00:001925 में एक बिरिटिश एक्स्प्लोरर पर्सी फॉसिट एमेजान रेन फॉरिस्ट में एक ऐसे शहर की तलाश में निकले थे जिसके बारे में कहा जाता है कि वो पूरा सोने से बना हुआ है और उसका किंग रोजाना सोने के पाउडर से नहाता है।
00:16लेकिन उस दिन पर्सी फॉसिट अपने केंप से निकले तो थे लेकिन फिर कभी वापस नहीं लोटे।
00:23जैम टीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दी थे।
00:53अभी तक इनसानों की पहुंच से दूर है।
00:56यहां प्लांट्स, एनिमल्स और माइक्रोब्स की ऐसी किसमें रहती हैं जिनमें से अभी तक सिर्फ 10% का पता लगाया गया है।
01:04हर दिन यहां नई स्पीशी एक्सप्लोर की जाती है।
01:08Amazon Rainforest में करीब 40,000 करोड दरخت मौझूद हैं और यही वजा है कि इस फॉरिस्ट को अर्थ की लंग्स भी कहा जाता है।
01:17पुरी दुनिया में जितनी भी ऑक्सीजन है उसका 20% सिर्फ Amazon Rainforest रिलीस करता है।
01:23एक एस्टिमेट के मताबिक Amazon Forest में करीब 20,000,000 लोग रहते हैं जिनका बाहर की दुनिया से कोई connection नहीं है।
01:32क्यूंके Amazon का काफी सारा हिस्सा अभी तक unexplode है लहाजा जंगल की इस ढाल के नीचे जो कुछ चुपा है वो भी अभी तक दुनिया के लिए एक ना सुलजने वाला मौमा बना हुआ है।
01:45Amazon के जंगल की ऐसी ही चंद मिस्ट्रीज के बारे में आज हम जानेंगे।
01:49कुछ को तो सॉल्फ कर लिया गया है लेकिन बहुत सारी आज भी साइंस के पले नहीं पड़ रही।
01:55सबसे पहले बात करते हैं City of Gold के बारे में।
01:59Amazon Forest की आज तक की सबसे बड़ी मिस्ट्री है यहां की City of Gold जिसको El Dorado भी कहा जाता है।
02:07कहा जाता है कि किसी दौर में यहां एक ऐसा शहर था जो पूरा सोने से बना होता था।
02:12और यहां का किंग रोजाना सोने के पाउडर से नहा कर Amazon River में वो सारा सोना बहा देता था।
02:19जी हां 16th century में यॉर्पियन्स साउथ अमेरिका में आये थे जहां Amazon Forest मौझूद है।
02:25वो अपने साथ काफी soldiers और इस इलाके पर कबजा करने का plan बना कर आये थे।
02:31यहां उनका सामना Amazon के local लोगों से हुआ जिनों ने यहां अपने शहर बसाए हुए थे।
02:37यॉर्पियन्स ने उनके बनाए हुए शहरों पर कबजा कर लिया और 16th century के आखर में उनको खबर मिली के Amazon Forest के डीप में एक ऐसा शहर भी है जो पूरा सोने से बना हुआ है।
02:49तो इसी पर यॉर्पियन्स ने इस El Dorado City की तलाश शुरू कर दी।
02:54पूरा Amazon Forest चान लेने के बाद उनको यहां के बहुत सारे कबीले तो जरूर मिले लेकिन जिस शहर की तलाश थी वो ना मिल सका जबके यहां उनको काफी सारा सोना जरूर मिला।
03:06अगले 200 सालों तक तलाश जारी रखने के बाद आखिर कार El Dorado को मित डिकलेर कर दिया गया।
03:13उसके बाद 19 सेंचरी में एक ब्रिटिश एक्सप्लोरर परसी फॉसिट ने El Dorado को एक बार फिर से तलाश करने का फैसला किया।
03:22उन्होंने एमेजान में टोटल आठ एक्सपेडिशन किये लेकिन इस दौरान उनको El Dorado तो दूर की बाद दूसरे शहर भी नहीं मिले जिनका जिकर यॉर्पियन्स ने किया था।
03:32अपने आखरी एक्सपेडिशन में परसी फॉसिट एमेजान के बीच में मौजूद थे जब आखरी बार उनसे राप्ता हुआ था।
03:39उसके बाद वो तलाश में निकले तो दुबारा कभी लौट कर नहीं आए।
03:43ये 29 में 1925 का दिन था और जिस जगा से वो गाइब हुए वो ब्राजील की स्टेट मेटो ग्रोस हो थी।
03:52उनको कई महीनों तक तलाश किया गया लेकिन ना ही परसी फॉसिट मिले और ना ही उनकी डेट पॉटी।
03:59साइंटिफिक कमिनिटी का मानना है कि ये जगा इनसानों के रहने के काबिल नहीं है लेहाजा यहां कोई शहर या विलिज नहीं बस सकता।
04:07लेकिन वक्त के साथ जब टेकनालोजी काफी एडवांस हो गई तो फिर एमेजान में कुछ ऐसे निशानात मिले जिससे ये जाहर होता है कि किसी दोर में यहां इनसानों ने पूरे पूरे शहर बसाय होए थे।
04:20असल में परसी फॉसेट जिस जगा तलाश कर रहे थे वो जगा तो बिलकुल सही थी लेकिन ढूनने का तरीका सही नहीं था।
04:28यहां कई मकामात पर रिसर्चर्चर्स को जमीन के अंदर हियूमन वेस्ट दबा हुआ मिला है।
