00:00CGI ने का जाहिर तोर पर BCI का ये फैसला, ये अदेश गैर जरूरी है, ये चात्रों और मेरे बीच
00:06की बात चीते है, अगर चात्रों को किसी तरह की नाराज़गी थी, उससे मेरा वो विरोध करना चाहते थे, बत
00:11और चीफ गैस्ट, ऑन वोकेशन, समारों में मुझे नहीं चा
00:29तो उनको अपनी बात उठाने का हक है, ये इससे पूरी नासाल सी एक तरह से बेज़ती होती है, दूसरे
00:38देखे, आज आनन पानन में जो BCI ने जो किये हैं और उसको बापस लिए, इसमें मनन मिस्रा के भी
00:47कहीं कहीं ही निंदा हो रहा है, आप जो जल्दिवाजी में कदम �
00:51देखे, आप BCI के चेर्मेन हैं, आप शोटिव मों कि कुछ कर नहीं है, दूसरे आप एक सांसर भी हैं,
00:57तो आपको एक दुरगामी उसका नतीज़ा सोच करके कदम लेनी चाहिए था, आपने केवाल एक फूस करने के लिए का
01:04दिया, जल्दवाजी में ने ले लिया कुल मिल
01:20करता है, और हमारा लॉब ही यह ने देती है, देखे, आप BCI का काम होता है, कि जो एड़ोकेट
01:25एक्स है, उसी के एक्वाडिंग ही चलना है, एड़ोकेट एक्स के जो सेक्शन 24A है, उसमें किलियरली कहता है, कि
01:34इन्रॉल्मेंट का क्या-क्या बेस हो सकता है, ऐसे नहीं है क
01:39आप जो है किसी को उठा के कर सकते हैं, किसी को आप आए और उसमें भी बल्क में, तूसरा
01:46देखे, हमारे भारत के सम्विधान में, 19 जो है भारत का जो आटिकिल 1 में, कि एलियर है लिखा हुआ
01:54कि जदि किसी का विरोध है, तो आप ठांतिक को जंग पिरोध ही ये, माल लेत
02:09क्योरी करने वाले को अपहांचे नहीं दे सकते हैं
02:11बाई जदी कोई उस तरह का देश
02:13मलब किया है जो लुए
02:15सहमती चात्रों की को अन्वकेशन में ना बुलाना
02:17उसके बाद BCI की आदेश
02:19और फिर
02:20CGI की फटकार, यूटन BCI का
02:23इस पूरे मंजर में आपके साफ से
02:27नालसार की गलती थी या BCI गलत रहा
02:31तेके हमारे हिसाब से
02:33BCI की गलती थी
02:35BCI भी पूरा गलती नहीं या BCI की
02:37BCI में जो मेन है
02:39मनननमिस्रा था है
02:41उन्होंने
02:42मैं समझता हूँ कि अपना
02:44या तो पावर को दिखाते हिए
02:47इस तरह से जो एक्टन लिया
02:48ये उनकी नादानी थी
02:50बहुत ही इस्तर तक के साथ
02:53दुर्गामी उन्होंने नहीं तो जाथा
02:54और यहीं बज़ा है कि
02:56आज पूरे परकर्णी में सब्सक्री जादा बेश्की हुई है
02:59तो मननमिस्रा था
03:01उन्होंने यू टर्ण ले लिया
03:02बूंके अपने लोगों ने भी साथ नहीं दिया
03:04तो आप इस तरह का क्यों कदम उठाए तो
03:07गौर्ण साब अभी तक के जो देखा गया है
03:10थासकर के
03:12सीव जसिस ओफ इंडिया का
03:14जो काज पर नाली रहा है
03:15वो बहुत ही उदार टाइप के हैं
03:19और ये भली भाती परिशित हैं
03:22इसके पहले भी देखे कई घटना हुआ था
03:25अभी आप देखे कि सुप्रिम कोर्ट में एक जो एस्टूनेंटी थे
03:30वो भी ओ लॉग नहीं थे लेकिन पर्सन थे
03:33और उन्हें देखे कोर्ट में आकर बहुत फिक पर्स्तभी किये थे
03:37दाली ग्रॉज तकी किये थे
03:39बहुत भीines Eagles का इस्सेमाल जस्तार के सामने किया था
03:43और उन्होंने Justices of India के नाम से वो दिया गया था
03:47इसके बाबचुद भी उन्होंने कहा कि नहीं
03:50आप तोड़ा सा उसमें excited way में है
03:54या कहीं mentally disturbed है इस तरह का हरकत हुआ है
03:59तो उन्होंने शमयता उसको शमा कर दियो
04:02और यह हमेशा माने यह सरवोचनियाल है
04:05क्योंकि सुप्रीम जब आदमी बड़ा होता है तो शमा जानता है
04:10इसलिए का था शमा सोबती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो
04:14उसको क्या जो दंत हीन बिस हीन बिनित गरल हो
04:18तो जो बड़े आदमी होते हैं वोड़ा शमा जी हम यह तो देख रहे हैं
04:22पिरमोच जी हम यह तो देख रहे हैं कि पिछले जो CGI थे
04:25बियार गवई उनके उपर भी जूता फेका गया था उन्होंने भी माफ कर दिया
04:30एक वकील नहीं हलाकि फेका था
04:32तो सवाल यह कि यतना बड़ा यह जो हमारा नियाय का मंदिर है
04:36चीप CGI की जो गर्मा है यह किस दवाओं में बार बार तार-तार हो रही है
