00:00शनी देव, सूर्य और चाया के पुत्र तथा यम्राज के भाई माने जाते हैं।
00:07वेदिक जोतिश में शनी को न्यायाधीश कहा गया है, जो कर्मों का खल देते हैं।
00:14कुंदली में शनी की स्थिती से जीवन में अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और सफलता का मार्क तै होता है।
00:22इनका स्वभाव गंभीर, धीमा, लेकिन न्याय प्रिय है।
00:27शनी मकर और कुंभराशी के स्वामी हैं, तथा पुष्य, अनुराधा और उत्तरा भादरपद नक्षत्रों पर इनका अधिकार है।
00:38अगर शनी शुभ हो, तो परिश्रम से बड़ी उपलब्धिया और लंबे जीवन का वर्दान देते हैं।
00:45परन्तु अशुभ होने पर विलंब, कश्ट और बाधाय ला सकते हैं।
00:50इसलिए शनी की कृपा पाने के लिए सत्य, न्याय और सेवा का मार्ग अपनाना सबसे उत्तम मुपाय माना गया है।
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