00:00इजिप्ट के शहर अलेक्जांडरिया के साहिल से 6.5 किलो मिटर दूर ठीक इस जगा पर डीप सी डाइवर्ज ने समंदर के बाटम पर कुछ ऐसा देखा जो बिलकुल भी नॉर्मल नहीं था
00:10जैम टीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद
00:13नाजरीन जैसा के हम जानते हैं कि दुनिया का 70% हिसा पानी है जिसको अभी तक हमने सिर्फ 5% भी एक्सप्लोर नहीं किया
00:21ओशन्स के अंदर ऐसी मखलूक भी मौजूद हैं जिनको आज तक इनसान नहीं देखा
00:26और इनमें कुछ ऐसे राज भी छुपे हैं जो हजारों साल पहले दुनिया में रहने वाले इनसान छोड़ गए थे
00:32कभी रिसर्च वर्क का बहाना तो कभी सी एडवेंचर का ये राज एक एक करके खुलते जा रहे हैं
00:38आज आप जानेंगे दस ऐसी चीजें जो डीप सी डाइवर्स को समंदर के बाटम से मिली
00:43नमर टैन क्या कभी कोई रिवर समंदर के अंदर मौजूद हो सकती है जाहर है इसका जवाब होगा नहीं
00:50लेकिन मेक्सिको के यूकाटन पैनन्सूला में सकूबा डैवर्स ने समंदर के अंदर एक ऐसा सीक्रेट स्पॉट तलाश किया जहां पर पानी के अंदर ही एक रिवर भी बहती है
01:00जी हाँ समंदर के पानी के अंदर बेहने वाली रिवर असल में हाइडरोजन सल्फाइड की एक मोटी तेह की वजा से बनी थी जिसके नीचे एक गार से आने वाला सॉल्ट वाटर मौजूद है
01:11इस जगा को सेनोटे एंजलीटा भी कहा जाता है
01:14इसकूबा डाइवर्स के मताबिक उपर से देखने पर सेनोटे एंजलीटा बिलकुल नॉर्मल दिखती है
01:19लेकिन तकरीबन 30 मीटर अंदर जाने के बाद जो मनज़र नजर आता है उस पर यकीन करना मुश्किल होता है
01:25अमेरिका में फलॉरिडा के बीचिस बहुत मशूर है जहां पानी के साथ साथ अकसर सी शेल्स, क्रैब्स और मुखतलिफ समंदरी मखलूग भी तेर कर साहिल पर आती है
01:35लेकिन आक्टूबर 2012 में पॉमपनों बीच पर मौजूद लोग तब हैरान और परेशान रह गए जब उनको समंदर के साहिल पर एक बहुत बड़ी आँख मिली
01:44जिस आँख का साइज इनसान के दोनों हातों के बराबर हो वो देखने में वाकई किसी बहुत बड़े समंदरी मौंस्टर की आँख लगेगी
01:52इस आईबॉल की फोटो सोशल मीडिया पर आँख की तरह वाइरल हो गई
01:56चंद लोगों का ख्याल था कि जिस मौंस्टर की आँख तैर कर साहिल पर आ सकती है वो जरूर साहिल के आस पास ही कहीं बटक रहा होगा
02:04इस खौफ की वज़ा से लोगों ने फलॉरिडा के बीचिस पर जाना ही कम कर दिया था
02:08लेकिन जब ये आँख वाइड लाइफ के डिबार्टमेंट में भेजी गई तो वहाँ कई एक्सपेरिमेंट्स और रिसर्च के बाद ये मालूम पड़ा
02:14कि ये आँख किसी मौंस्टर जाइंट की नहीं बलके एक नॉर्मल सौड फिश की है
02:19जिसको किसी मचेरे ने पकड़ कर उसकी आँख निकाल कर वहीं समंदर में भेंक दी होगी
02:24नमबर एट
02:25एजिप्ट के शहर एलक्सांडरिया के साहिल से साड़े छे किलो मिटर दूर ठीक इस जगा पर डीप सी डाइवर्स ने समंदर के बाटम पर कुछ ऐसा देखा जो बिलकुल भी नॉर्मल नहीं था
02:36जब बात फ्रेंच आर्कियोलोजिस्ट फ्रेंक कोडियो तक पहुंची तो उन्होंने इस जगा पर तहकीकाश शुरू कर दी हैरत अंगेस तोर पे इस जगा से सिक्स्टी फोर शिप्स, सेविन हंडर्ड एंकर्स, सोने से भरे हुए खजाने, सोला फिट लंबे स्टेचू
03:061300 साल पहले इजिप्ट का एक बहुत बड़ा शेहर हुआ करता था जो शायद इजिप्ट का मेन पोर्ट सिटी था और शायद जहां से मुलक के कई कारोबारी मामला चलाये जाते थे, ये पूरा शेहर आज थौनिस हेराकलियोन के नाम से जाना जाता है, लेकिन हजारों साल �
03:36देखना भी जापान में बहुत खराब समझा जाता है, इस मखलूक को जाइंट और फिश कहा जाता है, जो अपनी जिसामत की वज़ा से अजीब समंदरी मखलूक भी कहलाई जाती है, समंदर में एक किलो मिटर नीचे रहने वाली इस अजीब गरीब और फिश की लंबाई 50
