00:01अरे बहुरानी तो सारा सारा दिन कमरे में बंद रहती है
00:05कोई काम भी नहीं
00:07मैं तो बोर हो जाती हूँ
00:09क्या करूँ
00:10तबी मीना की सहली रीना उससे मिलने आती है
00:14अरे मेरे घर का भी यही हाल है
00:17बेटा आफिस और बहु कमरे में बंद
00:20समय काटे नहीं कटता
00:22लेकिन अब सच मानो तो वक्त ही नहीं है कि वक्त से रोटी भी खा लूँ
00:27औरे बहन मुझे भी बता दे कौन सा जादू चलाया है
00:31मैं भी अब जन्देगी के बचे कुछे दिनाराम से काट लूँ
00:36दीवारे देख देख कर तो बोर हो गई हूँ मैं
00:39रीना मीना को एक स्मार्टफोन देती है
00:42ये ले ये है वो छेड़ी जो जादू करती है
00:47इसमें मैंने तेरा फेक वोक अकाउंट भी बनाया है
00:51एंजल प्रिया के नाम से
00:55बस अब यहां दोस्त बना और सबसे बाते कर
01:00सास को पहले तो उतना समझ नहीं आता है
01:02लेकिन दीरे दीरे वो उसकी आदट डाल लेती है
01:06माजी जल्दी से खाना खा लीजे मुझे तोड़ा काम है
01:09और तुझा मैं खा लूँगी अभी वक्त नहीं है
01:12और सास उमा मुबाइल में मुझ गड़ाई जवाब दे देती है
01:16बहु समझी नहीं पाती और वहां से कमरे में चली जाती है
01:21अचानक सास को किसी प्यारी पिंकी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है
01:25अरे वाह यह तो कोई प्यारी सी लड़की लगती है बात करती हूँ
01:42फोन पर ही सरगड़ाए
01:44अरे बहु जरा मंदर के लिए थाली सजादे आज किर्टन है
01:50बहु फोन पर किसी को मैसेज टाइप करते कहती है
01:54माजी क्या है अब मुझे क्या पता कि आपको कौन कौन से भगवान की पूजा करनी होती है
01:59तबी सास के पास कोई मैसेज आता है
02:15बहु वहां से चली जाती है
02:17सास मंदर पहुचती है और मंदर की सीडियों पर बैठ कर
02:22सास फोन पर लिखती है
02:24अरे मेरी बहु सारा दिन अपने कमरे में बैठी रहती है
02:28वहाँ से reply आता है
02:31मैं आपकी बहु को तो जानती नहीं हूँ
02:33लेकिन हाँ एक बात है
02:34हो सकता है आपने उसे ताने दिये होंगे
02:37या फिर उसका दिल दुखाया होगा
02:40ऐसा करने पर बहु का मन ससुराल से हट जाता है
02:44याद रखी बहु और बेटी में फर्क होता है
02:47सास घर जाती है और बहु से बड़े ही प्यार से बात करती है
02:51उसके लिए खाना बनाती है
02:53उसे गिफ्ट में साड़ी भी देती है
02:55जिसके बाद अगले दिन
02:57माची चलिए आज मैं भी आपके साथ मंदिर चलती हूँ
03:00आते वक्त भोले भाईया के गोल कपे खा कर आएंगे
03:04अरे हाँ बहू ये तो अच्छा है चलो
03:07सास मन में सोचती है कि उसकी फेक बुक वाली दोस्त कितनी अच्छी है
03:12उसकी समझाने से उसे उसकी बहू वापस मिल गई
03:16वो बहू को अपनी दोस्त की बारे में बताने का सोचती है
03:19लेकिन फिर चुप हो जाती है
03:21बहू फोन पर टाइप करती है
03:23मेरी सास मुझे नौकरानी समझती है
03:26एक गलास पानी तक खुद नहीं लेती
03:28मन तो करता है कि बोल दूँ
03:30मैं बहू हूँ कोई नौकरानी नहीं
03:32वहाँ से रिपलाय आता है
03:34देखो तुम्हारी सास को तो मैं भी नहीं जानती
03:37लेकिन वो बुज़ूर्ग होंगी
03:39पूरा जीवन उन्होंने घर गरी हस्ती
03:41चुला चाओका में निकाल दिया
03:43और फिर तुम ये भी मत भूलो
03:45कि जिस पती पर तुमको इतना गर्व है
03:47उसे भी शिक्षा उन्होंने ही दी है
03:50तो जिसने तुम्हें इतना दिया
03:53क्या तुम उनकी थोड़ी सी सेवा नहीं कर सकती
03:57बहू भी अगले दिन से सास का सारा काम करती
04:00उनके पैर दबाती उनका ख्याल रखती उनके साथ घूमने जाती
04:04एक दिन सास
04:06बहू ये लो मेरा हीरे काहर
04:10पहले तो सोचा था कि अपनी बेटी को दूंगी
04:13लेकिन आज जब मेरे हाथ पैर में दर्द था
04:17तो तुम मेरा साथ दे रही थी
04:19समय पर खाना पानी दे कर
04:21तुमने ही मेरा बुढ़ापे में साथ दिया
04:24उसके हिस्से का बहुत कुछ मैं उसे दे चुकी हैं
04:27लेकिन ये अब तेरा
04:29बहुत तो ये देखकर
04:31खुशे से उचली जाती है
04:33वो सास को गले लगा कर कहती है
04:35माजी अज सेच में बहुत अच्छी है
04:38भला हो उस इंजल प्रिया का
04:40जिसने मुझे आपस वापस मिलवा दिया
04:43वरना मैं तो हमेशे आपको गलती समझती
04:45मैं तो सूचती थी
04:47काश वो इंजल प्रिया मेरी सास होती
04:51क्या नाम लिया बहु
04:52इंजल प्रिया तेरी fake book friend है
04:56हाँ माजी वो बात अच्छी है
04:59उन्होंने ही मुझे बताया कि सास की कीमत क्या होती है
05:02आरे बहु कहीं तू
05:07प्यारी पिंकी तो नहीं
05:10जी माजी मैं ही हूँ प्यारी पिंकी क्यों
05:13सास बहु को गले लगा कर कहती है
05:16मैं भी यही सोचती थी
05:18कि काश प्यारी पिंकी मेरी बहु होती
05:22शुक्रिया बहु
05:25सास मा शुक्रिया तो हम दोनों को
05:28fake book और social media का करना चाहिए
05:30जिस्ते हम दोनों को एक दूसरे से दल से मिला दिया
05:33अब तक दोनों को समझ आ गया था
05:36कि जो खुशी वो बहार ढून रहे थे
05:38सच में तो वो उनके घर में ही थी
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