दर्वाजी की तरह
04:50फिर विवेक दर्वाजा खोलता है और अपने कमरे में जाता है
04:53रुपाली भी विवेक के पीछे कमरे में जाती है
04:56रुपाली देखती है कि वो एक बहुत बड़ा बेडरूम था
05:00जहां पर बहुत खुबसूरत बैड लगा हुआ था
05:02और बड़े बड़े जूमर से पूरा कमरा सजा हुआ था
05:05और बैड के पास ही बड़ा सा लैंप रखा हुआ था
05:08और कमरे में बड़ी बड़ी खिडकिया थी जहां शानदार पड़ते लगे हुए थी
05:12रुपाली घूम घूम कर ये सब देख रही थी तभी विवेक कहता है
05:15रुपाली सामने कबड में तुम्हारे लिए काफी सारे कपड़े रखे हुए हैं
05:20तुम चेंज कर लो
05:21तब तक मैं भी चेंज कर लेता हूँ
05:24रुपाली सामने का कबड खोलती है तो देखती है कि उसमें बहुत सारे कपड़े रखे हुए थे
05:29ये देखकर रुपाली कहती है
05:31विवेग जी क्या ये सारे कपड़े मेरे लिए हैं?
05:34हाँ रुपाली माने आज ये सारा कबड तुम्हारे लिए तैयार करवाया है
05:38ये सुनकर रुपाली तो जैसे दंग ही रह जाती है
05:40उसके बाद वो एक नाइट सूट निकालती है और बात्रूम में जाती है
05:44रुपाली जैसे ही बात्रूम में घुसती है तो सबसे पहले उसे बहुत अच्छे खुश्बू आती है
05:49फिर रुपाली बात्रूम को देखती है, वो काफी बड़ा था, उसमें बड़ा सा टब रखा था, बड़े-बड़े शावर भी लगे हुए थे, तभी रुपाली मन में सोचती है
05:58ऐसा कहकर रुपाली कपड़े चेंज कर लेती है, और फिर बाहर आकर बैट पर ब्लैंके टोड़ कर बैट जाती है, रुपाली देखती है कि विवेक ने हीटर ओन कर दिया है, जिसकी वज़ा से कमरा थोड़ा गरम हो गया है, फिर विवेक रुपाली के पास बैटते हुए कह
06:28में जो में हम अजय को।
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