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World Waits With Abated Breath as the US-Iran Deal Nears Signing | Saurabh Shahi Explains
پروگرام دنیا میرے آگے کی اس قسط میں سوربھ کمار شاہی امریکہ اور ایران کے درمیان جاری مذاکرات، ممکنہ معاہدے، پابندیوں کے خاتمے، آبنائے ہرمز، جنگ بندی، حزب اللہ، جوہری پروگرام اور خطے میں امریکی فوجی موجودگی جیسے اہم موضوعات کا تفصیلی تجزیہ پیش کر رہے ہیں۔
اس گفتگو میں یہ بھی جاننے کی کوشش کی گئی ہے کہ آیا ڈونالڈ ٹرمپ انتظامیہ ایران کے مطالبات ماننے پر مجبور ہو رہی ہے، ایران اس بار سخت سودے بازی کیوں کر رہا ہے، اور ممکنہ معاہدے کی صورت میں مشرق وسطیٰ اور عالمی تجارت پر اس کے کیا اثرات مرتب ہو سکتے ہیں۔
اگر آپ عالمی سیاست، سفارت کاری اور مشرق وسطیٰ کی بدلتی صورتحال کو سمجھنا چاہتے ہیں تو یہ گفتگو ضرور دیکھیں۔
Are the United States and Iran moving toward a historic agreement, or is the current process only a preliminary Memorandum of Understanding (MOU)?
In this episode of Dunia Mere Aage, Saurabh Kumar Shahi analyzes the ongoing US-Iran negotiations, sanctions relief, the Strait of Hormuz, ceasefire demands, Hezbollah, Iran’s nuclear program, and America's military presence in the region.
The discussion explores whether the Trump administration is being pushed toward compromise, why Iran is bargaining harder than before, and what a future agreement could mean for the Middle East and global trade.
Watch for an in-depth geopolitical analysis of one of the most important diplomatic developments in the world today.

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Transcript
00:07अगर रतालीस घंटे के सरगर्मी को देखे तो ऐसा लगता है कि एक M.O.U. जैसी कोई चीज होने
00:13के काकार पर है
00:14अब ल तो यह है कि इसको हमें इस तरह से देखना होगा कि यह अभी फिलाल डील नहीं है
00:20यह फिलाल एक M.O.U.
00:21अमेरिका अब अवल निगोशेट कर रहा है उसको खोलने के लिए उसके इवज क्या है उसके इवज उसको बहुत सी
00:30रकम जो है जो इरान की है जो उसने फ्रीज कर रखी थी सैंक्सेंस के अंतरकत उसको उसको डिफ्रीज करना
00:37है और यह रकम बाद हलकों में कहने कि बारह बिल
00:42अब जितना भी है लेकिन इसको रिलीज किया जाएगा अब जो शिप्स होती है ये जो जंगी जहाज होते हैं
00:52जो बेरे होते हैं इनका जो मेंटेनेंस है उसकी फ्रिक्वेंसी बर जाती है उसका खर्चा बर जाता है और उसका
01:01एफर्ट बर जाता है तो ये अमेरिका खुद भ
01:11पा रहा है कि जो सिप सेंटर नेस्दली उसको किसी तरीके से वो वहां से निकल वा पा रहा है।
01:41सौरब कुमार शाही इस वक्ट चीन में वाजूद है।
01:45आईए इनी से जानते हैं कि दुनिया की सियासत में क्या कुछ हो रहा है।
02:11अब ऐसा पिछले अगर अरतालीस घंटों के यानि गतिविडियों को देखें अगर अरतालीस घंटे के सरगर्मी को देखें तो ऐसा
