00:00मेकसिको के इस्ट में हजारों मील पर फैला एक ऐसा घना जंगल है जहां दूर दूर तक सिर्फ दरخت ही दरخت नजर आते हैं।
00:25में इस गार में कुछ न कुछ अबनॉर्मल जरूर है क्यूंकि ये रास्ता काफी तंग और काले अंधिरों में डूबा हुआ था इसी वज़ा से इसके अंदर बगएर प्रोफेशनल एक्यूप्मेंट के जाना खत्रे से खाली नहीं था
00:38अगले कई घंटों की मेहनत के बाद आर्कियोलाजिस्ट अब 230 फीट नीचे इस केव के बौटम तक पहुँच चुके थे
00:47पहले तो उनको यहां कुछ खास देखने को नहीं मिला लेकिन फिर अचानक उनकी नजर एक सीक्रिट चेमबर की तरफ पड़ी जिसकी एंटरिंस को पत्थर रखकर बंद किया गया था
00:58लेकिन सवाल ये है कि इस वीरान जंगल में जमीन से 200 फीट नीचे केव के बौटम पर ये सीक्रिट चेमबर आखिर किसका था और इसको कब और क्यों बंद किया गया था
01:10जैम टीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद
01:13नाजरीन मेक्सिको के इस्ट में मौजूद ये घना जंगल तकरीबन 30 लाख स्कुएर किलोमिटर के एरिया पर फैला हुआ है
01:21दरख्तों के इस समंदर के साय तले माया सिविलाइजेशन की खोई हुई दुनिया के राज आज भी चुपे हुए है
01:28पास्ट में हजारों सालों तक ये पूरा जंगल माया सिविलाइजेशन के होल्ड में हुआ करता था जहां उन्होंने अपने कई शहर अबाद कर रखे थे
01:37इस सिविलाइजेशन के लोग काफी स्किल्ड माने जाते थे क्यूंके उन्होंने इंचेंट एजिप्शन की तरहां अपनी सिटीज में पेरमिड्स भी बना रखे थे और इसके साथ साथ ये लोग एग्रिकल्चर, पौटरी, हाईरोगलिफ राइटिंग, कैलेंडर मेकिं�
02:07बनाए गए थे, इनकी हर सिटी का अलग किंग हुआ करता था जिसको मायन्स अपना गौड मानते थे, इनमें से कुछ सिटीज की बिल्डिंग्स तो आज भी सही सलामत खड़ी हैं और इनको डेली टूरिस्ट की एक बड़ी तादाद विजिट भी करने आती है, लेकिन इस �
02:37चुके हैं तो कुछ को दरखतों के साय ने इनसानी आँकों से ओजल कर रखा है, लेकिन मौडरन टेकनोलोजी के इस्तमाल से हिडिन मायन सिटीज और उनके स्ट्रक्चर्स को ढूंडा जाने लगा है, एक्सपर्ट्स अब लाइडार टेकनोलोजी की मदद से दरखतों के इ
03:07यह लेजर पल्स दरखतों को बाइपास करके जमीन से टकरा कर वापस एर प्लेन पर लगे सेंसर तक पहुंचती है और फिर इस डेटा को प्रोसेस करके ग्राउंड की एक शेप तयार की जाती है, यह ऐसा ही है जैसे एक्सरे हमारी बाडी की बॉन्स का एक नक्षा बनाता ह
03:37इस से भी ज्यादा स्ट्रक्चर्ज बनाए थे, यह सवाल इतना इंपॉर्टन नहीं है कि मायन्स ने हजारों साल पहले कितने स्ट्रक्चर्ज बनाए थे, बलके असल मिस्ट्री तो यह है कि इतनी भारी पॉपुलेशन वाले पूरे के पूरे शेहर चोड़ कर मायन्स आख
04:07इसार टेकनालोजी की मदद से आर्केलोजिस्ट पहले ये जानते हैं कि जंगल के किस पॉइंट पे मायन्स रूइन मौजूद है और फिर वहां फिजिकली जाकर साइट पर एक्सकवेशन की जाती है
04:19गल्फ आफ मेकसिको के करीब युकाटान रीजन में आर्केलोजिस्ट को मायन्स के एक छोटे गाउं के रूइंस मिले
04:26इस गाउं को की वीक कहा जाता है जहां एक लोकल किंग ने एर एट हंड्रिड में यानि आज से बारा सो साल पहले बीस हजार पत्थरों को काटकर तीज फीट उन्चा एक पिरमिट बनाया था
04:39इंचेंट मायन्स नॉर्मली अपने किंग को पिरमिट के अंदर एक रॉयल चेमबर में दफन किया करते थे
