00:13पूरा का पूरा जो तेल को लेके है ये ट्रंप को खुश करने के लिए है
00:17जाहि�rov कि ओपेक का एक प्रॉडक्षन का एक लिम्मिट है
00:20और ट्रंप को खुश करने के लिए UAE ने ये दिखाया है कि देखो हम इस से बाहर निकल जाएंगे
00:25तो हम जितना production बढ़ाना चाहें बढ़ा सकते हैं
00:28और उससे दुनिया भर में तेल की कीमत जो है वो नहीं गया था
00:32कि nuclear program हम उनका खतम करने वाले हैं
00:34अब पादा चला कि nuclear program ही बाद में discuss हो रहा है
00:37और जो चीज पहले से problem थी भी नहीं
00:40मने चौबे गए शब्बे बने दूबे बन के आ गए
00:42कि भाई वो हर्मूज वाला तो कोई मामला ही नहीं था
00:45अब हर्मूज ही जब उस पर पहले राउंड की डील हो रही है
00:48तो बढ़ा मुश्किल होगा Trump को कि वो अपने domestic audience को इसको बेचेगा
00:51नाम से चल रहा organization of petroleum exporting country
01:10नाजरीन और सामाईन का इस्तखबाल है
01:12मैं हूँ आपका मेजबान स्यद खुर्म रजा
01:15कौमी आवास का digital editor
01:19ये प्रोग्राम fashion herald नवजीवन और कौमी आवास की जाने के पेश किया जा रहा है
01:26सौर्फ शाही साब आज के इस podcast में हम एक नहायत एहम और दिल्चस्प मौजू पर आप से राय जानना
01:34चाहते है
01:36हाल्या आल्मी हालात में तरवनाई की सियासत ने एक नया रुख इखियार कर लिया है
01:42और इस तनाजर में ये सवाल बहुत एहम हो जाता है
01:45कि मुद्धा अरभ इमाराथ यानि यूएए ने ओपिक से अलग होने का फैसला क्यूं किया
01:53इस फैसले के पसे मंदर में कौन से माशी सियासी और स्ट्रेटिजिक अवामिल कार फरमा है
02:02साथ ही हम अपने कारईईन के लिए ये भी समझना चाहेंगे
02:06कि ओपिक दरअसल क्या है इसके क्याम का मकस्द क्या था और आज के दोर में आलमी तेल की मंदी
02:14पर इसका क्या असर किसी हद तक बाकी है
02:19मजीद इरान और अमरीका के दर्मयान बढ़ती हुई कशीद्गी के पेशे नजर ये जानना भी जरूरी है
02:25कि मुम्किना जंग या तनाजे का मुस्तक्बिल क्या हो सकता है और खिते पर इसके क्या असरात मुर्टब हो सकते
02:34हैं
02:36सबसे पहले हम आप से जानना जाएंगे
02:38मुत्तादा अरब इमाराथ यानि यू एई उपेक से अलग होने का फैसला क्यों किया
02:46इसके पीछे कौन से माशी और सियासी अवामिल कारफर्मा है
02:52अगर आप यूनाइटिड अरब अमिराथ के हिस्ट्री को देखेंगे
02:58कम पिछले कई सालों से तो आपको ये समझ में आएगा कि
03:03स्टेजिक मिस्टेक्स पर स्टेजिक मिस्टेक्स वो करता है
03:08जितना वो क्लोज एलाई इसरेल का है और जिस तरह से उसने अपने आपको इसरेल के साथ इंटिग्रेट किया है
03:15उससे उसको लगता था कि उसको सिकरिटी इरान के अगेंस में मोहिया हो जाएगी
03:20अब वो हुआ नहीं
03:23बेंताहा पिटाई हुई है उसकी अभी और बेंताहा पिटाई के बाद ये है कि वो तो तब हुई है जब
