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  • 6 months ago
KHOON KA BADLA - खून का बदला _ Scary Pumpkin _ Horror stories _ Horror Cartoon Horror Animated

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Transcript
00:01हारर कहान्याची
00:02खून का बदला
00:06अपनी जिंदगी पर की कमाई लगा कर सुमन और अखिल ने एक छोटा सा नया घर बनाया था
00:12लेकिन उस घर में आने के बाद उसकी साथ क्या हो सकता था
00:16इस बाद का अंदाजा उन दोनों को था ही नहीं
00:19अब इस घर में आये हुए उन्हें दो दिन भी नहीं हुए थे
00:22एक शाम जब अखिल घर में नहीं था तो किचन में खाना बनाते वक्त
00:27सुमन को ऐसा लगा जैसे किचन की दिवार के पीछे से किसी के बात करने की आवाज आ रही थी
00:33कौन हो सकता है यहाँ पर इतना दीरे-दीरे कौन बात कर रहा है
00:38सुमन दिवार से कान लगा कर बात सुनने की कोशिश करती है लेकिन उसे कुछ सुनाई नहीं देता
00:44तब ही आचाना घर की लाइट चली जाती है और दर्वाजे पर जोर जोर से दस्तक देने की आवाज आती है
00:50सुमन दर्वाजे की तरफ दौड कर जाती है
00:53लेकिन दर्वाजा खोलने से पहले कोई आवाज उसके कान में धीरे से सुनाई पड़ती है
00:58सुमन मैं यहां हूं तुम्हारे घर रहे हैं
01:03सुमन सोर से चीकती है और दर्वाजा नहीं खोलती
01:05दर्वाजे की बज़ने के आवाज धीरे-धीरे तेज होने लगती है
01:09सुमन लड़ खडाते कदमों से आगे बढ़ती है
01:12और जटकी के साथ गर्वाजा खोल कर अपनी आखे बंद कर लेती है
01:16तब ही अचानक से अखिल की आवाज सुनकर उसे हूश आता है
01:19सुमन क्या हुआ? तुम इतने गबराई हुए क्या हो?
01:24अखिल वो लाइट चली गई और कोई है इस घर में अखिल
01:28मुझे बॉर्डर लग रहा है
01:30किचिन के दीवार के पीछे से किसी की आवाज आ रही थी
01:34कैसी बात कर रही हो? तुमने खूद सारे लाइट की स्विच आफ किये हुए है
01:39देखो लाइट तो आ रही है? सुमन तुमने घर में अंधिरा क्यों किया हुआ है?
01:46और किसकी आवाज आ रही थी? चलो, चलो मैं जाकर चेक करता हूँ
01:51नहीं अखिल मैंने लाइट आफ नहीं की और मैं क्यों लाइट आफ करूँगी?
01:56ये देखो, द्यान से देखो, घर के सारे स्विच आफ हैं
02:01तुम भी ना कमाल करती हो सुमन, तुम्हारी तब्यद तो ठीक है?
02:06ये देखकर सुमन और भी ज़्यादा डर जाती है कि सच में
02:10लाइट की सारे स्विच बन थे
02:13सुमन समझ नहीं पा रही थी कि ये सब किस दे किया होगा
02:16ठीक उसी वक्त अखिल किचन की तरफ जाता है
02:19और सुमन को ऐसा लगा जैसे पीछे से किसी ने उसकी कंदे पर हाथ रखा
02:23उस ते जैसे ही पलट कर देखा एक साया उसके घर के दरवाजे से बहार निकलता हुआ नजर आया
02:29अकेल अकेल यहां ओ देखो कोई तो है अभी अभी मैंने उसे बहार जाते हुए देखा है
02:35सुमन मुझे लगता है कि तुम्हारी तब्या ठीक नहीं है
02:39अरे मैंने किचन में भी जाकर देखा पास वाले घर में जो लोग है ना उनसे बात करने की आवाज आ रही है
02:47एक काम करो तुम जाकर आराम करो मैं खाना खूद परोस कर खा लूँगा ओके तुम बेड्रूम में जाओ जाओ
02:57नहीं अखेल मैं अक steep नहीं जाओंगी और अब इस घर में मैं एक दिन भी नहीं रहना जाती
03:02थोड़ी दिर के बाद सुमन और अखिल दोनों ही बेडरूम में जाकर सो जाते हैं
03:07डर की वज़े से सुमन को नींद नहीं आ रही थी
03:09लेकिन फिर वो गहरी नींद में सो जाती है
03:12और सुबह जब सोकर उड़ती है तो उसने देखा कि अखिल आफिस के लिए तयार हो गया था
03:18अखिल आप कहा जा रहे हैं?
