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  • 2 months ago

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00:00इनसानों के इस दुनिया में आने से भी बहुत पहले लगबग 6 करोड साल पहले हमारे प्लैनेट पे ऐसे दियो राज किया करते थे जिनको आज हम डाइनोसार्स के नाम से पहचानते हैं।
00:12इन डाइनोसार्स ने हमारी दुनिया पर चंद सो या चंद हजार सालों तक नहीं बलके ये पूरे 18 करोड सालों तक इस दुनिया पर राज करते रहें।
00:42इन पीक पे था तो अर्थ पर 400 बिलियन से भी ज़्यादा डाइनोसार्स हुआ करते थे यानि 40,000 करोड से भी ज़्यादा हम इनसानों से भी पहले पाए जाने वाले चानवर जिनकी नसले मरकर अब खतम हो चुकी हैं उनके धांचे या कोई भी ऐसी चीज जो उनकी इस द�
01:12ये फोसिल समंदर के बॉटम से भी 2250 मीटर नीचे दफन हो रखा था करोड़ों साल तक जमीन के अंदर दफन रह जाने की वज़ा से फोसिल का अपनी असली हालत में रहना काफी ज्यादा मुश्किल होता है
01:27ज्यादा तर फोसिल्स तो गल कर ओयल बन जाते हैं जिनको हम प्रोसेस करके फ्यूल के तोर पे इस्तमाल करते हैं
01:34कई बार उनकी सिर्फ टूटी फूटी हड़ियों के हिस्से मिल पाते हैं या अगर बहुत हो जाए तो उनका सिर्फ धांचा ही मिल पाता है
01:43अगर गूगल पर डाइनोसौर्स टाइप करके सर्च किया जाए तो एक लंबी लिस्ट सामने आ जाती है
01:49ये सब उन डाइनोसौर्स की किसमे हैं जिनके फोसिल्स के चंद हिस्से हमें मिले थे
01:54इन हिस्सों को जोड़ कर और मुक्तलिफ जगा से इनके फुट प्रिंट्स का मौइना करके एक अंदाजा लगाया जाता था
02:02कि ये दियों दिखते कैसे थे इनका चलने का अंदास कैसा था और ये क्या कुछ खाते थे
02:08अभी तक हमें कोई एक भी ऐसा डैनोसार फोसिल नहीं मिला जो बिलकुल अपनी असली हालत में मुझूद हो
02:15लेकिन अब अनकरीब मिलने जा रहा था
02:182011 में शौन फंक नामी शक्स कैनेडा की एक माइन पर खुदाई का काम कर रहा था
02:24ये खुदाई जमीन में 200 फीट डीप सेंक और मिलिनियम माइन के लिए की जा रही थी
02:30जो कैनेडा की प्रोविंस अलबर्टा में वाके है
02:33दुपहर के डेड़ बज रहे थे और खुदाई का काम जोरो शोरों से चल रहा था
02:38वैसे तो यहां की मिट्टी बिल्कुल सौफ्ट थी और इसी वज़ा से एक्सकवेटर को ज्यादा जोर भी नहीं लगाना पड़ रहा था
02:46लेकिन फिर एक पॉइंट ऐसा आया जब एक्सकवेटर को अपने दांत मिट्टी में धसाने के लिए जोर लगाना पड़ा
02:53पहले तो शौन फंक जो के एक्सकवेटर को अपरेट कर रहा था उसने समझा कि शायद उसके रास्ते में कोई बड़ा पत्थर आ गया है
03:01जब उस पत्थर नुमा चीज़ पर जोर लगाया गया तो शौन को एक अजीब औ गरीब पैटरन जमीन में धसा हुआ नजर आया
03:23और एक्जेक्टली शौन ने भी ऐसा ही किया उसने अपने शिफ्ट सुपरवाइजर को बलाया और फिर अगले कई घंटों के दौरान माइन पर मौजूद सारे लोग इस अजीब चीज़ को देखने के लिए इकटे हो गए
03:35लेकिन फिर हकीकत से तो तब परदा उठा जब रॉयल टेरिल म्यूजियम से तालुक रखने वाले डॉक्टर डॉनल हैंडरसन ने सीन में एंटरी मारी
03:45डॉक्टर डॉनल जिनको प्री हिस्टॉरिक फॉसिल का काफी ज़्यादा एक्सपिरियंस है
03:50वो देखते साथ ही समझ गए कि ये कुछ और नहीं बलके ये किसी ऐसे जानवर का फॉसिल है