03:29एरान ने उब उसके सिविलियन इरलाकों पर हमला करना शुरू किया दिन
03:33ये तो सिर्फ वो उन जगों पे जहां इसरेली और अमेरिकी इंट्रेस्ट हैं उन पे हमला करना शुरू किया है
03:42अब लोगों को ये लग रहा होगा कि अच्छा ये पिटाई के बाद उनको समझ में आ गया दिमाग खुल
03:47गया होगा
03:47कि भाई अब तो ये जो हमारा दाव था कि भाई इसरेल के साथ हम करेंगे तो हमें यहां पे
03:53सिक्यूरिटी नसीब हो जाए तो वो नहीं हुआ तो शायद उससे कुछ सीखेंगे लेकिन नहीं अब ऐसा लग रहा है
04:00कि मिडिल इस्ट में भी वो एक आइसलेसलिस पॉलिसी के ल
04:17लो फिर वो 40,000 रुपे अब यूनाइटर डरब एमिराद की हो गई है यह पूड़ा का पूड़ा जो तेल
04:27को लेके है यह ट्रम्प को खुश करने के लिए है जाइड है कि ओपे का एक प्रोड़क्शन का एक
04:32लिमिट है और ट्रम्प को खुश करने के लिए यूए ने ये �
04:37देखो हम इससे बाहर निकल जाएंगे तो हम जितना प्रोड़क्शन बढ़ाना चाहें बढ़ा सकते हैं और उससे दुनिया भर में
04:43तेल की कीमत जो है वो नहीं बढ़ेगी
04:46अब इसमें मसले दो हैं इसमें मसला दो ये है कि जो अल्रेडी इस्ट वेस्ट पाइपलाइन है जिसके थूँ वो
04:53तेल सप्लाई कर रहा था साओधी अरब के थूँ उसकी एक्सेस उसको कम हो जाएगी
04:59कि जाहिए वो उपेक के अंदर था और साओधी अरब खुद देखेगा कि वो कैसे इसको यानि मिटिगेट कर सकता
05:07है क्योंकि ये सिचुएशन साओधी अरब के लिए सही नहीं है
05:11दूसरा जो फुजैरा से पाइप्लाइन जा रही है उसके बारे में कल मैंने कई तजिया सुना लोगों का क्यों कह
05:18रहे थे कि अब जीतना चाहिए बढ़ा सकता है प्रोडक्शन हो रही है तो फुजैरा वाला पाइप्लाइन अल्रेडी अपने मैक्सिमम
05:23कैपसिटी पे चल
05:24रही है विचिस टू मिलियन डॉलर अवल तो यह दूसरा यह कि अगर यह लॉंग टर्म चलता है और वार
05:31दूसरा एगनाइट होती है तो दो ड्रून की ज़रूरत है बस एरान को और फुजैरा जो है वो पतम हो
05:38जाएगा वहां कुछ रहेगा नहीं तो यह मोस्टली जो है �
05:44टर्म्प को खुश करने के लिए यानि वोई जो एक जो महाज बनता हुँ ओ, वहां जो आपको दिख रहा
05:49था, इसरेल अमेरिका और तेमिलाद का उसको खुश करने के लिए, यह क� maintख रही है रियर वर्ड में, फिलहाल
05:59इसके असराद जो है वो देखने को नहीं मिलेंगी,
06:01जैसा मैंने पहले कहा कि मैक्सिमम तेल आने हैं वो हरमुज से ही आने हैं और मुझ को बाइक पास
06:10करके जो फुजयरा वाली पाइपलाइन उसकी अपनी एक लिमिटेशन है और उस लिमिटेशन के मद्दे नजर अगर वहां आप देखेंगे
06:19तो दो मिलियन बैरल से जादा वो
06:31शॉट फॉल पर डे आपको नजरा आए तो ये इसके पीछे में मकसद नजरा आ रहे हैं जो सिंक मनी
06:38सिंड्रोम कहते हैं वो प्राइमेरली यहां पे देखने को लेगा है तरसल अपेक है क्या इसकी तश्कील मकासिद और आलमितन
06:47तेल की मंडी में इसका किरदार तफसील से