04:46इसी वज़ा से आर्केलोजिस्ट ने इस पिरमिट के टॉप से इसके बाटम तक एक शाफ्ट खोदने का फैसला किया
04:53ताके ये पता लगाया जा सके कि इस पिरमिट के अंदर कोई रॉयल चेमबर है के नहीं
04:58और अगर है तो उसमें क्या कुछ मौजूद है
05:0121 फीट की खुदाई के बाद आर्केलोजिस्ट को एक ऐसा पत्थर मिला जो एक साइड से बिलकुल फलैड था
05:08ये पत्थर दूसरों से काफी मुक्तलिफ था क्योंके इस शेप के पत्थर पिरमिट बनाने के लिए नहीं
05:13बलके मायन्स किसी रूम की चछत को सपोर्ट देने के लिए लगाया करते थे
05:18जैसा के इस स्ट्रक्चर की सीलिंग पे देखा जा सकता है
05:22ये खास पत्थर इस चीज़ की निशानी थी कि इस पिरमिट के अंदर भी कोई टूम बनाया गया था
05:28मजीद खुदाई के बाद आर्कियोलाजिस्ट को आखिर कार वो चीज़ मिल ही गई जिसकी तलाश थी
05:34हैरत अंगे स्टोर पे पेरमिट की बेस्मेंट पर एक कमरे की फाउंडिशन और कुछ स्टेर्स देखी गई
05:40इसके साथ साथ मलबे में से और कुछ खास तो ना मिल सका लेकिन मिट्टी के बरतन का एक टूटा हुआ हिस्सा जरूर मिला
05:48इस चोटे से पौटरी के टुकडे ने आर्कियोलाजिस्ट को मजीद सवालों में उलचा कर रख दिया
05:54रेडियो कार्बन डेटिंग के जरीए इस पौटरी के हिस्से की एज मालूम की गई तो ये तकरीबन एयर 500 में बनाया गया था
06:03यानि आज से करीब 1500 साल पहले
06:06हैरान करने वाली बात तो ये थी कि पिरमिड खुद तो 1200 साल पहले बना था लेकिन ये पौटरी का टुकड़ा पिरमिड से भी 300 साल पहले बनाया गया था
06:16और आर्कियोलाजिस्ट की नजर में ये किसी भी सूरत पॉसिबल नहीं है
06:21ऐसा क्यों पॉसिबल नहीं ये जानने के लिए हमें हिस्टरी का रुक करना पड़ेगा
06:26हिस्टरी से मालूम पढ़ता है कि यूकाटान का ये हिसा नदरन माया में शुमार किया जाता था
06:31और येर 500 में जब पेरमिट के अंदर का ये चेमबर बनाया गया था तब मायंज यहां आए ही नहीं थे
06:38तो अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हुआ कि अगर मायंज ने ये रॉयल चेमबर नहीं बनाया था
06:44तो आखिर किसने बनाया था
06:46इसका जवाब जानने के लिए पेरमिट रुइन के आस पास जंगल का मौइना किया गया
06:51इस उमीद से कि शायद इनको कोई खास इंफॉरमेशन मिल सके
06:55पेरमिट साइट से 15 किलो मिटर दूर आर्केलाजिस को कुछ पत्रों के दरम्यान में एक केव का रास्ता दिखाई दिया
07:03केव की एंटरेंस काफी तंग थी और इसके अंदर जाना खत्रे से खाली नहीं था
07:08इसी वज़ा से प्रोफेशनल एक्यूप्मेंट का इस्तामाल किया गया और दो से तीन केव एक्सपर्ट को इसके अंदर भेजा गया
07:16कई गंटों के बाद एक्सपर्ट जमीन से 230 फीट नीचे केव के बाटम पर पहुँच चुके थे
07:22जहां हैरत अंगे स्टॉर पे उनको एक सीक्रिट चेमबर का रास्ता दिखाई दिया
07:27और इस चेमबर की एंटरिंस को एक पत्थर रख कर बंद किया गया था
07:32जब चेमबर की एंटरिंस को खोला गया तो अंदर वो कुछ देखने को मिला जो किसी के वहमो गुमान में भी नहीं था
07:39जी हां जमीन से 230 फीट नीचे केव के इस सीक्रिट चेमबर में बहुत सारी इस्तमाल शुदा फायर टॉर्चिस पड़ी देखी गई
07:48जिनको कदीम दोर में रोशनी के लिए जलाया जाता था
07:52फायर टॉर्चिस के इलावा यहां बड़ी तादाद में मिट्टी के तूटे हुए पॉट्स भी मिले
