00:00जौन जौन्स नामी ये शक्स यूटा लेक के करीब एक गार के अंदर खोज की नियत से गुजा था।
00:06खोज के दुरान उसने फैसला किया कि वो गार की सबसे तंग जगा में जाकर एक नया रिकॉर्ड बनाएगा।
00:12लेकिन क्या मालूम था उसको कि ये फैसला उसकी जिन्दगी का आखरी फैसला होने वाला है।
00:18वो नटी पटी के नाम से पहचानी जाने वाली इस गार के तंग रास्तों में रिंगता हुआ आगे बढ़ रहा था।
00:25लेकिन रास्ता भटक कर गलती से गार के ऐसे हिस्से में घुस बैठा जहां आज तक कोई भी नहीं गया था।
00:32कबर जितनी तंग जगा जिसमें हाथ हिलाना तो दूर की बात सांस लेना भी मुश्किल था और बदकिस्मती से इसी कंडीशन में जौन उल्टा फस गया।
00:41ये कहानी है 26 साला जौन जौन्स की जिसकी जिन्दगी के आखरी 27 गंटे इसी गार में गुजरें।
00:48जिन्दगी की वीडियोज में एक बार फिर से पुशाम दीद।
00:51नाजरीन यूटा की सौल्ट लेक सिटी के करीब छोटी छोटी चटाने हैं जिनके अंदर ये नटी पटी नामी हाइडरो थर्मल केव मौजूद है।
00:591960 में पहली बार ये गार डेल ग्रीन नामी शक्स ने डिसकवर की और तब से लेकर यहां हजारों मन चले नौजवान अपने होनर का इम्तिहान लेने आने लगे।
01:10नटी पटी केव अपने तंग फिसलने वाले तेड़े रास्तों की वज़ा से काफी मशूर है जिसके अंदर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है और वो भी सिर्फ 30 इंच चोड़ा यानि के वो नौजवान जिनकी कमर और चाती 30 इंच से कम है सिर्फ वो ही इसके अंदर जा सक
01:40बहुत सवाल उठाए जाने लगे एक मौके पर 23 साला नौजवान गार की गहराई में 7 गंटे तक फसा रहा और दूसरे मौके पर एक नौजवान पूरी रात गार में उल्टा फसा रहा इन हादसात की वज़ा से 2006 में अथॉरिटीज ने नटी पटी केव को बंद कर दिया �
02:10कहना था कि नटी पटी केव किसी टाइम बॉम से कम नहीं है जो किसी भी वक्त किसी की जान ले सकती है। प्रोफेशनल केवर्स और ऑफिशल्स के दरमयान नटी पटी के लिए जंग चलती रही और आखिर कार 2007 में इसको नए रूल्स के साथ दुबारा खोल दिया गया। ए
02:40इस दिन पहले ही पर्मिट के लिए अपलाए करना पड़ता था और इसी पर्मिट के लिए सॉल्ट लेक सिटी के दो भाईयों जॉन और जॉस जॉन्स ने भी अपलाए किया।
03:10इसको बिग स्लाइड कहते हैं। यही वो पॉइंट था जब जॉन जॉश और दूसरे दो दोस्तों ने गार में मजीद डीप जाने का खतरा मौल लिया। यानि केव का सबसे मुश्किल हिसा जिसे बर्द किनाल कहते हैं। बर्द किनाल इतना तंग है कि आज तक बहुत ही क
03:40रज़िया ओर दोस्त काफी फिट थे तब ही उन्होंने बर्द किनाल तक जाने का फीसला किया जबके बाकी टीम मिमबर्स पीछे ही रहे।
03:48बर्थ किनाल तक जाने का आइडिया भी असल में जॉन का ही था, इसी वज़ा से वो इन सबसे आगे आगे था, रास्ता इतना तंग था कि जॉन अपने पेट के बल रिंग रहा था, ये सोचकर कि वो बर्थ किनाल के रास्ते में दाखिल हो रहा है, जबके वो अनजाने में ए
04:18जबके उसने लेफ्ट टरन ले लिया।
04:48आगे एक डेड एंड था और अब जॉन वाशिंग मशीन जितनी जगा में उल्टा फस चुका था।
04:55उसका सर नीचे टांगे उपर और जगा इतनी तंग के उसके हाथ भी बाडी में दब रहे थे।
05:01यानि वो हाथों का इस्तमाल भी नहीं कर पा रहा था।
05:05जॉन ने कई बार यहां से निकलने की कोशिश की लेकिन एक बार भी कामया भी नहीं मिली।
05:10अब इस वक्त जॉन ने अपने भाई को आवाज देना शुरू कर दी।
05:14कुछ मिन्टों के बाद जब जॉश वहां आया तो उसको जॉन की सिर्फ टांगे नजर आई।
05:19पहले उसने अपने भाई की इस हालत का मजाग बनाया लेकिन जब उसको इस संगीन हालत का अंताज़ा हुआ तब जॉश भी घबरा गया।