02:21लगता है कि एक M.O.U. जैसी कोई चीज होने के काकार पे है।
02:26अबल तो यह है कि इसको हमें इस तरह से देखना होगा कि यह अभी फिलाल डील नहीं है। यह
02:31फिलाल एक M.O.U. है।
02:33जैसे दो बिजनेस हाउसेज या कोई देश किसी बिजनेस हाउस के साथ मेमरिंडम ओफ अंडर्स्टेन्डिंग करता है।
02:41यानि एक framework बनाता है एक धाचा बनाता है इस की उस स्वरूप के अंदर उस धाचे के अंदर ही
02:46आगे जो भी मजाकरात होने हैं जो बातचीत होनी है या जो भी चीजें होगी उस धाचे के अंदर होगी
02:52उसको framework agreement कहते हैं लेकिन उस framework agreement से पहले एक चीज़ होती जिसको M.O.U. क
03:09होती है तो जो अभी अमेरिका और इरान के दरमयान हो रहा है उसको मैं strictly M.O.U. कहूंगा
03:15memorandum of understanding कहूंगा लेकिन एक common ground पे दोनों पहुंचते वे नजर आ रही हैं ये मैं क्यों कह
03:24रहा हूं नजर आ रहे हैं क्योंकि पिछले दो दिनों से जो Donald Trump के administration है अमेरिका में वो
03:32इसक
03:32defend करते वे नजर आ रही है दिफा करते वे नजर आ रही है कोई भी यानि Donald Trump का
03:39administration हो चाहे कोई भी administration हो वो अपना political capital जो जो उसका सियासी सरमाया है वो सियासी सरमाया
03:49उस चीज़ पे क्यों खर्च करेगा जो within reach नहों या जो बिलकुल होने वाली नहों क्योंकि यहां सियासी सरम
03:58आया within reach है इस पे इस कारण से दो ऐसा लग रहा है कि Donald Trump की administration उसका
04:07दिफा कर रही है यानि political capital खर्च कर रही है उसके दिफा
04:13दूसरी तरफ एरान के तरफ जो रद्यमरा आया है वो इस तरह से आया है कि वो nuances इससे में
04:22different वो differ कर रहे हैं वो कह रहे हैं कि Donald Trump ने बार बार जो अपने statement वकर
04:28देते हैं सब चीज़ देते हैं उसमें जो nuances हैं वो जो final points हैं उससे वो इतफाक नहीं रखते
04:35हैं लेकिन broader जो एक
04:39line है जिस दिशा में यह चीज़ चल रही है उससे वो इतफाक रखते हैं तो अब क्या ऐसी चीज़
04:44जिससे इतफाक रख रहे हैं और कैसी जिससे इतफाक नहीं रख रहे हैं अबल तो जो MOU है वो अपने
04:51आप में यह प्रूव करता है कि Donald Trump जो है उनके strategic हार अमेरिका के strategic हार
04:57यहां पर strategic हार हो चुकी है कैसे हो चुकी है कि अगर आप इसके major points को देखे हैं
05:03तो यह सारे वो points हैं इन में से at least maximum वो points हैं जो इस जंग से पहले
05:11थे ही नहीं यानि फर्स करें अभी कि अगर इसमें यह कहा जा रहा है कि आप blockade को खतम
05:18करें तो हम फिर state of hormones के blockade को मैं खतम कर�
05:23अब state of hormones तो blockaded था नहीं जंग से पहले तो यानि अमेरिका अब अवल negotiate कर रहा है
05:32उसको खोलने के लिए उसके इवज क्या है उसके इवज उसको बहुत सी रकम जो है जो इरान की है
05:41जो उसने freeze कर रखी थी sanctions के अंतरकत उसको उसको defreeze करना है और यह रकम बाज हलकों में