07:58यह पॉट्स के टुकड़े वैसे ही थे जैसे 15 किलो मिटर दूर पैरमिट की बेस्मेंट से एक टुकड़ा मिला था
08:05ऐसा मालूम होता था कि यह जगा किसी दौर में कोई इबादत का हुआ करती थी
08:10जहां लोग कोई विश पूरी करने के लिए यहां आकर पॉट्स तोड़ा करते थे
08:14इन में से कुछ पॉट्स के पीसिस को जब दुबारा जोड़ने की कोशिश की गई
08:19तो हैरतंगे स्टोर पे एक और हकीकत खुल कर सामने आ गए
08:23ये नोटिस किया गया कि पीसिस जोडने पर पूरा पॉट कभी भी कमपलीट नहीं होता था
08:29बलके इसमें एक पीस हमेशा शौट पढ़ जाता था
08:32ये अजीब मिस्ट्री किसी को भी समझ नहीं आई कि
08:35कि यहां तोड़े जाने वाले तमाम पॉट्स का एक पीस मिसिंग क्यों है।
08:40आर्केलोजिस्ट का शक था कि यह लोग यहां पॉट्स को तोड़ते तो थे
08:44लेकिन उसका एक हिस्सा शायद अपने साथ ले जाते थे और उसको अपने घर के अंदर रखते थे।
08:51युकटान रीजन में पेरमिड रूइन के बॉट्ब से पाया जाने वाला सेरमिक पॉट्ट का हिस्सा असल में इसी केव के बॉट्ब से लाया गया था।
09:00ये इस बात का किलियर एविडेंस था किवी के इस गाउं में मायन्स के आने से पहले यहां कुछ लोग रहते थे जो अपनी रिलिजियस प्रेक्टिस इस केव में जाकर किया करते थे
09:11और इनका भी रहन सहन तकरीबन माया सिविलाइजेशन्स के जैसा ही था
09:16उधर जमीन के अंदर केव में सीकरिट चेमबर जहां सेरेमिक पॉट्स तोड़े जाते थे
09:22वहां से आर्कियोलॉजिस्ट को केव में मजीद आगे जाने का भी रास्ता मिला
09:27एक्सपर्ट्स ने मजीद एविडेंस हासिल करने के लिए केव के इस रास्ते पर जाने का फैसला किया
09:32थोड़ा ही आगे जाने के बाद एक्सपर्ट्स को एक और सीकरिट चेमबर मिला
09:37जहां पत्थर की दिवारों पर कुछ ऐसे नक्षे बने थे जिनको देखकर दिमाग दंग रह जाता है
09:44केव के इस डीपेस्ट पॉइंट पे पत्थर के उपर एक 3D जैगवार की पेंटिंग हो रखी थी
09:50ना सिर्फ इतना बलके दिवारों पर एक और पेंटिंग में जैगवार को हिरन का शिकार करते भी देखा गया
09:57एक्सपर्ट्स जिन्होंने पहले भी दूसरी माया केव्ज में पेंटिंग्स देख रखी थी
10:02ऐसी पेंटिंग्स वो अपनी लाइफ में पहली बार देख रहे थे
10:06इन पेंटिंग्स का जब डिटेल्ड एनलेसिस किया गया तो मालूम पड़ा कि ये एर 100 बीसी में बनाई गई थी
10:13यानि आज से करीब 2100 साल पहले और साउट से मायन्स के आने से भी 800 साल पहले ये पेंटिंग्स यहां बनाई गई थी
10:22अब इस नए एविडेंस से एक बात तो साबित हो चुकी थी
10:26किवी के इस गाउं में साउट से मायन्स के आने से पहले भी एक सिविलाइजेशन रहती थी
10:32उनका रहन सहन और कल्चर लगबग मायन्स के जैसा ही था
10:36और यही रीजन था जिसकी वज़ा से एकसपर्ट्स ने इनको अरली या फिर क्लासिक माया का नाम दिया
10:43इतनी बड़ी पॉपुलेशन और हजारों स्ट्रक्चर्स बनाने वाले मायन्स के साथ आखिर ऐसा क्या हुआ था जो वो अपना सब कुछ छोड़कर यहां से जाने पर मजबूर हो गए
10:55और फिर कभी लोट कर नहीं आए
10:57यह सवाल आज तक दुनिया के लिए एक मिस्टरी बना हुआ है
11:02उमीद है जैम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे
11:07आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहत शुक्रिया मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में
Comments