00:09कि कमोधिति मार्केट में एक्पोर्ट में डॉलर को प्राइमरी करेंसी न मानके तमाम दूसरे चीजों से ट्रेड करना है
00:18इसमें लोकल करिंसी भी हो सकती है फिर्ड करेंसी ह
00:21इसमें युर्प के बड़ी कंट्रिज हैं ये भी दबी जुबान में ये काम कर रहे हैं
00:25और सबसे अवल इसमें अमेरिकाsongy देश इसमें शामिल है
00:29वो इसकेंडीनेविया के कंट्रिय है, डन्मर्क, स्वीडन, नौर्वे, ये सबसे डादा इसमें पहल ले रहे हैं, रूस के हक में
00:35नहीं है, रूस तो चाहता है कि जितनी जादा एरिया पे उसका खब्जा होगा, कॉन्फिलिक्ट लाइन वही पे फ्रोज हो
00:40जाए, तो अगर
00:59कौमी आवास का डिटल एडिटर की प्रोग्राम, नैशनल हेरड, नवजीवन और कौमी आवास की जानेप से पेश किया जा रहा
01:07है, आज की गुफ्तगों में हमालमी सियासत और महीशत के दो ऐसे मौज़वात पर गुफ्तगों करने जा रहे हैं, जो
01:16आने वाले बरसों में
01:17दुनिया की सिल्फ मतायन कर सकते हैं, एक तरफ डी डॉलर एडिशन का बरता हुआ रुजान जहां कई हमालिक अमरीकी
01:28डॉलर की बाला जस्ती को चेलिंज करते हुए मतावादिल मालियाती निजाम की तलाश में हैं, सवाल यह है, कि क्या
01:36ये महज सियासी दबाओ की हिकमत हम
01:47है, जो सिर्फ दो मामालिक का तनाजा नहीं रही, बलके यूरोप की सलामती, आलमी ताफ़तों का तवादन और अम्न के
01:55मुस्तक्विल से जुड़ चुकी है, हाल ही में यूकरेन सडर जेलिंसकी ने डेडलाइन कर दिक्र किया है, हम इस डेडलाइन
02:04की हकी जानने कोशिश कर
02:08में हम अपने महमान सौर्फ कुमार शाही से अपने नाजरीन और सामीन के लिए जानना चाहते हैं कि यह डी
02:16डी डॉलराइजेशन गुनियाली तोर पे है क्या, जी जैसा कि आप नाम में ही देख रहे हैं कि डॉलराइजेशन का
02:26मतलब है कि कोई एसीची जिसमें डॉलर डॉ
02:37करिंसी की जहां बात आती है, वहां डॉलर का एस अ सुप्रीम करिंसी रूल करना उसको डॉलराइजेशन कहते हैं, डी
02:45डॉलराइजेशन कहने का मतलब है कि इन सारे चीजों में रिवर्सल देखी जाए, यानि ज्यादा से ज्यादा ट्रेड जो है
02:52वो उसमें डॉलर का रोल
03:07कमी देख रहे हैं तो उसको डी डॉलराइजेशन कहते हैं, याद रहे है डी डॉलराइजेशन कोई concerted campaign नहीं है,
03:16ऐसा नहीं है कि दुनिया के कोई एक मुल्क या दो चार मुमालिक मिलके इसको implement करने की कोशिश कर
03:22रहा है, ये एक बड़ा ही organic process है, जो अपने आप हो रहा है
03:28हला कि इसमें बाकी जो मुमालिक हैं उनके भी interest हैं और वो इसको कम और ज्यादा करने में मदद
03:34करते हैं, लेकिन हो ये अपने तरीके से रहा है, या अपने process से ही ये हो रहा है, और
03:41प्रोग्राम के शुरू में हम थोड़ा से बता दें कि ये कहां पर पहुंचा हुआ है ता
03:5872 से कड़ी 74 फीसद दुनिया का trade डॉलर में की जाती है, ये नंबर आज अब हम जो फरवरी
