00:00इमानदार मिठाई वाला
00:02एक गाउं में महिश नाम का एक हलवाई रहता था
00:05उसकी दुकान दूर दूर तक मशूर थी
00:08आसपास के सभी गाउं वाले महिश की दुकान से ही मिठाई लेते थे
00:13भई मज़ा आ गया, क्या लजीज रबडी है
00:18यह लड़ो भी लीजिए, शुद्ध देशी घी के हैं, आज ही बन कर आए हैं
00:23लाओ भई लाओ, एक किलो लड़ो भी बैक कर दो
00:26महिश का एक बेटा था रवी, रवी ने पढ़ाई छोड़ दी थी और वो दिन भर घर में ही बैठा
00:33रहता था
00:33उठ बेटा रवी, आज मेरे साथ दुकान पर चल
00:37मैं वहाँ क्या करूँगा पापा
00:39अरे दुकान दारी सीख बेटा, आगे चल कर ये सब तुझे ही तो संभालना है
00:45मुझे ये सब कुछ नहीं संभालना, मैं वीडियो गेम खेलूँगा, फिर दोस्तों के साथ बाहर जाओंगा
00:51ये भगवान, इसे थोड़ी अकल दे दो
00:56ऐसे ही चलता रहा, तो आगे न जाने इसका क्या होगा
00:59महेश बड़बडाता हुआ दुकान चला जाता है, दुकान पर
01:04ओ गसी टाराम, मुझे थोड़े चक्कर आ रहे हैं, जरब पानी दोलाना
01:12जे जे मालेक
01:15सुन, मैं घर जा रहा हूँ, आज दुकान तू संभाल ले
01:19जैसा आप कहें मालेक
01:22महेश बिस्तर पर लेटा है
01:24आपको बहुत तेज बुखार है, एक अफ़ते बेडरिस्ट करनी होगी और ये दवाईया लेनी होगी
01:30हाई राम, ये क्या हो गए आपको
01:36मैं तो एक अफ़ते में ठीक हो जाऊंगा, पर दुकान कौन संभालेगा
01:41अब फिक्र ना की जी जी, मैं रवी को समझा कर दुकान भीज दूँगी
01:46आप बस जल्दी से अच्छे हो जाईए जी
01:49अगले दिन रवी दुकान पर पहुँचता है
01:53आईए आईए मालेक, मैं आपी का इंतजार कर रहा था
01:57क्यों, ये मेरी दुकान है, मैं जब जी चाहें आऊ
02:00तुम लोग सुबह से आकर काम पर लग जाया करो, समझे
02:05जी जी मालेक, दर ऐसल लड़ू बनाने है, तो घी लेने जाना है
02:10पाच हजार रुपे दे दीजी
02:13पाच हजार, तुम्हारा दिमाग तो ठीक है
02:16इतने महेंगे लड़ू बनाएंगे, तो मुनाफ़ा क्या होगा
02:20पर देशी घी पी तो बहुत महेंगा है ना मालेक
02:24क्या जरूरत है देशी घी की, डालडा ले आओ
02:29पर मालेक
02:30मुझसे बहज मत करो, जितना कहा गया है करो
02:34और क्या क्या बन रहा है
02:37मावे की बर्फी मालेक
02:40मावा मावा मावा
02:43तभी उसकी नजर एक डब्बे पर पड़ती है
02:45ये क्या है
02:48ये रवा है मालेक
02:49एक काम करो, हर एक किलो मावा में
02:52200 ग्राम रवा मिला दो
02:54पर बर्फी का स्वाद बिगड़ जाएगा मालेक
02:57जितना कहा है करो, अब जाओ यहां से
03:00अगले दिन
03:01क्या बात है रवी बाबू
03:03आपके पापा दिखाई नहीं दे रहे
03:06अब उनकी तब्यद खराब है
03:09अच्छा भाई अच्छा
03:11बस उन्हें ये बताना था कि
03:14वो आज आये नहीं
03:16तो उनकी मिठाई बड़ी
03:18बेस्वाद लग रही है
03:20लेना है तो लो वरना चलते बनो
03:23अरे अरे अरे
