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  • 14 hours ago

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00:16अगर इने इतने ही शर्म होती तो मेरे इतने हैंसम भाई को इस तरह फ़साती नहीं
00:23बानी और शिवम की लव मेरेज हुई है
00:26बानी के ससुराल में उसके ननद और सास हैं जिने अपने गोरे रंग पर बहुत गुरूर होता है
00:33जिस वज़े से वो बानी को सिर्फ उसके साउले रंग की वज़े से ना पसंद करती है और हमेशा उसे
00:39ताने सुनाती रहती है
00:41बानी उनकी सभी जली कटी बाते सुनकर चुप चाप वहाँ से चली जाती है
00:47तुम मा और छोटी को कुछ बूलती क्यों नहीं?
00:52ममी जी बड़ी है, हर छुटकी ना समझ, इस तरह उन्हें उल्टा जवाब दिना सही नहीं
00:57मेरी जिम्मदारी उनकी सेवा करना है, जो मैं पूरे दिल से हमेशा करती रहूँगी
01:03ऐसा बोलकर बानी रसुई में जाकर रात के खाने की तयारी करने लगती है
01:09रात को खाना खाते हुए बानी की सास उसे कहती है
01:13कल मैंने अपनी फ्रेंड्स के साथ किटी पार्टी रखी है
01:17समय से सारा खाना बना देना
01:19और अपना मनहूस चहरा लेकर ज्यादा उनके सामने मता ना समझी
01:24मा, बानी आप दोनों की कितनी परवा करती है
01:27फिर भी आप उससे इतना बुरा व्यवार क्यों करती है
01:31अरे, एक तो लव मैरेज करके इस कल मुही को हमारे सर पला कर बिठा दिया
01:37और अब हम इसे कुछ बोल भी नहीं सकते क्या
01:41भाईया तो इनकी तरफदारी करेंगे ही
01:43आखिर इनोंने पूरी तरह उन्हें अपने वश में जो किया है
01:49जिसे जो करना है करे
01:51बस कल मेरा सारा काम समय पर हो जाना चाहिए
01:55इस पर सब खाना खाकर सोने चले जाते है
01:57और अगले दिन बानी जल्दी उठकर सास की किटी पार्टी के लिए तैयारियां शुरू कर देती है
02:03जिस पर पार्टी शुरू होने के बाद सास की सहलिया कहती है
02:08आरी वहरी तेरी बहुने तो बड़े स्वादिष्ट समोसी बनाए है
02:13हाँ भई रंग कैसा भी हो खाना बनाने में बिल्कुल अन्डपूर्णा है
02:20अरे इसकी भी क्या बात करनी मेरी बेटी से मिलो
02:24इसकी सुन्दरता की आगे तो उर्वशी रंभा भी फेल है
02:30उर्वशी रंभा को तो फेल कर देगी पर क्या अन्डपूर्णा बन बाएगी
02:36अरे इसे काम करने की क्या जरूरत उसके लिए बानी है तो
02:41और मैं तो इसकी शादी भी किसी नौकर चाकर वाले घर में ही करूँगी
02:47बानी वापस रसुए में चली जाती है
02:50और किटी पाटी चलती रहती है
02:52उसी रात को बानी की सास गुस्से में चलाते हुए अपने कमरे से बाहार निकल कर आती है
02:59हाई रे चोरी हो गई
03:01मेरे पैसे
03:04पक्का पक्का इस कलमुही के वज़़ा से हुआ है ये सब
03:07अरे क्या हुआ मा कौनसा आस्मान तूट गया
03:11अरे आस्मान तो उसी दिन तूट गया था
03:14जब तु इसका अलमुही से शादी करके इसे घर में ले आया था
03:17खुद तो आई ही अपने साथ साथ मनुस्यत का काला साया भी मेरे घर ले आई
03:23अरे हुआ क्या मा
03:25अरे मेरी तिजोरी में रखे पैसे कहीं गायब हो गए