04:08महिने में एक दूसरे के साथ बैठ के बात कर रहे हैं, तो ये 74 फीसद से घटके 56 फीसद
04:13पे आ चुकी है, तो आप एक clear देख सकते हैं, एक departure होता हुआ दिख रहा है, हलाकि अभी
04:20ये 50 फीसद के उपर है, और इसमें एक और चीज़ साथ में मैं जोर दूँ कि किसी महिने जो
04:27हुई है, जिसके कारण से आज हम जो प्रोग्राम कर रहे हैं, उसका रीजन ये है कि जिस तरह से
04:33गोल्ड के प्राइसे आपने देखे होंगे, पिछले 18 महिने में दो गुना होग
04:49पिछले 30 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब गोल्ड में होल्डिंग, डॉलर में जो दुनिया के बैंक्स की
05:00होल्डिंग है, उससे ज़ादा हो गई है, आज अगर हम जिस दिन बैठे हुएं और ये बात कर रहे हैं,
05:07उस दिन गोल्ड में होल्डिंग पुरे दुरे दुन
05:19on वह रूभिकॉन इस महीने क्रॉस हो गया है लेकिन इतनी शांती
05:24ही उाफने की इसकी मैं तफसीर से जानना चाहता हूँ कि डी को बुने िो नहीं
05:45अब देखें इसको इस तरह से देखें कि भारत को रस्या से तेल खरीद रहा है तेल भारत रूस से
05:54खरीद रहा है ना रूस की करेंसी डॉलर है ना भारत की करेंसी डॉलर है लेकिन भारत रूस से जो
06:01तेल खरीदेगा उसकी पेमेंट वो डॉलर ले करता है ठीक है यानि डॉल
06:15से फिर चीन से कोई समान खरीदता है जो उसको खरीदना है ठीक है अब अगर यह हो कि किसी
06:23कारणवश कैसे अभी हमने देखा कि युक्रेइन वार को लेके आपने प्रतिबंद डॉलर पे लगा दी यानि रूस पर आपने
06:29प्रतिबंद लगा दी तो रूस अगर डॉलर में को�
06:46तो रूस यह भारत को कहेगा कि ऐसा करो कि तुम हमें डॉलर में ना देखे कुछ पेमेंट हमें रूबल
06:53में कर दो कुछ हमें रुपया में कर दो और कुछ हमें चाइनिज युवान में कर दो उससे क्या होगा
06:59कि जो रूबल में पे किया वो तो सीरा आ गया जो रूपे में
07:02पे किया उससे भारत से अगर कुछी दूस को खरीजना फर्च करें कि बासमती राइस बहुत बरिताद में खरीदी जा
07:09रही है वो भारत को उसमें रुपे से पे कर देगा और जो जुवान में उसको भारत में पे किया
07:15है वो उससे वो चाइना से समान करी सकता है तो सड़ली य
07:30पार्केट में, एक्सपोर्ट में, डॉलर को प्राइमरी करेंसी ना मानके तमाम दूसरे चीजों से ट्रेड करना, इसमें लोकल करेंसी भी
07:40हो सकती है, ठर्ड करेंसी भी है, लेकिन ये प्रॉसेस इतना आसान नहीं है, क्योंकि जिस किसम का प्री फ्लोटिंग
07:50इंटरनेस्टल
07:50करेंसी डॉलर है, उसके मकाबले की दुनिया की और कोई करेंसी ना तो यूरो है, ना तो पाउंड है, ना
07:57तो यूवान, कोई भी इंटरनेस्टली उस तरह से फ्लोट नहीं करती, इसलिए जो आप ये प्रॉसेस देख रहे हैं, ये
08:03स्लो है, यानि धीरे-धीरे हो रही है, �
08:06लेकिन इसका मतलब ये नहीं है, कि प्रॉसेस हो नहीं है, अच्छा इसमें जो दो चीज़ आपको नज़र आएगी, वो
