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  • 15 hours ago

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00:01मम्ता की बहु शूची हर बात पर चिक-चिक करती जो मम्ता को बिल्कुल अच्छा नहीं लगता
00:08बहु तेरे में कोई कमी नहीं है सारा काम भी तु बहुत अच्छे से करती है लेकिन ये तेरी जो
00:15जबान है न बड़ी कैची की तरह चलती रहती है जो तेरा सारा काम बिगाड़ कर रख देती है
00:23वा जी वा मतलब आप लोगों को बे जबान बहु चाहिए थी जो न बोले न बात करे और आप
00:31लोग बस सिल्म ढाते रहे तबी वहां क्षिती जा जाता है
00:36अरे ऐसा क्या जुल्म हो रहा है तुम्हार उपर मा सही कह रही है मैं खुद तुम्हारी चलती जबान से
00:42परिशान हो गया हूँ
00:44अब तो शूची का पारा साथवे आसमान पहुँच जाता है
00:49वाची वाँ अब आप भी क्या नहीं किया मैंने आपके लिए अपना सब कुछ दाओ उपर लगा दिया लेकिन आप
00:57भी अपनी मा की जबान बोलने लगे
01:01अरे यार कैसी बात बोल रही हो मा की जबान बीवी के जबान अरे मेरी तो कोई जबान है ही
01:07नहीं जैसे
01:07देखो शुची मा से बुरा व्यवार में पसंद नहीं करूँगा
01:12अब क्या था मा के सामने अपनी हुकमत कम होती देख शुची को मा से नफरत होने लगती है
01:19अगले दिन शुची मा के कमरे में जाती है
01:24मा ये लीजे गरम पानी
01:27पानी रखकर वो चली जाती है
01:29लेकिन जैसे ही मा गरारा करने लगती है
01:33अई रे बै तुक जल गई
01:35अरे पानी इतना गरम क्यों दिया शुची
01:38मेरा तो पुरा का पुरा मुँँ ही जल गया
01:42वाह मज़ा आ गया
01:44लग रहा है गरम पानी ने अपना काम कर दिया
01:47अब और लगो न मेरे मुँ
01:51शुची मा के चिलाने के आवाज आ रही है
01:54और तुम कैसी हो के जाती भी नहीं
01:56देखती भी नहीं कि मा को क्या हो गया
01:58आवाज तो आपको भी आ रही है
02:00जा तो आप भी सकते हैं
02:02लेकिन नहीं शुची ने तो जैसे सारे काम का
02:05कॉंट्रेक्स साइन कर लिया है तुम्हारे परिवार से
02:09यह कहकर
02:10शुची मा के कमरे में जाती है
02:12लिकिन जैसे ही वो कमरे में
02:14घुसती है मा जल्दी से
02:15शुची को पकड़ कर खींच लेती है
02:17और उपर एक बड़ी सी
02:20छिपकली गिरती है
02:21शुची शिपकली देखकर डर जाती है
02:24यह भगवान
02:25यह शिपकली मेरे उपर गिरती
02:27तो मैं तो मरी जाती
02:29हाँ बेटा मैं जानती हूँ
02:31कि तू शिपकली से डरती है
02:33और समय पर मेरी नजर पड़े गई
02:35ऐसे मेरा मू जल गया है
02:38प्लीज कुछ कर
02:40रहा नहीं जा रहा है
02:42शुची को अपनी के पर
02:44पच्टावा होता है
02:45और भाग कर सास को बर्फ देती है
02:48यह लीजिए
02:49इसे मुँ में रख लीजिए
02:50और गल्ती तो वैसे आपकी भी है
02:53चेक करना चाहिए तहना आपको की पाने कितना गरम है
02:56अरे साथ साल हो गए तेरी शादी को
02:59तब तो चेक नहीं किया आप क्यों करूँ
03:02वा जीवा यहां भी मेरी ही गलती है
03:05अरे इंसान हूँ मशीन नहीं जो हमेशा सही रहू
03:09अच्छा आज मैं दो पर में सहल के घर जा रही हूँ
03:12अब इसे बता दिती हूँ
03:13अरे हाँ जा ना मैंने कम मना किया है
03:17पता है नहीं किया लेकिन बच्चे
03:21हाँ हाँ जैसे तू हमेशा बच्चों को साथ ले कर जाती है
03:25मैं देख लूँगी ना
03:27शुची तयार होकर सहली के घर जाती है
03:31आरे वा सुची तेरी ड्रेस तो बहुत अच्छी है
03:35तो ऐसे कपड़े पहन कर निकलती है
03:38तो तेरी सास कुछ नहीं कहती क्या
03:41दूसरी सहली बच्चा संभालती हुए कहती है
03:45आरे सूची शाही है तू
03:47इंजाई भी कर लेती है लाइफ को
03:50और बच्चा सास देख लेती है
03:52तेरे तू मज़े है भाई मज़े
03:55अरे मज़े कैसे जब वो बोलती है न तो बड़ा ही करवा बोलती है
