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UAE chooses isolation and ruin over regional ties. Saurabh Shahi explains
پروگرام ’دنیا مرے آگے‘ کی نئی قسط میں ایک بار پھر ’قومی آواز‘ کے ڈیجیٹل ایڈیٹر سید خرم رضا نے عالمی سیاست میں جاری ہلچل پر ماہر تجزیہ نگار سوربھ کمار شاہی سے بات کی۔ اس بار متحدہ عرب امارات کی ’اوپیک‘ سے علیحدگی، امریکہ کے سامنے ایران کی نئی شرائط اور ایرانی وزیر خارجہ سید عباس عراقچی کے حالیہ دورۂ عمان و ماسکو کے اثرات پر سیر حاصل گفتگو ہوئی۔ دیکھیں یہ ویڈیو...

#Geopolitics #MiddleEast #UAE #GlobalPolitics #InternationalRelations
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00:13पूरा का पूरा जो तेल को लेके है ये ट्रंप को खुश करने के लिए है
00:17जाहि�rov कि ओपेक का एक प्रॉडक्षन का एक लिम्मिट है
00:20और ट्रंप को खुश करने के लिए UAE ने ये दिखाया है कि देखो हम इस से बाहर निकल जाएंगे
00:25तो हम जितना production बढ़ाना चाहें बढ़ा सकते हैं
00:28और उससे दुनिया भर में तेल की कीमत जो है वो नहीं गया था
00:32कि nuclear program हम उनका खतम करने वाले हैं
00:34अब पादा चला कि nuclear program ही बाद में discuss हो रहा है
00:37और जो चीज पहले से problem थी भी नहीं
00:40मने चौबे गए शब्बे बने दूबे बन के आ गए
00:42कि भाई वो हर्मूज वाला तो कोई मामला ही नहीं था
00:45अब हर्मूज ही जब उस पर पहले राउंड की डील हो रही है
00:48तो बढ़ा मुश्किल होगा Trump को कि वो अपने domestic audience को इसको बेचेगा
00:51नाम से चल रहा organization of petroleum exporting country
01:10नाजरीन और सामाईन का इस्तखबाल है
01:12मैं हूँ आपका मेजबान स्यद खुर्म रजा
01:15कौमी आवास का digital editor
01:19ये प्रोग्राम fashion herald नवजीवन और कौमी आवास की जाने के पेश किया जा रहा है
01:26सौर्फ शाही साब आज के इस podcast में हम एक नहायत एहम और दिल्चस्प मौजू पर आप से राय जानना
01:34चाहते है
01:36हाल्या आल्मी हालात में तरवनाई की सियासत ने एक नया रुख इखियार कर लिया है
01:42और इस तनाजर में ये सवाल बहुत एहम हो जाता है
01:45कि मुद्धा अरभ इमाराथ यानि यूएए ने ओपिक से अलग होने का फैसला क्यूं किया
01:53इस फैसले के पसे मंदर में कौन से माशी सियासी और स्ट्रेटिजिक अवामिल कार फरमा है
02:02साथ ही हम अपने कारईईन के लिए ये भी समझना चाहेंगे
02:06कि ओपिक दरअसल क्या है इसके क्याम का मकस्द क्या था और आज के दोर में आलमी तेल की मंदी
02:14पर इसका क्या असर किसी हद तक बाकी है
02:19मजीद इरान और अमरीका के दर्मयान बढ़ती हुई कशीद्गी के पेशे नजर ये जानना भी जरूरी है
02:25कि मुम्किना जंग या तनाजे का मुस्तक्बिल क्या हो सकता है और खिते पर इसके क्या असरात मुर्टब हो सकते
02:34हैं
02:36सबसे पहले हम आप से जानना जाएंगे
02:38मुत्तादा अरब इमाराथ यानि यू एई उपेक से अलग होने का फैसला क्यों किया