03:29सुबह ही देखा अरे यहीं रखे थे
03:33क्या आप मुझ पर चोरी का इल्जाम लगा रही है
03:37अरे काली बिली पर भी क्या कोई मन हुसियत का इल्जाम लगाता है
03:43ऐसा बोलकर बानी की सास वहां से चली जाती है
03:47जिसके बाद शिवम और बानी बात करने लगते हैं
03:50देखो मामी की बात का बुरा मत मानना
03:53वो बस परिशान है ना इसलिए कुछ भी बोल गई
03:56वो परिशान नहीं मुझ से नफरत की वज़से ऐसा बोल कर गई है
04:01उन्हें मैं हमेशा एक आँख नहीं सुहाती
04:05देखो बानी अगर तुम चाहो तो हम दूसरा घर लेकर वहाँ शिफ्ट कर सकते हैं
04:10आखिर तुमसे प्यार करके तुम्हें अपनी जिम्मेदारी पर इस घर में लेकर आया हूँ
04:14इस तरह टार्चर नहीं होने दे सकता
04:16अगर आप साथ हैं तो मुझे किसी चीज की टेंशन नहीं
04:21और आखिर वो हमारी बुजर्ग हैं
04:23हम उन्हें और छुटकी को इस तरह अकेले छोड़ कर कैसे जा सकते हैं
04:28इसके बाद बानी भी अपने कमरे में चली जाती है
04:31और अब हर रोज उसकी सास की तिजोरी से पैसे गायब होने लगते हैं
04:36इसी तरह कुछ समय बीच जाता है और वो हर बार हर चीज का इलजाम बानी पर लगाती है
04:42पर बानी कभी कुछ पी नहीं बोलती
04:46कल मुही नास पीटी बहु को घर की लक्ष भी बोलते हैं
04:51ये तो पनोती बन कर आई है पनोती
04:53एक रात बानी के सास को आधी रात में प्यास लगती है
04:57तो वो पानी पिने रसोई के तरफ जाती है
05:00तब ही उससे अपनी बेटी की कमरे में कुछ आवाज सुनाई देती है
05:05हाँ हाँ मैंने मम्मी की तिजोरी से हर रोज थोड़े थोड़े पैसे निकाल कर
05:10हम दोनों की लायक खुब पैसे इकटे कर लिये है
05:13और मम्मी आज तक उस सब के लिए भावी को ही जब्मदार समझती है
05:18तुम बस जल्दी से आकर मुझे यहाँ से ले जाओ
05:22और हम कहीं दूर जाकर शादी कर लेंगे
05:25मम्मी की कुछ पता नहीं चलेगा
05:27साप मुसिबत खत्म
05:29अपनी बेटी की यह सारी बाते सुनकर
05:32बानी की सास भोचक की रह जाती है
05:35और अपने कमरे में वापस चली जाती है
05:38जब अगली सुबव बानी सास के कमरे में आती है
05:42मम्मी जी क्या बात है आज आप कमरे से बाहर ही नहीं आई आपकी तब्यत तो चीक है ना
05:49क्या छुटकी कमरे से बाहर आई या तुम उसके कमरे में गई
05:54नहीं नहीं क्यों जाना है क्या मैं अभी चली जाती हूँ
05:59नहीं कोई कहीं नहीं जाएगा
06:01इस पर वो बानी को साथ लेकर कमरे से बाहर आती है
06:05जहां शिवम भी होता है
06:07वहां उसकी सास बोलती है
06:09छुटकी मेरी तिजोरी के सारे पैसे लेकर
06:12अपनी मा के बारे में कोई खयाल करे बिना
06:16किसी लड़के के साथ घर छोड़ कर चली गई
06:18और बहु तुमने मुझ जैसी सास की सेवा करने के लिए
06:23अपने ही पती के साथ दूसरे घर जाने से मना कर दिया
06:27मैंने हमेशा तुम्हारा रंग देखा अच्छा ही नहीं
06:31जो मेरी सबसे बड़ी गलती है
06:34मुझे माफ कर दे बेटा
06:36और इसके बाद बानी की सास कभी अपनी बहु की तारीफ करते ठकी नहीं
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