06:50करें देखें जैसा की नाम से पता चल रहा है औरनाइजेश्चन और पेट्रॉल्यम एकस्वोर्ट करते हैं अला कि दुनिया के
07:01और जो
07:03बहुत सारे ऐसे भी मुमालिक हैं जो तेल एक्सपोर्ड करते हैं जो ओपेक का हिस्ता नहीं है लेकिन ओपेक के
07:08साथ एक दूसरी औरगनाइजेशन है जिसका नाम है ओपेक प्लस जैनि ओपेक में 12 मुमालिक और उसके अलावा ओपेक प्लस
07:15जो है उसमें कुछ ऐसे मुमालिक
07:17हैं जो opaque में तो नहीं है लेकिन opaque के साथ coordinate करते हैं कि किस तरीके से यानि
07:24oil prices पे एक नियंतरन रखा जा सकी क्योंकि बहुत जादा oil आप market में डालेंगे तो
07:31prices जो हैं वो नीचे गिड़ जाएंगी और कम बहुत करेंगे तो जाहिर है कि आपके अपने
07:48एक balance बना होता है कि दुनिया में petroleum का भी price जो है वो ऐसा रहे कि industrial जो
07:55problem वगरा है वो देखने को ना मिले
07:57और साथ ही साथ ये भी होगा दूसरा ये भी होता है कि जो countries ये तेल का उत्वादन कर
08:04रही हैं उनके जो अपने जो budgetary यानि
08:09demands है उन country के उसको ये fulfill करता रहा है और ये more or less ये सही तरीके से
08:16काम करता रहा है
08:18संयुक तरब इमरात का इससे निकलना of course इसके लिए एक जटका है लेकिन वो इनके पास और भी tools
08:25है जिससे ये mitigate कर सकता है
08:28दूसरी चीज़ एक याद रखें कि संयुक तरब इमरात अगर बहुत जादा strategically इसको चैलेंज करने की कोशिश करेगा
08:41तो sabotage operations जैसी चीज़ें भी देखने को मिलेगा तो ये भी हो सकता है कि संयुक तरब इमरात के
08:46किसी oil field को sabotage में उड़ा दिये जाए
08:48या उसके किसी उसको pipeline को मारके छेद कर दिया जाए उसके किसी gas field को जो है वो उसके
08:55हमला कर दिया जाए तो ये भी देखने को मिल सकता है या एक अनिश्चित्ता का दौर जो है वो
09:00यहां आपको नजर आएगा जहां तक opaque का सवाल है तो I think उसके पास अभी भी tools और वेर
09:07वि�
09:10करके अपने आपको वापस से relevance में ला सकते हैं क्या मुत्हदा अरब इमारात के इस कदम से साओधी अरब
09:19और मुत्हदा अरब इमारात के दर्मियान खलीच बढ़ जाएगी देखिए तो already आप देखी रहे हैं कि बरीवी है ही
09:29तमाम जगों पे वो problems आपको सुडान हो चाहे
09:33लिबिया हो चाहे वो यमन हो उन जगों पे हमने वो देखा है अभी जब हमला हो रहा था तो
09:39एक थोड़ा बहुत एक यगजहती जो है वो देखने को मिली लेकिन अभी भी इंटरस्ट सब क्या लागी है साओधी
09:46अरब ने पाकिस्तान से कहके यह जो mediation है वो शुरू करवा
09:53यूए दूसी तरफ इससे नाराज था और इसलिए उसने पाकिस्तान से कहा कि वो जो तीन बिलियन सारे तीन बिलियन
10:00डॉलर या तीन बिलियन डॉलर जो उसने पाकिस्तान को दे रखे थे लोन में उसको वापस चुका है पाकिस्तान ने
10:07उसको चुका भी दिया साओधी अर