08:12ये आएगी कि वो देश जिस पर यूवेस जो है, सैंसन को as a weapon बनाके उस पर इस्तमाल करता
08:18है, चाहे वो इरान हो, चाहे वो वेनेजवेला हो, चाहे
08:32से लेकि अभी तक है, वो ये है कि यूवेस के जो एलाइज भी है, उनका एतमाद डॉलर पे as
08:41a safe currency और United States पे as a safe heaven, वो एतमाद घटा जा रहा है, और रादर कहलें
08:49कि अभी जो ग्रिनलेंड वाला मामला हुआ, उसमें आप ये भी कह सकते हैं कि वो फतम हो गया है,
08:54मतलब ये �
08:55कि कल कम्प्लीट जो इनके एलाइज है, उरोपियन डी डॉलराइज कर जाएंगे, लेकिन इसका मतलब है कि अब ये प्रॉसेस
09:01रिवर्सेबल नहीं है, अब इसको अमेरिका वापस नहीं करते हैं, नहीं कर सकता, जिन ममालिक का आपने जिक्र किया, वो
09:11अमरीकी मुहालिफ ह
09:12पुरिया जो डी डॉलरिजेशन की हमायत कर रहे हैं, इनके अलावा कौन से इतहादी मुल्क हैं, जो डी डॉलरिजेशन की
09:21हमायत कर रहे हैं?
09:23मैं एक मौर्गन स्टेनले बहुत फेमस कंसल्टेंसी और बैंकिंग कॉर्म है, मैं उसकी एक रिपोर्ट से अपने दर्सकों के लिए
09:32यहां पे कुछ परना चाहता है, उसकी रिपोर्ट ने एक बात बताई थी कि यह जो अलाइंसे होती हैं, यानि
09:41अमेरिका के अलाइंस किस
10:00इसके कारण अमेरिका का रिजर्व कम से कम 30% बूस्ट हुआ, अगर इन से अलाइंस फ्रे होते हैं, यानि
10:08इन कंट्रीज से अलाइंसे जो हैं उसमें बीग रिडेशन पाया जाता है, तो अपनी आप डी डॉलराइजेशन का प्रोसेस जो
10:15है, स्पीड अप हो जाएगा, य�
10:20जो फेडरल डिजर्व है, अमेरिका का वो एक इन्डिपैन्ड़न अगेंसी है, अमेरिका की हकूमत जो है, वो उसके काम में
10:28दखलन डाजी नहीं करते हैं, जब से डॉनल ट्रम्प आएं हैं, वो उसमें अफेंली दखलन डाजी करते रहें, उसके जो
10:34हेड हैं, जरौम पौ
10:48जो है अब उसके हेड़ बन के आ रहा है अब इससे जो यूरोपियन बैंक्स हैं उनमें ये डर्समा गया
10:54है कि जैसे ही एग्जेकेटिव ब्रांच और फेड के बीच में दोस्ती होती नजर आएगी उसका मतलब है कि फिर
11:01वो उसको इंफ्लूएंस कर सकते हैं तो ये खतरा का �
11:11मुखालिक मुलकों के लिए नहीं है उनके लिए तो अल्रेडी खतरा था और उसके काम कर रहे हैं अब खतरे
11:18की घंटी अमेरिका हामी जो देश जो रखके उसके लिए बन गई है और डबी जुबान में ऑफ दे रिकॉर्ड
11:27जो यूरोपियन सेंट्रल बैंक के जो सुपरव
11:41में एक दम क्रिटिकल घारी में पंटिंग स अप्लाई कर सकते हैं तो पर उनके पैसे वहां जमा है ऑल्डिंक
11:47रहा रकी नहीं तो जब जो
11:59रूस के केस में ये बार बार कहते हैं कि रूस का जो सौवरेन एसेट अमेरिका के बैंक्स में है
12:05और यूरप के बैंक्स में उसको जब्ट करने लेंगे बार बार आपने ये चर्चा सुनी होगी लेकि वो जब्ट करने
12:10ही पाते हैं इसी डरते हैं कि जैसे ही आपने एक बार य
12:27जो कंट्रीज हैं, ये भी दबी जुबान में ये काम कर रहे हैं, और सबसे अवल जो इसमें अमेरिका हामी