02:46इसके पीछे कौन से माशी और सियासी अवामिल कारफर्मा है
02:52अगर आप यूनाइटिड अरब अमिराथ के हिस्ट्री को देखेंगे
02:58कम पिछले कई सालों से तो आपको ये समझ में आएगा कि
03:03स्टेजिक मिस्टेक्स पर स्टेजिक मिस्टेक्स वो करता है
03:08जितना वो क्लोज एलाई इसरेल का है और जिस तरह से उसने अपने आपको इसरेल के साथ इंटिग्रेट किया है
03:15उससे उसको लगता था कि उसको सिकरिटी इरान के अगेंस में मोहिया हो जाएगी
03:20अब वो हुआ नहीं
03:23बेंताहा पिटाई हुई है उसकी अभी और बेंताहा पिटाई के बाद ये है कि वो तो तब हुई है जब
03:29एरान ने उब उसके सिविलियन इरलाकों पर हमला करना शुरू किया दिन
03:33ये तो सिर्फ वो उन जगों पे जहां इसरेली और अमेरिकी इंट्रेस्ट हैं उन पे हमला करना शुरू किया है
03:42अब लोगों को ये लग रहा होगा कि अच्छा ये पिटाई के बाद उनको समझ में आ गया दिमाग खुल
03:47गया होगा
03:47कि भाई अब तो ये जो हमारा दाव था कि भाई इसरेल के साथ हम करेंगे तो हमें यहां पे
03:53सिक्यूरिटी नसीब हो जाए तो वो नहीं हुआ तो शायद उससे कुछ सीखेंगे लेकिन नहीं अब ऐसा लग रहा है
04:00कि मिडिल इस्ट में भी वो एक आइसलेसलिस पॉलिसी के ल
04:17लो फिर वो 40,000 रुपे अब यूनाइटर डरब एमिराद की हो गई है यह पूड़ा का पूड़ा जो तेल
04:27को लेके है यह ट्रम्प को खुश करने के लिए है जाइड है कि ओपे का एक प्रोड़क्शन का एक
04:32लिमिट है और ट्रम्प को खुश करने के लिए यूए ने ये �
04:37देखो हम इससे बाहर निकल जाएंगे तो हम जितना प्रोड़क्शन बढ़ाना चाहें बढ़ा सकते हैं और उससे दुनिया भर में
04:43तेल की कीमत जो है वो नहीं बढ़ेगी
04:46अब इसमें मसले दो हैं इसमें मसला दो ये है कि जो अल्रेडी इस्ट वेस्ट पाइपलाइन है जिसके थूँ वो
04:53तेल सप्लाई कर रहा था साओधी अरब के थूँ उसकी एक्सेस उसको कम हो जाएगी
04:59कि जाहिए वो उपेक के अंदर था और साओधी अरब खुद देखेगा कि वो कैसे इसको यानि मिटिगेट कर सकता
05:07है क्योंकि ये सिचुएशन साओधी अरब के लिए सही नहीं है
05:11दूसरा जो फुजैरा से पाइप्लाइन जा रही है उसके बारे में कल मैंने कई तजिया सुना लोगों का क्यों कह
05:18रहे थे कि अब जीतना चाहिए बढ़ा सकता है प्रोडक्शन हो रही है तो फुजैरा वाला पाइप्लाइन अल्रेडी अपने मैक्सिमम
05:23कैपसिटी पे चल
05:24रही है विचिस टू मिलियन डॉलर अवल तो यह दूसरा यह कि अगर यह लॉंग टर्म चलता है और वार
05:31दूसरा एगनाइट होती है तो दो ड्रून की ज़रूरत है बस एरान को और फुजैरा जो है वो पतम हो
05:38जाएगा वहां कुछ रहेगा नहीं तो यह मोस्टली जो है �
05:44टर्म्प को खुश करने के लिए यानि वोई जो एक जो महाज बनता हुँ ओ, वहां जो आपको दिख रहा
05:49था, इसरेल अमेरिका और तेमिलाद का उसको खुश करने के लिए, यह क� maintख रही है रियर वर्ड में, फिलहाल
05:59इसके असराद जो है वो देखने को नहीं मिलेंगी,
06:01जैसा मैंने पहले कहा कि मैक्सिमम तेल आने हैं वो हरमुज से ही आने हैं और मुझ को बाइक पास
06:10करके जो फुजयरा वाली पाइपलाइन उसकी अपनी एक लिमिटेशन है और उस लिमिटेशन के मद्दे नजर अगर वहां आप देखेंगे