05:27जॉश ने भाई की टांगों को पकड़ कर कई बार खींचा लेकिन इस से मामला और खराब हो गया क्यूंके अब जॉश जॉश ज्यादा नीचे चला गया।
05:36जॉश उल्टा फसा हुआ अपनी बाडी को बिलकुल भी नहीं हिला पा रहा था। इस पॉइंट पे दोनों भाईों को लगा कि अब उनको प्रोफेशनल हेल्प की जरूरत है।
05:45अब मसला ये था कि 911 कॉल करने के लिए गार की इस गहराई में मुबाइल सिगनल भी नहीं थे। तब ही जॉश को बाहर आना पड़ा और कॉल करके वो वापस अपने भाई की लोकेशन पर पहुँच गया।
05:57करीब तीन घंटे बाद पहली रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँच गई।
06:27टीम के 30 लोग और भी पहुँच चुके थे। वो सारे जॉश को बाहर निकालने के मुखतलिफ तरीकों पे गोर कर रहे थे। जिनमें एक तरीका उसकी टांगें काटने का भी था। लेकिन आखिरकार उन सब ने रसियों और पुली सिस्टम के इस्तमाल पर इत्तफाक किया
06:57पुली को गार के पत्थरों में ड्रिल करके फिक्स किया जाने लगा जिसमें खत्रा था कि पत्थर तूट कर रास्ता बंद भी कर सकते हैं लेकिन फिलहाल इसके इलावा और कोई आप्शन नहीं था। ड्रिलिंग के दौरान कुछ पत्थर तूट कर सलाइड करते हुए ज�
07:27परकर्स की तादाद अब सौ से ज्यादा हो चुकी थी लेकिन वो सारे कुछ नहीं कर पा रहे थे। और लगे हाथ रेस्क्यू टीम में मजूद एक डॉक्टर ने मामले को मजीद संगीन बना दिया जब उन्होंने ये बताया कि जौन क्यूंके उल्टा फसा हुआ है तो उ
07:57पूरी बाडी को खून सप्लाए करता है और तकरीबन 80% खून नीचे वाले हिस्सों को सप्लाए होता है जहां ग्रैविटी की मदद से सप्लाए आसानी से पहुंच जाती है लेकिन क्यूंके अब जौन उल्टा है तो उसके हार्ट को ज्यादा जोर लगाकर 80% बाडी तक ख
08:27क्यू वरकर्ज ने जौन को कमस कम सीधा करने के लिए कोशिश और तेज कर दी घंटों इंतजार के बाद पुलीस स्टॉल हुई और जौन को टांगों से पकड़ कर खींचा गया लेकिन जल्द ही वो नए मसलों में फस गये जैसा के जौन की टांगें ऐसी पोजीशन में थ
08:57एक पुली घार की दिवार से निकल गई और अब जौन वापस वही फस गया जहां वो पहले था जौन अब काफी पैनिक हो रहा था तब ही टू वे कम्यूनिकेशन सिस्टम अंदर भेजा गया ताके वो अपनी बीवी से बात करके थोड़ा रिलैक्स हो सके ये तरीका काम कर
09:27एक किचाओ पर जौन की टांगों पर बहुत प्रेशर पड़ रहा था बड़ी मुश्किल से इस बार उसको काफी हद तक बाहर निकाल लिया गया इतना बाहर कि अब उसका फेस रेस्क्यू वरकर देख सकता था उस रेस्क्यू वरकर ने बाद में बताया कि जौन की आंखे
09:57गड़े से बाहर आ जाता लेकिन तभी अचानक एक जटके से दुबारा पुली फेल हो गई और जौन वापस से उसी जगा में जाकर फस गया जहां वो पिछले करीब 20 घंटों से फसा था जौन जोन्स को बचाने के आखरी अटेम्ट में उसके गिर्द पत्रों को ड्रिल कर
10:27की कोशिश की लेकिन कोई फाइदा नहीं हुआ इस पॉइंट पर एक बहदर पेरामेडिक को जौन की पल्स लेने के लिए नीचे बेजा गया जिस बात का सब को शक था वही हुआ जौन जोन्स को 25 नवंबर 2009 रात को 11 बचकर 50 मिन्टों पर मुर्दा करार दे दिया गया ज�
10:57सही से चेक नहीं हुई होगी और उसका हस्बेंड अभी भी जिन्दा है लेकिन जो हाकिकत थी वो सब के सामने थी पर जिस चीज़ की डॉक्टर्ज ने सिर्फ 10 घंटे के बाद उमीद की थी जौन की अच्छी हेल्थ की वज़ा से वो मजीद 17 घंटे तक जिन्दा रह पाय
11:27तो हमेशा हमेशा के लिए बंद करके जौन की कबर डिकलेर कर दिया जाए आज भी जौन जौन्स की डेड बाडी नटी पटी घार के अंदर उसी पोजीशन में मौजूद केव एक्स्प्लोरिशन के खतरात की याद दिलाने का काम कर रही है और घार के बाहर उसकी याद मे
11:57झाल
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