12:32देश इसमें शामिल है, वो इसके अंडीनेविया के कंट्रीज है, डन्मर्क, स्वीडन, नॉर्वे, ये सबसे ज़ादा इसमें पहल ले रहे
12:39हैं, लेकिन वो इसको �
12:41मुद्दाना बनाके दबी जुबान में ये काम है जैसा आपके बात उसे अंदाज़ा है कि डी डॉलरिजिशन का अमरीका के
12:47लिए खत्रा तो है लेकिन ये किस हद तक है देखें कि पीछे चीजें दीरे दीरे चल रही होती है
12:58हमें उसकी भनक नहीं लगती वो जब एक दिन ज
13:10आपको एक मेधक को बॉइल करना है आपने अगर पानी गरम किया गरम पानी में आपने मेधक को डाल दिया
13:15तो मेधक तूर के बाहरा आगा वो मरेगा लेकिन अगर आपने ठंडे पानी में मेधक को डाला और उस पानी
13:21को आपने गैस पर चला कि उसको धीरे धीरे गरम करना �
13:24शुरू किया तो मेड़क को पता भी नहीं चलेगा कि पानी कब गर्म हो और कब उसकी मौत हो गई
13:29इसको psychology में boiling the frog syndrome को डी डॉलराइजेशन में वही चीज हो रहा है boiling the frog syndrome
13:36हो रहा है कि अमेरिका को भी पता नहीं चल रहा है कि वो boil हो रहा है पता चल
13:42भी रहा है तो वो इतना बड
13:46ट्रम्प ने धंकी दी कि जो कंट्री डी डॉलराइजेशन में मलविस होंगे उनको उन पर मैं अगर आपने किसी को
13:58धंकी दी कि तुमको डालोगा फिर तो वो और ज्यादा मोटिवेटेड होगा ना कि वो डी डॉलराइजेशन करें तो वो
14:05अब ट्रम्प की जितनी IQ है उस
14:14जितना हास पाव मारेगा यह उतना और बरेगा यह उसी तरह है जब आप डल्दले में फस्ते हैं जितना पाव
14:19मारतें आप उर दल्दल के अंदर घुजते जाते� mechanियार यहीं है कि डि डॉलराइजेशन फिर श्रहरा है जहां तक आमेरीका
14:39के लिए खतरा है तो मैंने अभी
14:44bonds के gains जो है वो बर रहा है जैसे जैसे आपका bond जो है उस उस पे लोगों का
14:51इतमाद जो है घरता जाएगा और वो आपके
14:53internal debt के लिए भी मुश्किल का चीज है यह मैं समझा दू अमेरिका को अमेरिका का दुनिया के एक
15:00लोता देश है जो जितनी चाहे
15:03dollar print कर सकता है और उसके inflation नहीं होगा पैसा जितनी चाहे प्रिंट कर सकता है उसके inflation नहीं
15:09बरता क्योंकि वो पैसा दुनिया यूज कर रहे है भारत अगर अबी रुपिया
15:27अपने पूरे उसका 10% हमें इसलिए पता नहीं चलता क्योंकि रुपिय इतना तेजी से गिर रहा है कि हम
15:35रुपिय के मुकाबले उसको देखते हैं और कहते हैं कि नहीं रुपिय का मुकाबला पाउंड से करेंगे अगर आप रुपिय
15:43का मुकाबला यूरो से करेंगे तो आ
15:57करन्सी के इसाथ पगी रहा है शायद इसी लिए हमारे जहन में वो चीज देंगा तरब की पजीर ममालिक का
16:03पर क्या असर पड़ेगा इस डी डॉलराइजेशन का
16:09देखें डी डॉलराइजेशन मुझे यह गाता है कि ये जो इंस्क्रूमेंट
16:14कोरसिफ इंस्क्रूमेंट है अमेरका के हांच में पहली बार के बार आपपे अगर हमला कर दिया तो इस्की वैल्यू है
