00:00even if
00:01he was
00:03him
00:03of
00:04he
00:04in
00:05him
00:05h
00:06right
00:07all
00:10that
00:17but
00:22in
00:23अचानक रथ की चमक के बीच बगवान राम और सीता माता परगट हुए, उनके कदमों से जमीन ठिर कुठी और
00:30बाता बन में अजीव सी सक्ती फैल गी, डोलक की गूंज के साथ साथ जैसे किसी अधरिशय सक्ती ने भी
00:37सबर बने, नगरवासी हैरान कुछ जूम रहे थे, कु�
00:53बदल चुकी थी, अजोद्या ने देखा, जो कुछ भी समानने लगता था, बे अब रहे से में बन चुका है,
01:00जैसीर राम
Comments