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चौदह वर्षों के वनवास के बाद जब श्री राम अयोध्या लौट रहे थे, तब भरत जी निराशा में डूब चुके थे। उसी समय हनुमान जी एक रहस्यमयी रूप में अयोध्या पहुँचे और उन्होंने प्रभु राम का संदेश सुनाया।
यह कहानी सच्ची भक्ति, विश्वास और भाई प्रेम की सबसे भावुक कथा है।

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🙏 जय श्री राम | जय बजरंगबली 🙏
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Transcript
00:00अगर आज श्री राम नहीं लोटे तो भर्त अपना जीवन समाप्त कर देते आये जानते इस कता में अजोध्या में
00:08उस रात एक ब्यानक सनाटा था क्यूंकि सुर्योध्य होते ही एक राजकुमार अपनी जान देने वाला था 14 वस पूरे
00:15हो चुके थे लेकिन श्री राम अभ
00:29असमाने रूप से चलने लगें बादनों कोई दिब्य शक्ति दर्ती पर उतर रही हो बे थे महावली हनुमान लेकिन वो
00:37सीधे सामने नहीं आए उन्होंने पहले सादू का रूप धान किया भर्त राम की खड़ाओं के सामने बैठे रो रहे
00:43थे तबी पीशे से एक गंबीर
00:46आवाज गुंजी राजकुमार क्या आप अपने राम पर विश्वास खो चुके हो बर्त चोंक उठे सादू मुस्कुराय और बोले प्रबु
00:54राम ने संदेश बेजा है लंका पर बीजे हो चुकी है और वो अजोदया लोट रहे है इतना सुनते ही
01:01सादू का रूप अचान
01:14से गुंज उठा कहते हैं जहां सची वक्ति होती है वहां बगवान अपने सेवक जरूर बेशते हैं अगर आपको भी
01:22हनुमान जी कीजे लीला अदबुद लगी तो कमेट में जया बजरंग वली जरूर लिखें
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