03:21मुझे इस गर में अखिला चोड़कर आप कहीं नहीं जा सकते
03:23देखो सुमन मेरा आफिस जाना बहुत जरूरी है
03:27कल तुम ऐसे ही डर गई थी
03:29अब परिशान मत हो और मैं ब्रिकफास्ट बाहर कर लूँगा
03:33जब तुम्हारी तब्याट ठीक लगे तो तुम खाना बना कर खा लेना
03:38और हाँ अगर तुम कहो तो मैं तुम्हारे लिए बाहर से खाना भिजवा दूँ
03:42अखिल के जाने के बाद सुमन बाथरूम में नहाने के लिए चली जाती है
04:01और शावर आउन करती है
04:03नहाते नहाते सुमन को ऐसास होता है कि शावर से पानी की जगा खून गिर रहा था
04:08उसने घपरा कर सामने लगे मिरर में देखा और ये देखकर उसके पैरों तले जमिन खिसा गई
04:14कि वो पूरी तरह सर से पैर तक खून में भीग चुकी थी
04:19सुमन भाग कर बाहर आती है
04:21उससे अपने घर का पूरा फनीचर जला हुआ नजर आता है
04:24और उसके ठीक सामने खड़ी हुई थी एक औरत
04:27जिस्ते दुलहन के कपड़े पहने हुए थे
04:30उसके चेहरे पर लंबा सा घूंगट था और उसके शरीर से खून टपक रहा था
04:35कानो, कानो तुम और क्या चाहती हो मुझसे ?
04:39यहां क्यों आई हो तुम
04:41मैं तुमसे तुमारा पटी चाहती हूं
04:43मुझे अपनापती देदोन न मैं वापस चले जाऊंगी
04:47लेकिन मेरा पटी, अंखिल
04:51मेरा मतलब तुम्हें मेरा पती क्यों चाहिए? हमने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा?
04:56तुम्हें नहीं, हर सुहागन औरत मेरी दुश्मन है
05:00और जब भी मेरी आखों के सामने कोई औरत अपने पती के साथ नजर आती है, तो मैं उसे जिन्दा नहीं छोड़ती
05:08लेकिन, लेकिन तुम ऐसे क्यों करती हो? और प्लीज मैं तुमारे आखे आख चुड़ती हूँ
05:14तुम मुझे और अखिल को जाने दो, हम दोनों हमेशा के लिए ये घर चुड़ कर चले जाएंगे
05:19अब ऐसा नहीं हो सकता, एक बार जो इस जमीन के आसपा से गुजर जाता है, उससे फिर हमेशा के लिए मेरे साथ, इस जमीन के नीचे मेरी दुनिया में चलना पड़ता है
05:31और तुम ने इस जमीन के ओपर अपना घर बना कर, अपनी दुनिया बस आने की कोशिश कर ली
05:38अचानक से वो औरत सुमन को उसके बाल पकड़ कर जमीन पर घसीटने लगती है, सुमन दर्द से जोर जोर से चीखती है, लेकिन उसकी आवाज उसके घर की दिवारों के अंदर दप कर रह जाती है
05:52अब बागी दूसरी ओरतों की तरह, मैं तुम्हें भी इस घर की दिवारों के नीचे दफन कर दूँगी, और तुम्हारे पती को हमेशा के लिए अपना पती बना लूँगी
06:02जानती हो, मेरी भी शादी हुई थी, लेकिन शादी के ठीक बात, मांग में सिंदूल भर कर मेरे पती ने कला गोट कर मेरी हत्या कर दी
06:14और इस जमीन के नीचे मुझे गाड़ दिया, बस, तब से मेरी आत्मा यही बटक रही थी
06:21मुझे पी सुहागन बन्दा है, मुझे पी पती चाहिए, छोड़ दो मुझे प्लीज, मुझे जाने दो, देखो तुम्हे पती चाहिए, तुम किसी और को अपना पती बना लो, मुझे और अखिल को जाने दो यहाँ से