10:12प्रॉंट जैसी चीज है वो यहां नजर आ रही है कि दोनों के इंटरेस्ट अब मैच नहीं करते हैं।
10:42से बाहर रहना उसके सिच्वेशन को और अंटेनेवल बनाएगा। यानि बाकियों को तो पता है कि जब तक हम हमला
10:49नहीं करेंगे, हम पर हमला नहीं होगा। लेकिन UAE के साथ अगर वो इस सिक्रेटी आर्खिटेक्चर का हिस्सा नहीं बनता
10:56है, जो भी डिजिनल सिक्रेटी आ
11:10या हमला कर सकता है, कहते हुए कि इसरेल के जो एजेंट्स हैं और इसरेल का जो मेन लांचिंग ग्राउंड
11:18है, वो UAE है। और इसलिए हम अपने दिफा में प्रियम्टिवली हम उसको मिटिगेट करने की कोशिश कर रहे हैं,
11:27यह हमेशा इरान के पास आप्सन रहेगा, UAE को
11:32काट्टेल करने की इरान ने अमरीका के सामने कौन सी नई शरायत रखी हैं, इन शरायत के खिते और आलमी
11:40सियासत पर क्या असरात मुरत्ब हो सकते हैं, सारफ साब आपको बताईए, लेकि यह जो नया प्रॉपोजल है, उसमें प्राइमरली
11:49इरान ने यह कहा है कि ब्लॉके�
12:02अब नुकलियर वेपन वाली जो बात है, जो नुकलियर प्रॉग्राम वाली बात है, जिसको अमरिका यह कहता है, उसमें बात
12:10-चीज जो है वो बात में करेंगा।
12:11अब मसला ये ट्रम्प के साथ है कि ये प्रपोजल वो अपने डॉमेस्टिक ओर्डियन्स को कैसे बेचे तो यही गया
12:18था कि नुक्लियर प्रोग्राम हम उनका खतम करने वाले हैं अब पता चला कि नुक्लियर प्रोग्राम ही बाद में डिसकस
12:23हो रहा है और जो चीज पहले से
12:25प्राब्लेम थी भी नहीं मने चौबे गये चब्बे बने दूबे बन के आ गये कि भई वो हर्मूज वाला तो
12:32कोई मामला ही नहीं था अब हर्मूज ही जब उस पर पहले राउंड की डील हो रही है तो बड़ा
12:36मुश्किल होगा ट्रम्प को कि वो अपने डॉमेस्टिक ओर
12:49और बाहर भी वो गिरते जा रहें तो उसको भी देखना पड़ेगा कि किस तरीके से ये इसको मैनेज ट्रम्प
12:57कर पाते हैं उन्होंने ये कहा है कि वो इससे बहुत खुश नहीं इस प्रपोजल से लेकिन उन्होंने आउटराइट उसको
13:04रिजेक्ट भी नहीं किया और अग
13:16इरान का जो सिस्टं हो चर्मडा गया है और वो हमसे कह रहा है कि वर जो जो उनकी अमेरिका
13:27की अपनी स्किती है उसको इरान पर पर स्मार्ट आदमी ही नहीं है कि उसको सीचुशन सही में समझ में
13:43आयकि वो काहा फहसा हुआ है
13:45और वो अपनी एक खाबों की दुनिया में रहे रहा है जिसमें कि वो चीज लिखता है जो उसको लगता
13:51है कि ऐसा हो रहा है यानि डिलूजन में डिलूजनल है पर बास लोग ये भी कह रहे हैं और
13:58इस हावाले से जेडी वांस का भी ये कहना है कि पेंटागन जो फिक हेक्सेत
14:02के अंदर पेंटागन है वो ही गलत रिपोर्टिंग गलत इंटेलिजन्स उसको महया करा रही है और गलत इंटेलिजन्स महया कराने
14:11से हो यू रहा है कि डोनल्ड ट्रम्प को सही सिच्वेशन ही पता दिंग है उसको वही चीज़ा बताई जा
14:19रही है जिसको सुनके वो फु�
14:32सही हो ऑप्शन बीवी सही हो हो सकता है कि और बी दोनों सही यानि ये दोनों चीज़ें हो सकते