05:47कहने
05:48कि 12 billion dollar से बाज हलकों में कहने कि 24 billion dollar है अब जितना भी है लेकिन उसको
05:54release किया जाएगा अब तो यह है उसके बाद यह है कि अभी जिस चीज पे खिलाफ रहता है अमेरिका
06:03कहता है कि यह pre war के situation में रहेगा और इरान कह रहा है कि प्री war के situation
06:08में नहीं रहेगा इसमें हम तमाम fees �
06:11लगाएंगे हलाकि यहां पर भी technical मामला है टोल नहीं कह रहा है फी कह रहा है यानि कह रहा
06:16है कि टोल की जरुवत नहीं है लेकिन जो environment हार्म हो रहा है या जो हम security प्रोवाइड करेंगे
06:21उसके लिए हम जो है वो लगाएंगे फी लगाएंगे अमेरिका डोनल्ड टरम्प का �
06:28जो वक्त अब है वो यह कह रहा है कि नहीं ऐसा नहीं होगा इरान कह रहा है कि ऐसा
06:32होगा तो एक यहां या तो वहां पे एक तलाफ नजल आ रही है या अमेरिका यह मानने से कतर
06:37आ रहा है फॉर्मली कि कर फॉर्मली यह इस चीज़ को मान लेगा तो वो और बरी strategic defeat मानी
06:43जा�
06:56खा है जो नुकलियर का मामला है वो अगले साथ दिनों में जब भी यह इस मोहायदे पर जब भी
07:04सामसा इह मतलब यह मौहायदों तो नहीं कैसके है एम यू कह रहे हैं इस पे जब भी signature होगा
07:09उसके साथ दिनों में जाके अन मोहायदों पर यहीं जो नुकलियर �
07:26अमेरिका ट्रूप्स का ड्रॉडाउन करेगा यानि खिते से जो उसने मिलिटरी अपने असेट्स लगा रखे हैं उसको विड्रॉडा करेगा अच्छा
07:33अमेरिका डेस्परेट है ये करने के लिए उसके पिछे रीजन ये है ये चोटी सी चीज है शायद गर्मी महीने
07:41में जब
07:56फ्रिक्वेंसी बढ़ जाती है उसका खर्चा बढ़ जाता है और उसका एफ़र्ट बढ़ जाता है तो ये अमेरिका खुद भी
08:02चाहता है कि जितना ड्रॉडाउन कर सके क्योंकि हर दिन बिलियन्स और डॉलर अमेरिका का खर्च हो रहा है सिर्फ
08:07वहां पे रहने के लिए औ
08:23सिर्फ को ये लगता है कि भाई एक भी मिसाइल लग गया तो हमारा तो पूरा का पूरा जो जो
08:28माल है वो नुकसान हो जाएगा तो सिप जो है वो सिच्वेशन ये चाहती है इंटरनास्टल ट्रेड में कि भाई
08:34आराम से आप लोग पहले बात कर लें डिसकस कर लें जब सी�
08:47अबरका के सहीयोग से निकलने की कोशिश की है और उन पे मिसाइल हमला किया गया तो उन्हें वापस जाना
08:52परा है या उन पर हमला हो गया है
08:57तो जाहिड है उस situation में तो वो निकल नहीं सकते अब इसके अलावा जो issues हैं वो है nuclear
09:04issues तो अब तो जब ये पूरा का पूरा शुरू हुआ था तो तीन चार चीज़ें इसमें अमेरिका ने कही
09:11थी अब ये की regime change होगा वो नहीं उसके अब कोई बात नहीं हो रही है
09:16missile के range को curtail किया जाएगा उसकी कोई discussion अब नहीं हो रही है regional allies को आप support
09:22नहीं करेंगे यानि अंसार Allah को हजब Allah को हस्दल सभी को इनको आप नहीं करेंगे अब उस पी कोई
09:29बातचीत नहीं हो रही है
09:31बातचीत गुमफिट के nuclear issue पे हो गई है जो इरान हमेशा से कर रहा था जो भी deal हो