06:36लेकिन वो औरत सुमन को लेकर वहाँ से गायब हो जाती है, शाम को जब अखिल आफिस से लोट कराता है, डॉर्बल बजाता है, तब यह मुस्कुराते हुए सुमन दरवाजा खोलती है
06:47दरसल सुमन के शरिर के अंदर अब उस औरत की आत्मा थी, लेकिन अखिल का चैरा देखते ही सुमन के शरिर के अंदर ही खारकत होती है, और वो अचानक से नाराज हो जाती है
06:59मुझे नहीं पता था कि तू आने वाला है यहाँ, बनना तो मैं तेरी मौत का सारा इंतिजाम करके रखती
07:15क्या हुआ, अब मेरी बात का जवाब नहीं दोगी क्या, नाराज हो मुझसे किसी बात पर
07:22ऐसी तो कोई बात नहीं है, जाओ, डाइनिंग टेबल पर तुम्हारा फेवरेट खाना लगा दिया है, जाकर खालो
07:31खुश्बू तो बहुत अच्छी आ रही है, वैसे भी सुबह से कुछ खाया नहीं है, तेंक्यू यार, मैं जल्दी से जाकर खाना खाता हूँ, ओके?
07:52खाने की जगह सुमन के शरिर के छोटे-छोटे टुकडे काट कर उस आत्मा ने अखिल के सामने पर उस दिये थे, अखिल घबरा कर वहां से भागने लगता है, तब इस उमन के शरिर में मौजूद वह आत्मा अपने असली रूप में आ कर अखिल के सामने खड़ी हो जाती ह
08:22सुमन तुम्हारी सुमन के मैंने छोटे-छोटे टुकडे करके उसका खाना बना दिया और उसकी आत्मा को
08:30मैंने इस घर की जमेन के नीचे दाफन कर दिया है वो कैद हो गई है यहां हमेशा के लिए तुम भी उसकी पास जाना चाहते हो
08:41मगर क्यों क्यों किया तुमने ऐसा क्या दुश्मनी थी तुम्हारी और और मेरी पत्नी
08:49पहले तुम मैंने तेरी पत्नी को सिर्फ इसलिए मारा क्योंकि मैं तुझे अपना पत्नी बनाना चाहती थी
08:55मेरी आत्मा जो पूरे एक जन्म से किसी से शादी करने के लिए तड़ा प्रही है
09:00उसके हस्रत पूरी करना चाहती थी मैं
09:04और इसलिए मैंने तेरी पत्वी का रूप लेकर तेरे साथ रहने के बारे में सोचा
09:08लेकें जानता है अब मैं तुझे जिन्ना नहीं छोड़ूँगी
09:14लेकिन क्यों देखो देखो तुमने सुमन के साथ जो भी किया
09:19मुझे मुझे जाने दो मुझे जाने दो यहां से प्लीज
09:23अखिल भागने लगता है लेकिन घर का दर्वाजा अब लॉक हो चुका था
09:28अब तुब बाग कर नहीं जा सकता मेरे हाथ तेरे खून से रंगने के लिए बेचेन हो रहे है
09:34मेरा गला सूख रहा है अब उसकी प्यास तेरे खून से ही बुझेगी
09:39अरे लेकिन क्यों तुम्हारी आखिर मुझे से दुश्मनी क्या है
09:44आत्मा अखिल की बात का कोई जवाब नहीं देती
09:47और अपने लंबे नाखुन उसके गले में गढ़ा कर उसके शरिर को खा जाती है
09:51और उसके बात जोर से हस्ती होए कहती है
09:53तेरा शरिर भले ही अखिल का शरिर है
10:00लेकिन तेरे अंदर मेरे पिछले जन्व के उसी पती की आत्मा थी
10:05जस दिशादी से एक रात पहले गला दबा कर मेरी हत्यागी
10:30झाल झाल

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