04:34साइसदानों ने एमेजॉन में कई मकामात पर लिडार स्कैनिंग डिवाइस का इस्तमाल करके घने जंगल की लेर के नीचे पत्थर से बने स्ट्रक्चर्स भी ढूने हैं जिनको वक्त के साथ साथ जंगल ने चुपा दिया है।
04:47नेशनल जियोग्राफिक की टीम ने भी केरिबियन के साहिल से 15 किलो मिटर अंदर एमेजॉन में एक ऐसा शहर तलाश किया है जिसमें धाई हजार साल पुराने पूरे पूरे स्ट्रक्चर पहाडों के अंदर धबे हुए पाए गए।
05:02लेकिन इन में एल डॉराडो कौन सा है और आखर ये इतने बड़े एमेजॉन फॉरिस्ट में किस जगा मौजूद था।
05:08ये आज तक साइन्टिफिक कम्यूनिटी के लिए एक मिस्टरी बना हुआ है।
05:13इमेजॉन के इस वसी बयाबान जंगल में काफी ऐसे कबीले भी रहते हैं जिन्होंने आज तक बाहर की दुनिया को देखा ही नहीं है।
05:22जी हाँ ये लोग जंगल में कैसे जिन्दगी गुजारते हैं इसके बारे में एंथ्रोपॉलोजिस्ट भी सही से नहीं जानते।
05:431998 के बाद ही जान पाए हैं जब पहली बार इनका बाहर की दुनिया से राप्ता हुआ था। उनकी लेंग्विज से ऐसा लग रहा था कि शायद वो अपना दुख दर्द बयान करना चाहते हैं।
05:55एंथ्रोपॉलोजिस्ट ने जब उनकी बातों को डीकोड किया तो मालूम पड़ा कि उनका कबीला पहले काफी स्ट्रॉंग हुआ करता था।
06:03लेकिन फिर कुछ कबजा माफिया ने फॉरिस्ट में माइनिंग करने के लिए उनके तमाम सातियों को बुरी तरहा मार डाला जिन में से ये चंद लोग बच गए थे।
06:13ऐसे पता नहीं कितने ट्राइब्स हैं जो एमेजॉन जंगल के बीच अपनी दुनिया बसाए बैटे हैं।
06:19ये लोग कहां से आये थे, क्या इनका हजारों साल पहले यहां बसने वाले कबीलों से कोई कनेक्शन है, इस बारे में आज तक कोई नहीं जान पाया।
06:29सदियों से हिस्टोरियन्स को ये कनफर्म नहीं था कि एमेजॉन में रहने वाले लोग यहां कब आये थे। लेकिन 2017 में ये पहली तब सुलजने लगी जब आर्कियोलोजिस्ट को कोलंबिया के करीब एमेजॉन फॉरिस्ट में पहाड पर कुछ पेंटिंग्स बनी हुई द
06:59की तो मालूम पड़ा कि किसी दोर में ये पत्थर एक गार के अंदर मौजूद थे। इस 13 किलो मिटर की गार में जो पेंटिंग्स बनी हुई पाई गई वो करीब 12,000 साल पुरानी थी। उस वक्त आखरी आइस एज की एंडिंग चल रही थी और जाहिर है उस वक्त यहां �
07:29इन पेंटिंग से ये भी अंदाजा लगाया गया कि उस दोर में यहां इनसान किस हालत में रहते थे और कैसे वो अपने से भी बड़े जानवरों का शिकार करते थे।
07:59वेल एमेजॉन रिवर के करीब जमीन के उपर पाई गई थी। असल में दस टन भारी ये वेल का बच्चा था। ये वेल्स सरदियों की स्टार्टिंग में यानि आक्टूबर से नवेंबर में एमेजॉन के करीब समंदर में गरम पानी इंजॉय करती हैं। लेकिन फिर ये
08:29पहले मरी थी। ना ही इसकी बॉड़ी पे किसी शिकार के निशानात थे और ना ही इसको कोई चोटें लगी हुई थी। तो अब यहां कई सवाल उड़ते हैं पहला ये के वेल इस मौसम में यहां कैसे पहुंची ये समंदर से एमेजॉन रिवर में क्यों आई और सब से ब�
08:592013 में डिसकावर हुआ था जब पैरू के करीब एक कैमिस्ट्री के स्टूडेंट को एमेजॉन में ये अजीबो गरीब स्टूडेंट मिला। ये एक प्लांट के पत्ते के उपर बना हुआ था जो देखने में काफी मिस्टीरियस लग रहा था। इसके ठीक सेंटर में सिल्क
09:29पाद ये थी कि आज तक ऐसा इस्ट्रक्चर किसी ने भी नहीं देखा था। इस पर मजीद जांच परताल के लिए साइंटिस्स की एक टीम ने पैरू के इस हिसे को विजिट किया। थोड़ी ही देर में इनको 45 से ज्यादा ऐसे ही इस्ट्रक्चर मिल गए। कुछ तो दर�
09:59चोटे डस्ट माइड्स कूम रहे थे ये कीडे सिल्क प्रोड्यूस नहीं करते लहाजा ये बात तो कन्फर्म थी कि ये स्ट्रक्चर इन्होंने तो नहीं बनाए थे। चंद दिनों के बाद फैंस के बीच वाली कौन आहस्ता आहस्ता फटने लगी और उसमें से एक स्पा�
10:29चोटे चोटे डस्ट माइड्स फस चाएं और जब उनका बच्चा अंडे से बाहर निकले तो उसके पास खाने के लिए कुछ मौजूद जरूर हो।
10:38उमीद है ZEM TV की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे। आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहत शुक्रिया। मिलते हैं अगली शांदार वीडियो में।
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