03:56जिसका आज से पहले किसी को भी इलिम नहीं था
03:59डॉक्टर डॉनल्ड का मानना था कि अलबर्टा से पहले भी जो फॉसिल मिल चुके हैं
04:04वो समंदर में रहने वाले प्लीजियसौर्स के थे
04:07इसी वज़ा से उनका ख्याल था कि ये फॉसिल भी किसी प्लीजियसौर का ही होगा
04:12लेकिन उनको इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था
04:16कि जो चीज इनके सामने मिट्टी में धसी हुई है वो इनकी जिन्दगी बदलने जा रही है
04:22आठ करोड साल पहले कैनेडा का ये हिसा जहां से फॉसिल मिला था
04:27ये गहरे समंदर के नीचे होता था
04:30जो पलीजियसार्ज इस समंदर में रहते थे वो मरने के बाद जमी बोस हो गए
04:35और इसी वज़ा से इस एरिया से ज्यादा तर फॉसिल्स पलीजियसार्ज के ही मिलते हैं
04:40लेकिन मिलने वाला ये फॉसिल भी पलीजियसार का ही था या किसी और जानवर का
04:45और सबसे बढ़कर ये कि आखिर वो धिकता कैसा था
04:49ये सब जानने के लिए जरूरी था कि पहले इसको बाहफाज़त जमीन से बाहर निकाला जाए
04:54और ये काम इतना आसान नहीं था
04:57एक्सकवेशन के गुरू बलवाए गए और बड़ी एहत्यात से फौसिल को जमीन से बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया गया
05:05फौसिल की साइडों और उपर से मिट्टी हटा दी गई और अब बारी थी इसको जमीन से अलग करने की
05:11नॉर्मली ऐसे काम के लिए अलेक्टरिक जैक हैमर इस्तमाल किया जाता है लेकिन क्योंकि इससे फौसिल को नुकसान पहुंचने का खत्रा था
05:20इसी वज़ा से एक्सपर्ट्स ने हाइडो वेकिंग टेकनॉलोजी इस्तमाल करने का फैसला किया
05:25हाइडो वेकिंग ऐसी टेकनॉलोजी होती है जिसमें पानी की हाई प्रेशर गन से किसी भी चीज़ को काटा जाता है
05:32और साथ साथ इंडस्ट्रियल ग्रेड वेक्यूम से मिट्टी और पानी को सक कर लिया जाता है
05:38हाइडो वेकिंग के जरीए काम बड़ी महारत और काफी तेजी से कर लिया गया
05:43अब ये जाइंट पत्थर जिसके अंदर फोसल मौजूद था वो जमीन से अलग हो चुका था और अब बारी थी इसको उठा कर ट्रक में लोड करने की
05:53एक्सपर्ट का ख्याल था कि इसको करेन की मदद से उठा कर ट्रक में बाअसानी लोड कर दिया जाएगा
05:59लेकिन कहीं न कहीं सब के दिल में ये डर जरूर था कि लिफ्टिंग के दुरान कहीं कुछ अबनॉर्मल ना हो जाए
06:07और बिलकुल वही हुआ जिसका डर था
06:10जी हाँ जैसे ही करेन ने फोसिल को उपर उठाने के लिए जोर लगाया तो वो एक ही जटके में दो हिस्सों में बढ़ गया
06:17ये देखते ही साइट पर मौजूद तमाम लोगों को तो जैसे साम भी सूंग गया
06:23जहां एक्सपर्ट्स को अपनी मेहनत जाया होने का दुख था
06:29वहीं रॉयल टेरिल म्यूजियम की टीम को फोसिल के तूट जाने का घम खाया हुआ था
06:34फोसिल दिखने में तो पत्थर जैसा लग रहा था
06:37लेकिन उसका सेंटर काफी जादा नाजुक था
06:40जो करेन के प्रेशर को बरदाश्ट ना कर सका
06:43लेकिन ऐसा नहीं था कि सारी उमीदें खतम हो गई हो
06:47बेशक फोसिल टूट चुका था लेकिन ये अभी भी कम्पलीट था
06:51इसके अंदर क्या कुछ चुपा है ये जानना अभी बाकी था
06:54फोसिल के तमाम हिस्सों को अच्छी तरह पैक करके
06:58रॉयल टेरिल म्यूजियम पहुंचा दिया गया