06:19तो दो मिलियन बैरल से जादा वो
06:31शॉट फॉल पर डे आपको नजरा आए तो ये इसके पीछे में मकसद नजरा आ रहे हैं जो सिंक मनी
06:38सिंड्रोम कहते हैं वो प्राइमेरली यहां पे देखने को लेगा है तरसल अपेक है क्या इसकी तश्कील मकासिद और आलमितन
06:47तेल की मंडी में इसका किरदार तफसील से
06:50करें देखें जैसा की नाम से पता चल रहा है औरनाइजेश्चन और पेट्रॉल्यम एकस्वोर्ट करते हैं अला कि दुनिया के
07:01और जो
07:03बहुत सारे ऐसे भी मुमालिक हैं जो तेल एक्सपोर्ड करते हैं जो ओपेक का हिस्ता नहीं है लेकिन ओपेक के
07:08साथ एक दूसरी औरगनाइजेशन है जिसका नाम है ओपेक प्लस जैनि ओपेक में 12 मुमालिक और उसके अलावा ओपेक प्लस
07:15जो है उसमें कुछ ऐसे मुमालिक
07:17हैं जो opaque में तो नहीं है लेकिन opaque के साथ coordinate करते हैं कि किस तरीके से यानि
07:24oil prices पे एक नियंतरन रखा जा सकी क्योंकि बहुत जादा oil आप market में डालेंगे तो
07:31prices जो हैं वो नीचे गिड़ जाएंगी और कम बहुत करेंगे तो जाहिर है कि आपके अपने
07:48एक balance बना होता है कि दुनिया में petroleum का भी price जो है वो ऐसा रहे कि industrial जो
07:55problem वगरा है वो देखने को ना मिले
07:57और साथ ही साथ ये भी होगा दूसरा ये भी होता है कि जो countries ये तेल का उत्वादन कर
08:04रही हैं उनके जो अपने जो budgetary यानि
08:09demands है उन country के उसको ये fulfill करता रहा है और ये more or less ये सही तरीके से
08:16काम करता रहा है
08:18संयुक तरब इमरात का इससे निकलना of course इसके लिए एक जटका है लेकिन वो इनके पास और भी tools
08:25है जिससे ये mitigate कर सकता है
08:28दूसरी चीज़ एक याद रखें कि संयुक तरब इमरात अगर बहुत जादा strategically इसको चैलेंज करने की कोशिश करेगा
08:41तो sabotage operations जैसी चीज़ें भी देखने को मिलेगा तो ये भी हो सकता है कि संयुक तरब इमरात के
08:46किसी oil field को sabotage में उड़ा दिये जाए
08:48या उसके किसी उसको pipeline को मारके छेद कर दिया जाए उसके किसी gas field को जो है वो उसके
08:55हमला कर दिया जाए तो ये भी देखने को मिल सकता है या एक अनिश्चित्ता का दौर जो है वो
09:00यहां आपको नजर आएगा जहां तक opaque का सवाल है तो I think उसके पास अभी भी tools और वेर
09:07वि�
09:10करके अपने आपको वापस से relevance में ला सकते हैं क्या मुत्हदा अरब इमारात के इस कदम से साओधी अरब
09:19और मुत्हदा अरब इमारात के दर्मियान खलीच बढ़ जाएगी देखिए तो already आप देखी रहे हैं कि बरीवी है ही
09:29तमाम जगों पे वो problems आपको सुडान हो चाहे
09:33लिबिया हो चाहे वो यमन हो उन जगों पे हमने वो देखा है अभी जब हमला हो रहा था तो
09:39एक थोड़ा बहुत एक यगजहती जो है वो देखने को मिली लेकिन अभी भी इंटरस्ट सब क्या लागी है साओधी
09:46अरब ने पाकिस्तान से कहके यह जो mediation है वो शुरू करवा