03:59रहने दे अच्छा चल मैं जा रही हूँ डिनर भी तो बनाना है न
04:03शूची ये बोलकर वहां से चली जाती है
04:05घर आकर देखती है कि मां बच्चों के साथ खेल रही है
04:10आ गई बेटा
04:12आना ही था न खाना कौन बनाएगा
04:15फिर रात होते ही सब चिलाने लगेंगे
04:17खाना खाना और फिर सबको मौका मिल जाएगा न मुझे कहने का
04:21कि मैं सही हूँ ही नहीं
04:23खाना भी नहीं बनाती हूँ
04:25और आप आप तो सबसे पहले बोलेंगी
04:29अपसास को गुसा जाता है
04:32एक तो सारा दिन तेरे बच्चों को देख रही थी
04:35घर पर किसी न किसी का अना जाना लगा रहता है
04:38बच्चे घर गंदा करते हैं उसे देखती हूँ
04:41हद है अब क्या खाने की जिम्बदारी भी मैं ही ले लूँ
04:45तो करेगी तू क्या
04:47शूची को ये सुनकर कुछ ज्यादा ही गुसा आजाता है
04:51बस माजी बस अरे ये तो गुलामों वाली जिंदगी हो गई
04:54कोई फ्रीडम रहा ही नहीं
04:56ऐसा लगता है कि बंद कर रह गई हूँ
04:58घर तो किसी कैद खाने सा हो गया है
05:01मनी नहीं करता यहां रहने का
05:03अब मैं और आप एक घर में रही नहीं सकते बस
05:06अरे तो क्या मैंने बांध गर रखा है तुझे
05:09अरे मैंने क्या कर दिया जिससे तुझे ऐसा लग रहा है
05:13और तेरा इतना बोलने के बाद
05:15मैं खुदी तेरे साथ नहीं रहना चाहूंगी
05:18लेकिन अब सवाल था कि सासुमा जाएंगी कहां
05:21क्योंकि बहुतो माई की चली जाती है
05:23लेकिन सास सास कहां जाये
05:25तब इक शिति जा जाता है
05:28उसे भी सारी बात का पता चलता है
05:30वो मा को समझाता है लेकिन वो मानती नहीं
05:33और नहीं शूची मानने को तयार
05:35दोनों की लड़ाई में मा का समान पैक हो जाता है
05:39मा अब कहां जाएंगी
05:42मैं भी अपने माई के जाओंगी
05:44माना मेरे माता पिता नहीं रहे
05:46लेकिन भाई भावी से भी तो माई का होता है न
05:50और सास निकल जाती है माई के
05:52बस फिर क्या था
05:54शुची सुबर-शुबर गरम पानी लेकर
05:56मा की कमरे में जाती है
05:57लेगिन मां माा मा नहीं होती
06:00हाय चलो अच्छा है
06:02अब ये रोज-रोज की काम से तो बची
06:04ये कहकर वो कमरे में
06:06जाती है जहां अकसर मा बैठी रहती थी
06:09हम् Really
06:10खाली-खाली लग रहा है
06:13तबी उसकी सहली का फोन आ जाता है
06:16अरे सुची, बहुत अच्छी सेल लगी है
06:19काडियों के दाव में ब्रांटिट का प्रेज, जूतिय और बैग मिल रहे हैं
06:23चलो न चलते हैं
06:26वारे वा, ठीके मैं आती हूँ
06:29अब तो कोई टेंशन है ही नहीं
06:31सासुमा भी नहीं है, अब तो मज़े से गुमूंगी
06:35अरे मज़े से तो तो पहले भी गुमती थी
06:37लेकिन सास नहीं है, तो बच्चे कान देखेगा
06:40और तुझे तो पता है न, मॉल्स में बच्चों की एंट्री बैन है कारणा के कारण
06:46आरे तो फिर कैसे आऊंगी मैं
06:49सेल तो बस आज के लिए है, कल खतम
06:52शूची को बड़ा रोना साता है
06:55फिर वो जब दिन में खाना खाने बैठती है, वो भी अकेले-अकेले
07:00अकेले तो कोई खाना भी नहीं खाया जाता
07:03मैंने खारी मा की बिना
07:06शाम को क्शिती जाता है तो शूची जोर-जोर से रोने लगती है
07:11अब क्यों रो रही हो? क्या हुआ?
07:13मा को गर से निकाल कर शांती अभी भी नहीं मिली तुमें?
07:17नहीं, मैं मा के बिना नहीं रह सकती
07:20ना कोई बताने वाला है कि मैं कैसी लग रही हूँ
07:23ना ही कुछ समझने समझाने वाला
07:26मैं मां के बिना नहीं रह सकती
07:28चलो मां को ले आते हैं
07:31हरे वा, ऐसा शायद पहली बार होगा
07:34कि बहु रूठी सास को माई के से लेने जा रही है
07:38दोनों सास को लेकर घर आते हैं
07:41और अगले दिन से
07:44फिर वही शुरू
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