07:00जहां अब एक और दिल्चस्प हकीकत से परदा उठने का वक्त आप पहुंचा था
07:05इस पॉइंट पर किसी को भी फोसिल की असल हकीकत मालूम नहीं थी
07:09करोड़ों साल जमीन के अंदर दफन रह जाने की वज़ा से
07:13फोसिल को इसके गिर्द जम्य हुए पत्रों से अलग करना एक ऐसा काम था
07:18जिसमें सालों की महनत रिकॉाइट थी
07:20लेकिन ये काम हर सूरत करना जरूरी था
07:24पूरे पांच साल और साथ हजार घंटों की महनत करके
07:28फोसिल को जब पत्रों से आजाद करवा लिया गया
07:31तो जो कुछ देखने को मिला
07:33वो पिछले कमस कम आठ करोड सालों से किसी ने भी नहीं देखा था
07:37सारे पेलियॉन्टोलोजिस्ट ये देखकर हैरान रह गए
07:41कि ये फोसिल किसी प्लेजियोसार का नहीं
07:43बलके ये तो डैनोसार का फोसिल है
07:46लेकिन सबको एक जोर का धचका तो तब लगा
07:49जब उनको ये मालुम पड़ा
07:51कि इस डैनोसार का फोसिल इतनी अच्छी तरह प्रिजर्वड है
07:55कि अभी तक इसकी खाल भी डैमेज नहीं हुई
07:58ये दुनिया का वाहिद ऐसा डैनोसार था
08:00जो हमें बिलकुल असली हालत में मिला था
08:03माजी में जितने भी डैनोसार फोसिल्स हमें मिल चुके हैं
08:07ज्यादा से ज्यादा उनकी हडिया मिलती थी
08:10और फिर कई सालों की मेहनत करके उनको वापस चोड़कर म्यूजियम्स में रख दिया जाता था
08:16रेडिश ब्राउन कलर की स्किन सेल्फ डिफेंस के लिए पूरी बौडी पर आर्मर जैकेट
08:22और साड़े तीन टन वजनी इस डाइनसौर के बारे में इस से ज्यादा और कुछ मालूम नहीं था
08:28जब टेक्नीशन्स ने इसको पूरी तरहां पत्थरों से आजाद कर दिया
08:32तो अब बारी थी पेलियॉन्टोलिजिस्ट की जिनको डाइनसौर की इस अजीब किसम पर मजीद तहकी करना थी
08:40रिसर्चर्स पहली बार एक ऐसे नमूने पर रिसर्च कर रहे थे जो बिलकुल ओरिजिनल हालत में मौजूद था
08:47सालों की रिसर्च और कई सो टेस्ट करने के बार जो कुछ मालूम पड़ा वो वाकई काफी ज्यादा इंटरस्टिंग था
08:54ये डैनसौर आज से करीब 110 मिलियन साल पहले यानी तकरीबन 11 करोड साल पहले मरा था और जिस वक्त इसकी मौत होई तब ये कुछ खा भी रहा था
09:06आहिस्ता आहिस्ता चलने वाला ये डैनसौर प्लांट्स खाता था और हैरतंगे स्टॉर पे इसके पेट से उस प्लांट के ट्रेसिस भी बरामत हुए जो इसी के साथ प्रिजर्व हो गए थे
09:17ये डैनसौर जिरासिक एज के उस हिस्से में पाया जाता था जब इस दुनिया पर रेप्टाइल्स का राज हुआ करता था
09:25इनके खतम होने के बाद जमीन, हवा और पानी को नए जानवरों ने रिप्लेस कर दिया जिसमें टी रेक्स जैसे खूंखौर डैनसौर भी थे
09:47हिला कर रख दिया था और इसके नतीजे में होने वाली तबाही का अंदाजा लगाना ही काफी ज़्यादा मुश्किल है
09:54साइंस दानों का मानना है कि इसी तबाही की वज़ा से ही पूरी दुनिया से डैनसौर्स का खात्मा हुआ था
10:01लेकिन एक्सपर्ट्स पूर उमीद है कि इस तरह के लाखों फोसिल्स पहाडों या जमीन के नीचे अभी तक दफन है
10:08उमीद है जैम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग बरपूर लाइक और शेयर करेंगे
10:13आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहत शुक्रिया मिलते हैं अगली शांदार वीडियो में
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