00:00बूत्या छोले कुल्चे वाला
00:30जिसकी वज़से वो काम करने नहीं जा पाती
00:32और जब वो अगले दिन काम करने जाती है
00:35मालकिन गुस्से में संतों से कहती है
00:45अगर तु इसी तरह छुट्टी करती रहेगी
00:47तो मैं तुझे काम पर नहीं रख सकती
00:49ये ले अपने काम के पैसे
00:51संतो का उसकी मालकिन पर कोई असर नहीं होता
01:05वो वहाँ से रोती हुई अपने गर वापस आती है
01:08तभी शाम को उसका पती भी रिक्षा चला कर आ जाता है
01:11और संतो के हाथ में कुछ पैसे पकड़ाती हुए कहता है
01:14ये लो संतो, आज बस इतनी ही कमाई हुई है
01:19संतो रोती हुए अपने पती रामु को बताती है
01:23आज मालकिन ने भी मुझे काम से निकाल दिया
01:26अब घर का गुजारा कैसे होगा जी
01:29इधर मुन्ना की भी तबियत खराब है
01:32ये कहते कहते संतो रोने लगती है
01:38इसकी दवाए के लिए पैसे कहा से लाएगे जी
01:41रो मत, मैं कुछ न कुछ और काम कर लिया करूंगा
01:46तब ही रामु के दिमाग में एक आइडिया आता है
01:49क्योंना हम छोले कुल्चे की रेकड़ी लगा ले
01:52मैंने स्कुल के बाहर बच्चे और बहुत सारे लोगों को
01:56छोले कुल्चे खाते हुए देखा है
01:58ठीके जी, मैं छोले कुल्चे बेचा करूंगी
02:03और तुम रिक्षा चलाया कंदो
02:04और फिर अगले ही दिन
02:06रामु की पतनी जल्दी उठकर
02:08छोले कुल्चे बना लेती है
02:10और उन्हें अपने रेड़ी पर रखकर
02:12स्कुल के बाहर बेचने चली जाती है
02:14तभी एक बच्चा संतों के पास आता है
02:16अंटी, छोले कुल्चे कितने के है?
02:2020 रुप्या बेटा
02:22अंटी, एक प्लेट दे दीजिये न
02:24अभी देती हो बेटा
02:26संतों उस बच्चे को एक प्लेट छोले कुल्चे बना कर देती है
02:29a抉 Alipa
02:32Ånti, you should be very
02:34good
02:37poor
02:56Salad me, ussie paisae dhe kar chala jata hai, yye dek Santo bada hai khush hoati hai.
03:01Bhagawan, aise hi merai chhole kulchi sab ko parsan da te raha bas.
03:07Santo ke chhole kulchi ke rate kama honesi ki wajja se,
03:10har koi ussie chhole kulchi le ne laga tha.
03:13Aur uski chhole kulchi ka svar bhi bahat bada tha,
03:17jiski wajja se har koi uske chhole kulchi khane chala aata.
03:21Isi tarah dhirere-dhirere Santo raamu ke ghar ki hali kari hali saad bueno.
03:25In the end, A day after a while, Ramu led up a couple of his relatives to follow,
03:32he took care of him and
03:48his child took care of him.
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05:18ुप-चाप सूजाता
05:48बड़ी खुश थी कि उसे लोगों के घरों में काम नहीं करना पड़ता था
05:52उसके बच्चे भी अच्छा खापी रहे थे और एक अच्छा घर भी था उसके पास
05:57एक दिन रामु का दोस्त रामु के घर आता है
06:01बाबी जी रामु के मरने का हमें बड़ा अब सोसे
06:05तुम ये क्या भी खुदी बाते कर रहे हो
06:07मेरे पती तो زिंदा है और क्यों उने मार रहे हो तुम
06:10ये कैसे हो सकता है मैंने खुद उसकी लाश सरक पर पड़ी हुई देखी थी
06:16नहीं, ऐसा नहीं हो सकता, तुमने जरूर किसी और को देखा होगा, अरे मेरे पती तो छोले कुल्चे बेजने गए है
06:24तुम्हें जरूर कोई गलत फैमी हुई है बाबी
06:27फिर रामू का दोस्त वहां से चला जाता है, संतो उस आदमी की बात सुनकर सोच में पढ़ जाती है
06:34तभी कुछ देर बाद शाम होती है और रामू घर आता है, संतो के हाथ में खुब सारे पैसे पकड़ा कर सोने चला जाता है
06:42कहीं इनकी दोस्त ने जो बात कही थी वो सच तो नहीं होगी
06:48जैसे ही रात होती है
06:50संतों अपने पती की चादर हटा कर देखती है तो उसकी होश उड़ जाते है
06:54भूट, तुम भूट कैसे बन गए
06:58यानि तुम्हारा दोस्त सही कह रहा था कि तुम मर चुके हो
07:02हाँ, ट्रक के कुचलने की वज़े से मेरी मौत हो गए थी
07:08पर जब मैंने तुम्हें बिमार हालत में देखा तुम उससे देखा नहीं गया
07:12और फिर मैं छोले कुल्चे बेचने लगा
07:15जिससे कि तुम लोगों को कभी किसी भी चीज की कोई भी कमी ना सके
07:20अब तुम्हें कभी भी कोई भी चीज की कमी नहीं होगी
07:23अब छोले कुल्चे की दुकान बहुत ही अच्छी तरह से चलने लगी है
07:27अब जब तुम लोगों को पता चल गया है
07:30तो मुझे जाना होगा
07:33और वैसे भी, अब तुम्हें किसी भी चीज की तकलिफ नहीं होगी।
07:37तुमने हमारे लिए कितना कुछ किया। भूत बनने के बार भी हमारा अच्छे से ध्यान रखा।
07:44संतो, अब मुझे जाना होगा।
07:48अपने परिवार को सुखी देख, रामु की आत्मा को मुक्ते मिल जाती है और वो वहाँ से हमेशा के लिए चला जाता है।