16:34लेकिन अगली बार से आप भी तैयार रहेंगे कि ये आदमी मेरे पर हमला कर सकता है, इसको law of
16:39diminishing return कहते हैं, हर बार आप उस चीज का इस्तमाल जितनी बार करते जाएंगे, उसका value उतना घटा जाएगा,
16:45मुझे ये लगता है कि एक alternative financial system का है, वो BRICS के तत्वावधान में हो, �
16:51या और किसी SEO के तत्वावधान में हो, एक alternative financial system जो हो, वो आपको immerd होता हुआ, यहाँ
16:58पर नजर आ रहा है, और जैसा मैंने कहा, ये irreversible है, दूसरा एहम मौजू जो है, यूकरेन और रूस
17:06के दर्मियान चल रही जंग है, क्या इसमें अमरीका या खुच जेलेंस की जाने �
17:10से कोई deadline, यानि जून में जंग बंदी का जिक्र है, और अगर है, तो जून ही क्यों? टाइम लाइन
17:18तो अमेरिका अपने तरीके से लगाता रहता है, वो टाइम लाइन अभी तक follow होई, मसला ये है कि यूकरेन
17:26में भी अमेरिका का कोई बहुत जादा, मतलब वो धकल तो है,
17:29वो हत्यार वगरे तो रोग सकता है, लेकिन यूप्रेनियन जो रोग element है, उनके काम को नहीं ले सकता है,
17:35अभी आपने देखा दो रोजा मजाकरात जो है, वो अबुदाबी में पेश आए, और उसके next day, मतलब उसके दो
17:43दिन बाद ही, जो एक बहुत बड़े general थे, रस्या क
17:57को भी पता है कि वो शहर दर शहर जीतता जाएगा, वो यूकरेन के energy infrastructure को डिग्रेड करता जाएगा,
18:05वार को जल्दी रुकवाना यूकरेन के हक में, वार को जल्दी रुकना रूस के हक में नहीं है, रूस तो
18:12चाहता है कि जितनी ज़्यादा एरिया पे उसका कब्जा होगा
18:16conflict line वहीं पे फिरोज हो जाएगा, तो अगर 10 km हम और आगे जाते हैं, तो तो रूस के
18:22हक में 10 km आगे line जो है, तो इसलिए रूस के यह हक में है, इसलिए रूस कहता है
18:29कि हम ceasefire नहीं करेंगे, कि ceasefire का फाइदा उठाती है यूकरेन, re-arm होने के लिए, तो बोलता हम
18:35ceasefire नहीं कर
18:45नहीं करता है, मैं तफसील से आप से जनना चाहता हूँ, इस जन्ग ने आलबी सियासत और मेरिशत को किस
18:53तरह मतासिर किया है, तो आपको नजर आही रहा है कि यूरप की जो डिपेंडेंसी अमेरिका पे हुई है, और
19:02एक यूरप का जो आप डी इंडिस्क्राइजेशन दे
19:15गैस रूस से हम लेंगे और उससे हमारा इंपुट कॉस्ट कम होगा और हम प्रोडक्शन करते रहेंगे, वो सस्ता गैस
19:22अमेरिका ने बम मारके उड़ा दिया, नौर इस जो आपना वो सस्ती गैस आपके पास नहीं है, तो आप अमेरिका
19:32का शेल गैस और ये तमाम चीज़े
19:34ले रहे हैं जो एक्स्टोली में महंगी परती है, तो सड्ली इंपूर्ड कॉस्ट बर गया, आपके प्रोडक्श अब चाइना के
19:41मुकाबले कॉंपीटिट Armor नहीं रहे गए हैं, तो उन शित्रों में भी जहां आपकी बरतरी चाइना पो थी पर्स करें,