03:24ये कोई तरीका है
03:26ग्रहाक से बात कर दे का
03:27चलो भाई चलो यहां से चलो
03:30अगले दिन
03:32भाईया कल जो मैं लड़ू ले गया था
03:34उनका स्वाद बड़ा बेकार लगा
03:36महेश बाबू का नाम
03:38सुनकर बड़ी दूर से आया था
03:40200 रुपय में इससे अच्छा
03:42और क्या मिलेगा
03:43सुबा सुबा मनूस बाते मत करो
03:46पूछ लेना है तो लो पनना फूटो
03:48यहां से
03:49रवी के इस व्यवार के चलते
03:51दो-चार दिनों में ही
03:53ग्रहकों का आना कम हो जाता है
03:55मैंने तो सोचा था
03:57कि कम पूँजी में ज्यादा मुनाफ़ा होगा
03:59पर यहां तो गाटा हो रहा है
04:01अखे चक्कर क्या है
04:03लगता यह दुकान दारी
04:06मेरे बस की नहीं
04:07महेश ठीक होकर दुकान लोटता है
04:09तो घसीता राम उसे सब कुछ बताता है
04:12हे भगवान
04:14इसने तो मेरी सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया
04:17अब क्या करेंगे मालिक
04:19कुछ नहीं
04:21सबसे पहले तुम
04:22पहले की तरह शुद्ध और अच्छी मिठाया बनाओ
04:25और मुझे गाओं के उन सब लोगों के नाम बताओ
04:28जिनसे रवी ने बत्तमीजी की
04:30रवी
04:32कल सुबह दुकान पर आ जाना
04:34बहुत जरूरी काम है
04:36मुझे नहीं आना
04:37मैंने एक हफता दुकान संभाल ली है
04:39अब संभालो आप
04:42दुकान तो तुने जैसे तैसे संभाल ली
04:45पर सीखा कुछ नहीं
04:47कल तुझे बहुत जरूरी सीख देनी है
04:51रवी पैर पटकता हुआ बाहर चला जाता है
04:54अगली दिन
04:55ये ले ताजी शुद्ध मिठाईयां
04:59मैं इतनी मिठाईयों का क्या करूँ
05:01इन्हें उन सब के घर दे कर आओ
05:03जिनसे तुमने बत्तमीजी की
05:05और साथ में माफी भी मांग लेना
05:08अरे पर मैंने तो सिर्फ उने
05:11बेटा घर आया महमान
05:13और दुकान पर आया ग्राहक
05:15भगवान के समान होता है
05:17अब तो जल्दी जा
05:19और कल से कमाल देखना
05:21रवी उन सबी चार-पाच
05:24लोगों के यहां जाकर
05:25मिठाई देता है और माफी मांगता है
05:27अगले दिन दुकान
05:30पर ग्राहकों की भीड लग जाती है
05:32मान गय है महेश बाबू
05:34आपने तो आते ही
05:36घर तक मिठाई विजवा दी
05:37बस मेरे बेटे की
05:40गुस्ताकी को माफ कर देना भाई
05:42उसमें अब तक बच्पना है
05:44हाँ हाँ
05:45आपके लड़ू के बदले हर चीज की माफी है
05:48भाई आज तो मेरे पडोसी भी
05:51आपकी उदारता देखके दंग रह गए
05:53इतनी बड़ी दुकान के
05:55मालिक का बेटा
05:56घर तक माफी मांगने आया
05:58भाई रिष्टे निबाना तो कई आप से सीख है
06:04बस आप लोगों की दया है
06:06ताजी रसमलाई आई है
06:08लेंगे आप
06:09हाँ भाई हाँ
06:11दो सु ग्राम पैक कर दो
06:13शिक्षा
06:14सफलता पाने के लिए इमानदार
06:17और विनम रहना बहुत जरूरी है
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