00:00वैदिक जोतिश में 6 भाव जिसे अरी भाव कहा जाता है
00:04आपकी strategic resilience और प्रतिसपरधात्मक शक्ती का केंद्र है
00:10यहाँ आपके जीवन का वहर शेत्र है जहाँ आप अपनी चुनोतियों को अपनी ताकत में बदलते हैं
00:18महर्शी पराशर ने 6 भाव को उप्चै स्थान कहा है जहां कठिनाया समय के साथ शक्ती में बदल जाती है
00:27यहाँ भाव सेवा, अनुशासन और कर्म शीलता का भी प्रतीक है
00:33यहाँ भाव दर्शाता है कि जातक अपने रिनों को कैसे चुकाता है
00:37रोगों से कैसे लड़ता है और शत्रूओं पर कैसे विजय प्राप करता है
00:43आधुनिक मनो विज्ञान शष्ट भाव को हमारे coping mechanisms और stress management से जोड़ता है
00:51आप अपने शत्रूओं, चाहे वे बाहरी प्रतिद्वन्वी हो या आपके भीतर का आलस्य
00:58उन्हें आप कैसे manage करते हैं
01:01यह शष्ट भाव तै करता है
01:03यह दिखाता है कि अनुशासन और सेवा भाव से आप जीवन की चुनौतियों को अवसर में बदल सकते है
01:11एक मजबूत शष्ट भाव, शत्रूहन्ता, योग बनाता है
01:16यह उस मानसिक द्रिड़ता का प्रतीख है जो आपको कानूनी विवादों
01:21और आर्थिक बाधाओं के चक्र व्यू से बाहर निकाल कर सफलता के शिखर पर स्थापित करती है
01:28शष्ट भाव हमें सिखाता है कि संघर्ष ही साधना है
01:32और सेवा ही मुक्ति का मार
01:34अपने भीतर के रणक शेत्र को पहचाने
01:38क्योंकि वहीं से सच्ची विजय और शांती जन लेती है
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