14:41हैं तो वो डिलूजन्स से कब बाहर निकलते हैं ये डिसाइड करेगा कि ये डील आगे इस तरह होगी या
14:49नहीं आए है इरानी वजीर खारजा बास इराकची के हल या दॉरा �
14:55अमान और मॉस्को को आप किस नदर से देखते हैं सारफ सार क्या ये सफारती पे इश्रफ किसी बड़े महाइदे
15:03या तब्दीली की तरफ इशारा है देखें ये तो इसी ये जो नए प्रपोजल है उसके उस पर ही हुआ
15:11है
15:11तो रस्या के साथ जो विजिट है उसमें हो सकता है कि एक चीज और डिसकस हुई हो आपको याद
15:18है कि हाईली इंडिस्ट इडिनियम वाला मामला है अमेरिका कह रहा है कि वो इरान को गिवाप करना पड़ेगा इरान
15:25कह रहा है कि अमेरिका को नहीं देंगे तो एक प्रपोजल
15:42तो शायद इस पर भी कुछ पातचीत हुई है कि ये मेकैनिजम हो सकता है नहीं हो सकता है ये
15:48बिल्कुल पिछले जैसा ही होगा तो उस पर भी बातचीत हुई है और जाहिर है कि जो एक डिप्लोमेटिक पर
15:57श्रफ्त है वो भी आपको यहाँ पर नजर आएगा
16:01कि ओमान जाना और साओधी अरब के फॉरेंग मिश्टर से फोन पर बातचीत करना ये सब इसी टॉक्स के ही
16:12को ही जिन्दा करने का एक जिसको उसकी कवायत कह सकते है यानि वो जो एक इस्टेलमेट में अटका हुआ
16:21है उसको किक स्टार्ट करनी के कोशिश जैसी चीज़ न�
16:31क्या हालात बेतरी की तरफ जाएंगे या मजीद विगार का इमकान है लेकर अब ट्रम्प को एपटाइट तो नहीं है
16:40वो और के लिए क्योंकि फिट चुका है ये था कि जो गलत फहमिया उसको 27 तारिख के रात को
16:4728 के सुबह तक थी वो गलत फहमिया तो अब नहीं है लेकि
16:56कुछ और गलत फहमिया तो हैं ये डिल्यूजन के अभी हमने बात की कि डिल्यूजन वर में रह रहा है
17:00अब वो डिल्यूजनल कब तक है इसलिए मैं कोई किसी किसम की प्रेडिक्शन ट्रम्प के मामने इसलिए नहीं कर सकता
17:07क्योंकि हम एक नॉर्मल इनसान की बात नहीं कर �
17:22हो तो ऊस्में प्रेडिक्शन बरा जो हैं मुश्किल हो जाता है अमेरिकां इंटलीजन्स की जो रिपोर्ट है या जो इनडिपेंड़ेंट
17:32और एंटलीजन्स एजेंश दुनिया के उनका यह कहना जरूर रह है कि अमेरिकां की मिलिटरी सलाहियत इतनी नहीं है कि
17:39वो इस ज
17:52ये थे हमारे मेमान सौरफ कुमार शाही जो उपक और इस से जुड़ी सियासत पर तफसील से रोश्टी डाल रहे
18:00थे
18:01हमेशा की तरह आखिर में तमाम नाज़ीन और सामाईन से गुजारिश करता हूँ
18:06कि वो अपनी खीमती आरा और तजावीज हमें दरूर रिर्साल करें
18:11ताके हम प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को आपके लिए मज़ीद दिल्चस्प जामे और बामाने बना सकें
18:19हम अगले प्रोग्राम में फिर आदिर होंगे एक नए रुख एक नई सोच के साथ
18:24तब तक के लिए अपनी मुझब सोच को जिन्दा रखे और प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को देखते रहे हैं
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