00:02निदी की शादी किशन्नगर में जतीन के साथ हो जाती है।
00:30ले देखो किसको, it's the time to discover, नीधी जैसे ही मुर्ती है, उसकी सास वहाँ खड़ी होती है, वो
00:39अपनी सास को देखकर नाचना बन कर देती है, ममी जी मैना बेस तोड़ा, नहीं नहीं बहू, और नाचो, पूरे
00:49दिन रात एक कर दो प्राक्टिस में, क्या है न, तुम्हें तो ड
00:54डांस इंडिया डांस में जाना है न, डांस इंडिया डांस, नहीं नहीं ममी जी, वो तुम्हें बस ऐसी ही, हाँ
01:02हाँ पता है, तुम ऐसे ही ठुमके मार रही हो, नाच्टा तो बना रही है अब तक, ओ, बस ममी
01:09जी, मैं ज्रावी ही रही थी बनाने, तब ही वहाँ निधी क
01:13दादी सास आ जाती है
01:15अरे बहू जड़ा मेरे कमरे में तो चल
01:19तेरा चश्मा नहीं मिल रहा है
01:22मा जी चश्मा मिलेगा भी कैसे
01:24वो तो आपने अपने सर पर लगा रखा है
01:29भूल गई थी मैं
01:33सास वहां से चली जाती है
01:35और दादी सास निदी की तरफ देखकर
01:37मुस्कराती है और आँख मारती है
01:39अगले दिन बिधी तीवी देख रही होती है
01:43तभी वहां उसकी सास आती है और कहती है
01:45बहू यह क्या
01:47दिन भर तीवी के सामने अपनी आखे खराब करती रहती है तू
01:51मामी जी वो कोई काम नहीं था
01:54तो मैंने सुचा कि तीवी ही देख लू
01:56अच्छा काम नहीं था कोई नहीं
01:59रात में घर में कुछ रिष्टेदार आ रहे हैं
02:02उनका खाना बनाना है चाहिए बहुरानी जी
02:06है कितने लोग आ रहे हैं मामी जी
02:09यही कोई दस बारा लोग होंगे
02:12अभी से ही लग जाओ काम पर समझी
02:14उनकी खातिरदारी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए
02:18सास वहां से चली जाती है
02:21बापरी, दस बारा लोग, इतने लोगों का खाना
02:25इतना खाना तो एक साथ मैंने कभी नहीं बनाया
02:29नीधी रस्वय में जाती है
02:31और सबसी काटना शुरू करती है
02:33सबसी कारते हो�ے काफे वक्त बीच जाता है
02:36तबी उसकी सास आती है
02:38ये क्या, अभी तक सबसी ही काट रही है
02:41अरे अभी तक तो सबसी बन भी जानी चाहिए थी
02:44जलदी जलदी हाथ चलाओ बहू
02:46मैं जरा मारके जा रही हूँ
02:48सास चली जाती है
02:50इतना सारा काम है
02:52और खुद अगले इकरना पड़ रहा है मुझे
02:55नेधी सब्सी काटने के बाद आटा गुनना शुरू करती है
02:59तो देखते हैं कि आटा खत्म हो गया है
03:01आटे के पाकेट उपर वाले स्लैब में रखे हैं
03:05उफो एक काम और बढ़ गया
03:08नेधी आटा निकालने के लिए स्टूल पर चड़ती है
03:11और पाकेट उताने लगती है
03:13तभी उसका बैलन्स बिगरता है
03:15और सारा आटा उसके उपर गिरता है
03:18ये भगवाद मर गई रे
03:20ये तो सारा आटा ही गिर गया
03:22अब क्या करो
03:23आज तो सास उमा से बहुत डाट पड़ेगी
03:31तभी उसकी दादिस सास को रोने की आवाज आती है
03:34और वो रसोई की तरफ आ जाती है
03:36देखती है कि नीधी आटे में लट पर जमीन पर बैठी है
03:41और पूरा आटा रसोई में बिखरा हुआ है
03:44अरे बहु ये क्या हालत बना रखिये तूने अपनी
03:49महमानों के आने का वक्त हो गया है
03:52और रसोई की ऐसी हालत है
03:54दादी सासुमा आज तो मुझे मम्मी जी खरसे ही निकाल देंगी
04:05अफो रोना बंद भी करो और चल्दी से सफाई शुरू करो
04:10चलो खाना मैं बना देती हूँ
04:13नीधी सफाई में लग जाती है
04:15और दादी सास चट पर सारा खाना बना देती है
04:19रात में सारे मेहमान खानी पर बैटते हैं
04:22लीजिए ना, आज तो सारा खाना हमारी बहु ने बना रहा है
04:27सब खाना शुरू करते हैं
04:30कैसा लगा आप लोगों को बहु के हाथ का खाना
04:34खाना तो बहुत याच्छा बना है
04:42यह सुनकर मीधी बहुत खुश हो जाती है और अपनी सास के तरफ देखती है
04:47तो देखती है कि उसकी सास तो कुछ भी खाई नहीं रही होती
04:50हरे ममी जी आप लीजे ना मैं परुस्ती हूँ आपको
04:54यह लीजे पालक पनी और यह लीजे रोटी
04:58सास जैसे ही खाने का निवाला खाती है तो अपनी बहु की तरफ देखती है
05:03कैसा बना है खाना ममी जी?
05:05सास दादी सास की तरफ देखती है
05:08अब बहुत अच्छा खाना बना है
05:11दादी सास समझ जाती है कि उसकी बहु को पता चल गया है कि खाना उन्होंने बनाया है
05:17और निदी ये सोचकर खबरा रही होती है कि अब उसकी सास उसका क्या हाल करेगी
05:22सारे महमान चले जाते हैं
05:25बहु तुम्हें शरम नहीं आती, सारा खाना तुम्हें सासु मासे बनवाया
05:30नहीं ममी जी, वो दरसल आठा
05:33तब ये दादी सास बहां आ जाती है और निदी की बात काटते हुए कहती है
05:39अरे बहु, मेरी थोड़ी सी तगेट ठीक नहीं लग रही, तु ज़रा डॉक्टर को तो बुला दे
05:46अरे सासु मा, क्या होगी आपको, चलिए कमरे में आ लिए आप
05:51सास निदी की दादी सास को अंदर लेकर जाती है
05:54और दादी सास एक बार फिर से निदी की तरफ देख कर मुश्कराती है
06:00दादी सास ने मुझे फिर से बचा लिया
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