09:39जिस तरह की भी deal हो ये जे सी पी ओए जो अबामा के time में negotiate होई थी उस
09:44किसम की ही deal होने जा रही है
09:46और यही अपने आप में अमेरिका का सबसे बड़ा strategic defeat माना जाएगा जो highly enriched uranium है उसमें भी
09:55अफ़ी इक्तलाफ है अमेरिका ये चाहता है कि वो अमेरिका को swap दिया जाए
09:59इरान ये कहता है कि नहीं हम अमेरिका को नहीं शौपेंगे हम कुछ पार्ट उसका दूसरे तीसरे कंट्री को swap
10:04सकते हैं जैसे पिछली बार हुआ था जिस सी पी ओए के time में की रश्या को swap आ गया
10:08था
10:11या आईएएए के निगरानी में इरान के अंदर ही उस पे काम होगा और उसको यानि उसके enrichment level को
10:19नीचे लाया जाएगा इस पे बिकतलाफ है कल डूनल्ल टरम्प ने अपने तूरूट सूसर में कह दिया कि वो अमेरिका
10:24को दिया जाएगा इरान ने इसको सीरे से खारीज कर �
10:26या कि अमेरिका को हम कुछ भी नहीं देंगे हाला कि एक इस हफते एक इंटर्वियों डूनल्ल टरम्प ने ये
10:31कंसीड किया था कि अगर वो इरान के अंदर भी इसकी enrichment हो जाए तो वो भी उनको मनजूर है
10:39यानि वो दीरे दीरे वहाँ पर भी पीछे के तरह खिसकने लगे ह
10:43सेंक्शन डिलीउस के बात है उसमें भी इरान इस बार हार्ट बर्गिन करेंगा वो पिछली बार के तरह एसा नहीं
11:04चाहता है कि वो
11:07बहुत सारे संक्सेंस कॉंग्रेस के थुरू हैं, अब यह देखना है कि डिनोल ट्रम्प उसको वहां से निकाल पाते हैं,
11:12नहीं निकाल पाते हैं, वह अब करवा पाते हैं, लेकिन इरान इस बार हाड बारगेन स्ट्राइक कर रहा है, वो
11:21जेसी प्यूए जैसा कुछ भी नही
11:26पनी पर जिसकी डिपेंडेंसी हो, तो इन चीजों पर होगी, जो इंडिश्मेंट का मामला है, उसमें भी इरान जिरो इंडिश्मेंट
11:33के लिए अगरी नहीं करेगा, हाँ, सस्पेंड कर सकता है, यह कह सकता है कि फलाना इतने सालों के लिए
11:38हम सस्पेंड कर देंगे, डोनल
11:54करने का नहीं संसेट क्लॉज लगाना होगा, अभी तक जो बाचीत से ऐसा लगड़ा है, कुछ बारा से पंदरा साल
12:00टाइप का कुछ कुछ डिसकर्शन होगा, जिसके बाद यह संसेट क्लॉज जो है, वो इस पे लग जाएगी, यानि वो
12:06मोमेंटरली आप जो हैं वो सस्प
12:24अब बस इतना बचा है, और वो गैप अगर पूरा हो जाता है, हाँ, सॉरी, एक चीज़ पर कहना भोल
12:30गया है, कि हजब लगा भी इसमें शामिल है, कि इरान ने इंसिस्ट किया है, कि जब तक प्रॉपर सीज
12:35फायर लिबनान का नहीं होगा, तब तक वो इस मोहाइदे पर स
12:52हैरास से हमें नावादा है, हमेशा की तरह आखीर में तमाम नाजरीन और सामाईन से गुजारिश करता हूँ, कि वो
13:02अपनी की आरा और तजावीज हमें जरूर रिसाल करें, ताके हम प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को आपके लिए मजीद दिल्टस,
13:15जामे और बावाने �
13:16बना सके, हम अगले प्रोग्राम में फिर हादिर होंगे, एक नए रुख, एक नए जावीज के साथ, तब तक के
13:27लिए अपनी मुझबत सोच को जिन्दा रखिए, और प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को देखते रही है,
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