09:53यूए दूसी तरफ इससे नाराज था और इसलिए उसने पाकिस्तान से कहा कि वो जो तीन बिलियन सारे तीन बिलियन
10:00डॉलर या तीन बिलियन डॉलर जो उसने पाकिस्तान को दे रखे थे लोन में उसको वापस चुका है पाकिस्तान ने
10:07उसको चुका भी दिया साओधी अर
10:12प्रॉंट जैसी चीज है वो यहां नजर आ रही है कि दोनों के इंटरेस्ट अब मैच नहीं करते हैं।
10:42से बाहर रहना उसके सिच्वेशन को और अंटेनेवल बनाएगा। यानि बाकियों को तो पता है कि जब तक हम हमला
10:49नहीं करेंगे, हम पर हमला नहीं होगा। लेकिन UAE के साथ अगर वो इस सिक्रेटी आर्खिटेक्चर का हिस्सा नहीं बनता
10:56है, जो भी डिजिनल सिक्रेटी आ
11:10या हमला कर सकता है, कहते हुए कि इसरेल के जो एजेंट्स हैं और इसरेल का जो मेन लांचिंग ग्राउंड
11:18है, वो UAE है। और इसलिए हम अपने दिफा में प्रियम्टिवली हम उसको मिटिगेट करने की कोशिश कर रहे हैं,
11:27यह हमेशा इरान के पास आप्सन रहेगा, UAE को
11:32काट्टेल करने की इरान ने अमरीका के सामने कौन सी नई शरायत रखी हैं, इन शरायत के खिते और आलमी
11:40सियासत पर क्या असरात मुरत्ब हो सकते हैं, सारफ साब आपको बताईए, लेकि यह जो नया प्रॉपोजल है, उसमें प्राइमरली
11:49इरान ने यह कहा है कि ब्लॉके�
12:02अब नुकलियर वेपन वाली जो बात है, जो नुकलियर प्रॉग्राम वाली बात है, जिसको अमरिका यह कहता है, उसमें बात
12:10-चीज जो है वो बात में करेंगा।
12:11अब मसला ये ट्रम्प के साथ है कि ये प्रपोजल वो अपने डॉमेस्टिक ओर्डियन्स को कैसे बेचे तो यही गया
12:18था कि नुक्लियर प्रोग्राम हम उनका खतम करने वाले हैं अब पता चला कि नुक्लियर प्रोग्राम ही बाद में डिसकस
12:23हो रहा है और जो चीज पहले से
12:25प्राब्लेम थी भी नहीं मने चौबे गये चब्बे बने दूबे बन के आ गये कि भई वो हर्मूज वाला तो
12:32कोई मामला ही नहीं था अब हर्मूज ही जब उस पर पहले राउंड की डील हो रही है तो बड़ा
12:36मुश्किल होगा ट्रम्प को कि वो अपने डॉमेस्टिक ओर
12:49और बाहर भी वो गिरते जा रहें तो उसको भी देखना पड़ेगा कि किस तरीके से ये इसको मैनेज ट्रम्प
12:57कर पाते हैं उन्होंने ये कहा है कि वो इससे बहुत खुश नहीं इस प्रपोजल से लेकिन उन्होंने आउटराइट उसको
13:04रिजेक्ट भी नहीं किया और अग
13:16इरान का जो सिस्टं हो चर्मडा गया है और वो हमसे कह रहा है कि वर जो जो उनकी अमेरिका
13:27की अपनी स्किती है उसको इरान पर पर स्मार्ट आदमी ही नहीं है कि उसको सीचुशन सही में समझ में
13:43आयकि वो काहा फहसा हुआ है
13:45और वो अपनी एक खाबों की दुनिया में रहे रहा है जिसमें कि वो चीज लिखता है जो उसको लगता
13:51है कि ऐसा हो रहा है यानि डिलूजन में डिलूजनल है पर बास लोग ये भी कह रहे हैं और
13:58इस हावाले से जेडी वांस का भी ये कहना है कि पेंटागन जो फिक हेक्सेत
14:02के अंदर पेंटागन है वो ही गलत रिपोर्टिंग गलत इंटेलिजन्स उसको महया करा रही है और गलत इंटेलिजन्स महया कराने
14:11से हो यू रहा है कि डोनल्ड ट्रम्प को सही सिच्वेशन ही पता दिंग है उसको वही चीज़ा बताई जा