04:06साइसदानों के मताबिक, गलोबल वार्मिंग की वज़ा से समंदर के बाटम पर रहने और बसने वाली मखलूक सता समंदर का रुख करने पर मजबूर है, नमबर 6, अंडर वाटर स्पोर्ट्स में समंदरी दुनिया देखना वाकई एक दिलचस्ट काम है, लेकिन इस एड�
04:36पीछे एक बिरिटिश आर्टिस्ट का हाथ है, लेकिन इस स्कल्प्चर पार्क के बनाने के पीछे जो मकसद है, वो इस पार्क से भी ज़्यादा दिलचस्प है, समंदर में मौजूद चोटी बड़ी चटाने मौजूद होती हैं, जिनके अंदर चोटी मचलियां अपने आ
05:06लाकों मचलियों ने इस जगा का रुख किया, इस पार्क में सो से ज्यादा मौजूद के स्टेचूज मजूद हैं, जो देखने में बहुत अनुके लगते हैं, नमबर फाइव, जब से ये दुनिया बनी है, तब से लेकर अभी तक जितनी भी कौमें यहां रहती थी, समं�
05:36के अंदर कौन से केमिकल मौजूद हैं और ये किस मर्ज की दवा हैं, लिबाटरी टेस्टिंग से मालूम पड़ा कि ये दवाई कम से कम भी 2000 साल पहले बनाई गई थी, लेकिन इसके अंदर जो इंगरीडियन्स इस्तमाल किये गए थे, वो जान कर तो और भी ज्यादा हैरत
06:06अच्छी तरह प्रिजर्व थी और देखने में ऐसा लगता है कि ये हाथों से बनाई गई होंगी, क्योंकि जिस स्पॉट से ये दवाया मिली थी, वहां से थोड़ा ही दूर एक क्रेश्ट रोमन शिप भी डिसकवर हुआ था, जिसमें से काफी मेडिकल एक्यूप्मेंट �
06:36प्रिने में दिल्चस्प लगने के साथ साथा, खوفनाक भी लगती है, जबकर कुछ हिससा सांप जैसा है।
07:06इसके दान्तों की डारेक्शन की वज़ा से अगर कोई भी चीज इसके मुँ में अंदर चली गई तो उसका वापस आना पॉसिबल नहीं है।
07:132007 में जापान के एक मचेरे ने फिशिंग के दौरान पहली बार ऐसे किरियचर को पकड़ा।
07:19वाइड लाइफ के एदारे ने ये किरियचर पकड़ कर इसको सी वाटर पूल में डाला जहां उसकी पहली बार विडियो बनाई गई।
07:26उनका कहना था कि समंदर में एक किलो मीटर नीचे रहने वाला ये किरियचर शायद बिमार था इस वज़ा से समंदर की सदा पर आ गया होगा।
07:34नमबर थरी जिन लोगों को हॉरर मुवीज देखने से डर नहीं लगता वो अमेरिका में मौजूद कैम्प क्रिस्टल लेक जरूर विजट करें।
07:41क्योंके इस लेक के बॉटम में मशूर हॉरर फिल्म फ्राइडे दे थर्टीन्थ के सीरियल किलर जैसन वोहीज का एक स्टेचू आपका इंतजार कर रहा है।
07:52लेक के बॉटम में रखा गया ये स्टेचू अपने मशूर मास्क और तलवार के साथ खड़ा किया गया है।
07:58जबके इसका मूँ उपर की तरफ है ताके लेक में डाइव करते ही डाइवर्स को खौफ का एक जटका लगे।
08:04स्टेचू के मालिक ने बताया कि वो कई सालों से इस लेक में डाइविंग कर रहा है और उसने दूसरे डाइवर्स को प्रैंक करने की नियत से फ्राइडे दी 13 के इस खौफना करेक्टर को चुना।
08:15लेकिन चंद रिपोर्ट्स के मताविक अभी ये स्टेचू लेक से हटा दिया गया है।
08:45हथ से ज्यादा गहरा है। इस वज़ा से अभी तक कई एर प्लेंज और शिप्स का मलबा तो आज तक नहीं मिल सका।
08:52इसकी एक वज़ा ये भी है कि जब प्लेंज समंदर के अंदर क्रेश होते हैं तो वो प्लेंज जैसे नहीं दिखतें।
08:58जिन को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि ये कोई प्लेंज है या फिर कोई समंदरी जाडी।
09:04और अब नमबर वन
09:052014 में इसकूबा डाइवर्स के एक ग्रुप को ओशन से एक जाइंट साइज का चाकू मिला।
09:11देखने में इसका साइज तकरीबन 6 फुट लंबा लगता है लेकिन क्योंके इन इसकूबा डाइवर्स ने कभी भी खुद को पबलिक में शो नहीं किया इस वज़ा से हमें ये बात आज तक मालूम नहीं हो सकी कि ये चाकू इस वक्त कहां मौजूद है और इतने बड़े �
09:41बहुत बहुत शुक्री मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में
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