19:51कि जैसे
19:52हाई टेक इंडस्ट्री में आपकी बरतरी की वहाँ पे भी अब चाइना आपको पचाता है
19:57तो एक यूरप का जो एकनॉमिक दिक्लाइन है वो आपको नजर आ रहा है
20:02सोशल डिक्लाइन भी आपको इसकी नजर आ रही है
20:05क्योंकि जैसे ही नैटो में यूरप जो है एक देर परसंट अपने बजट का खल्च करता है
20:10अब रोड़ाल टरम्प सबसे प्रेशर डाल रहे हैं कि पाँच परसंट खल्च करो
20:14तो वो चार परसंट कहां से आएगा वो कहीं से तो खीचा जाएगा
20:17तो वो जो सोशल प्रोग्राम है जिसकी लोग आदी हो चुते हैं
20:21वहां से पैसे लिये जा रहे हैं तो इससे यूरप में आपको अंडरेस्ट और दिख रही है
20:25और जो दाएं बाजू की पार्टियां हैं वो इस अंडरेस्ट का फाइदा उठा के
20:29तमाम जग़ों में बारबार रिटानी कर रही हैं
20:33कुछ जगों पे जो बाएं बाजू की बी जो एक्ट्रीम पार्टियं है
20:48और यह मेरे ख्याल से यूरप के लिए बहुत ही यानि खत्रे का वो विशह बन चुकी
20:56इंटरनेस्टनली भी जैसा हमने कहा कि एक एक रफ इनफॉर्मल एलाइंस जो है वो रश्या और चाइना के बीचा को
21:04नजर आ रही है भारत ने तेल लेना कम किया है रश्या से चाइना ने इस महिने पिछले दो महिने
21:11में तेल लेना बढ़ा दिया है दुनिया में एक अमुक �
21:15एमाउंट ही पेल निकलता है, आप एक आदमी नहीं लेगा तो कोई दूसरा लेगा, यानि वो कान इधर से पकड़िये,
21:20उधर से पकड़िये, वो घूम पिर के कही न कहीं पहुंचाता है, रशिया ने अभी तक financial pressure sustain किया
21:27है, कितने दिन कर सकता है, ये इसकी position गोई हम नहीं कर
21:30सकते हो, सकता है साल भर और कर ले, सकता है डेर साल और कर ले, इसलिए वो भी ये
21:34लराई बन करना चाहता है, लेकिन अगर आप तमाम पाटीज को देखें जो इस लराई में involved हैं, तो सबसे
21:41अच्छे financial condition में अभी रशिया ही है, और वो इसको कई सालों, अभी साल, डेर साल, क
21:47कम से कम, बिना किसी major problem के इसको continue कर सकता है, उसके बाद हो सकता है कि जो
21:53economic pressures है, वो खेवी होने लगे रशिया के ऊपर में, लेकिन एक और साल का वक्फा उसके पास है,
22:00जिसमें कि वो मदीद area जो है वो जीत सकता है, मदीद अपने आपको युकरेन में इंट्रेंच कर सकता है
22:07और अपने economic, political और military goals को परदर achieve कर सकता है, यह थे हमारे मेमान सौरब कुमार शाही
22:16जो हमारे नादरीन को आलमे मुद्दों के तालुक से रोशना सकरा रहे थे, हमेशा की तरह आखिर में, मैं तमाम
22:23नादरीन और सामाईन से गुजारिश करता हूँ, कि वो अपनी खीमते आ
22:37हम अगले प्रोग्राम में फिर हाजर होंगे एक नए रुख और एक नई सोच के साथ, तब तक के लिए
22:44अपनी मुद्बस सोच को जिन्दा रखिए और प्रोग्राम दुनिया मेरे आगे को देखते रहिए
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