14:19रही है जिसको सुनके वो फु�
14:32सही हो ऑप्शन बीवी सही हो हो सकता है कि और बी दोनों सही यानि ये दोनों चीज़ें हो सकते
14:41हैं तो वो डिलूजन्स से कब बाहर निकलते हैं ये डिसाइड करेगा कि ये डील आगे इस तरह होगी या
14:49नहीं आए है इरानी वजीर खारजा बास इराकची के हल या दॉरा �
14:55अमान और मॉस्को को आप किस नदर से देखते हैं सारफ सार क्या ये सफारती पे इश्रफ किसी बड़े महाइदे
15:03या तब्दीली की तरफ इशारा है देखें ये तो इसी ये जो नए प्रपोजल है उसके उस पर ही हुआ
15:11है
15:11तो रस्या के साथ जो विजिट है उसमें हो सकता है कि एक चीज और डिसकस हुई हो आपको याद
15:18है कि हाईली इंडिस्ट इडिनियम वाला मामला है अमेरिका कह रहा है कि वो इरान को गिवाप करना पड़ेगा इरान
15:25कह रहा है कि अमेरिका को नहीं देंगे तो एक प्रपोजल
15:42तो शायद इस पर भी कुछ पातचीत हुई है कि ये मेकैनिजम हो सकता है नहीं हो सकता है ये
15:48बिल्कुल पिछले जैसा ही होगा तो उस पर भी बातचीत हुई है और जाहिर है कि जो एक डिप्लोमेटिक पर
15:57श्रफ्त है वो भी आपको यहाँ पर नजर आएगा
16:01कि ओमान जाना और साओधी अरब के फॉरेंग मिश्टर से फोन पर बातचीत करना ये सब इसी टॉक्स के ही
16:12को ही जिन्दा करने का एक जिसको उसकी कवायत कह सकते है यानि वो जो एक इस्टेलमेट में अटका हुआ
16:21है उसको किक स्टार्ट करनी के कोशिश जैसी चीज़ न�
16:31क्या हालात बेतरी की तरफ जाएंगे या मजीद विगार का इमकान है लेकर अब ट्रम्प को एपटाइट तो नहीं है
16:40वो और के लिए क्योंकि फिट चुका है ये था कि जो गलत फहमिया उसको 27 तारिख के रात को
16:4728 के सुबह तक थी वो गलत फहमिया तो अब नहीं है लेकि
16:56कुछ और गलत फहमिया तो हैं ये डिल्यूजन के अभी हमने बात की कि डिल्यूजन वर में रह रहा है
17:00अब वो डिल्यूजनल कब तक है इसलिए मैं कोई किसी किसम की प्रेडिक्शन ट्रम्प के मामने इसलिए नहीं कर सकता
17:07क्योंकि हम एक नॉर्मल इनसान की बात नहीं कर �
17:22हो तो ऊस्में प्रेडिक्शन बरा जो हैं मुश्किल हो जाता है अमेरिकां इंटलीजन्स की जो रिपोर्ट है या जो इनडिपेंड़ेंट
17:32और एंटलीजन्स एजेंश दुनिया के उनका यह कहना जरूर रह है कि अमेरिकां की मिलिटरी सलाहियत इतनी नहीं है कि
17:39वो इस ज
17:52ये थे हमारे मेमान सौरफ कुमार शाही जो उपक और इस से जुड़ी सियासत पर तफसील से रोश्टी डाल रहे
18:00थे
18:01हमेशा की तरह आखिर में तमाम नाज़ीन और सामाईन से गुजारिश करता हूँ
18:06कि वो अपनी खीमती आरा और तजावीज हमें दरूर रिर्साल करें
18:11ताके हम प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को आपके लिए मज़ीद दिल्चस्प जामे और बामाने बना सकें
18:19हम अगले प्रोग्राम में फिर आदिर होंगे एक नए रुख एक नई सोच के साथ
18:24तब तक के लिए अपनी मुझब सोच को जिन्दा रखे और प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को देखते रहे हैं
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