04:42क्या उसको बनाय रखने की जिम्मेदारी सिर्फ CGI की है
04:45या दूसरे जो वकील है या इस तरह के स्टुडेंट्स हैं
04:49उनको भी लाके स्टुडेंट्स उनने भी कुछ उस तरह का करना चाहिए था
04:52मैं ऐसे भी तो सोच सकता हूँ
04:54गौर्ण साहब ये वाकई में बहुत अच्छा सवाल किये
04:58और ये बातल में ये हिंदुस्तान के हर जनता को इसके लिए बहुत सकेत होना चाहिए
05:03देखे आज गुआ गया है कि जितने भी इंस्टिशूसन ले लिजे
05:08चाहे वो लोगसभा हो रहा हो
05:10चाहे वो आपका रासभा में या फिर जो है जुलिस्यरी का हो इंट्रिटिव का हो
05:15हर जगर लोगों का अस्तत्वासा निम्द हुआ है
05:19और ये देखेगा अभी हम सतकाल यहां के सारी जनता जो है देखे है
05:23कि जनतर मंतर में खार्ट करकर के जो लड़कियों ने
05:27जो सीजेपी के परदर्सन में यहां का अब मैक्सिमम लड़कियों ने
05:30जिस तरह से अंग परदर्सन करके और जिस तरह से फिली लैंग्विज एक सरकार के बारे में जो अभी रख
05:36लिया
05:37कोई भी समाज कहीं का भी इस चीज़ को सुविकार नहीं करेगा
05:40यह तरह समझे कि यह बहुत ही निमना सका था तो इस चीज़ को सुवार करने की जरुवत है
05:46कैसे होगा प्रमोजी सुवार कैसे होगा सीजी आई के ऊपर भूता चाला जाएगा उनके खिलाप आंदोलन होगा वो दवाओं में
05:53आके माफ करेंगे
05:54आखिरकार न्याय का इतना बड़ा मंदिर है सीजी आई की गर्मा है पिछले सीजी आई भी माफ कर देते हैं
06:00इस वाले भी कर देते हैं लाइश चूडेंट है वो कहते हैं एक बकील है सीनियर एड़ोकेट है
06:04तो हम कोई हम आखिरकार नजीर अदालते हैं खासतोर चे सुप्रीम कोट हो हाई कोट हो वो एक नजीर पेस
06:10करती हैं आप जानते हैं बहां के निर्णाय भी एक नजीर बन जाते हैं और बहां पर बेवार अगर इस
06:16तरह का नजीर बनता है कि कोई भी जाकर के बहां पर इतनी
06:21गंदी लेंगूज में गाली दे किसी भी कोट में सीजियाई को उसका वीडियो भी आ जाए
06:25और उसके पर कोई कारवाई ना हो तो आके नजीर हम क्या पेस कर रहे हैं
06:29कुछ भी करते रहे हैं बस आप भीड़ी खटा कर लीजिए इस देश में भीड़ तंत बना लीजिए
06:51होगा कि आज ये निम्नास्तर क्यों जा रहा है और ये जब तक हम नहीं
06:55सुधारेंगे ना तो हम जो कर रहे हैं कि हम विस्व का गुरू बनने जा
07:00रहे हैं या हम अगरिकर वो रहे हैं दूसरा या तिसरा पोजिशन लाने जा
07:04हैं बड़ा मुश्किल होगा तो आज ये सुप्रीम कोर्ट का अब ही एक नजीर बने लेकिन इसके साथ साथ ये
07:12भी जिम्मेवदारी होती है कि सुकी सुप्रीम कोर्ट के चीज़ जर्सिस अपर इंद्या के साथ ऐसा हुआ है तो नहों
07:29उन्हें चमा कर दिया उनका बड़पन निश्चत तौरवर बड़पन जो है प्रशंशा की प्रसंसा की बात है प्रशंश नहीं है
07:35लेकिन सवाल यह है कि जो बीसी आई का निर्णा है भी से अद्दैश का ममन मिस्रा का तो हम
07:41उस निर्णा की आलोचना क्यों करें उन्होंने अ
07:59नहीं यह देखें मनन मिस्रा जी ने बहुत ही जल्दिवाजी इसमें किये थे आप देखें वहां करीब 1400 पढ़ रहा
08:06है विसर्ट कर रहा है और विरोध में जो उसने दिया है करीब 4500 ने किया है अब सवाल है
08:13कि 4500 की गलती का खाम्याजा या मान लेते हैं बिरोध उसमें कि
08:18क्या होगा दस मार्च उसका खाम्याजा पूरे 1400 सुट्टेंट को क्यों मिलेगा एक दूसरा नालसार जो है इंस्टिशूशन इंवर्चिती है
08:26वह बहुत रिपूटेड इंवर्चिती है यह इससे पूरी नालसार की एक तरह से बैस्टी होती है दूसरे देखें आज आनन
08:47�
08:47आई के चेर्मेन है आप शोटी मोटिफ कोश्ट कर नहीं है दूसरे आप एक सांसर भी हैं तो आपको एक
08:52जुरगामी उसका नतीजा सोच करके कदम लेनी चाहिए था आपने के वाल एक खुष करने के लिए का दिया जल्दवाजी
09:00में नहीं ले लिया कुल मिला के ये इस तर
09:15लॉब ही ये नहीं देती है देखे आप DCI का काम होता है कि जो एड़ोकेट एक्स है उसी के
09:21एक्वाडिंग ही चलना है एड़ोकेट एक्स के जो सेक्शन 24A है उसमें किलियरली कहता है कि इन्रॉल्मेंट का डिस्क्वालिफिकेशन का
09:31क्या-क्या बेस हो सकता है ऐसे नहीं है
09:33है कि आप किसी को उठाके कर सकते हैं जो है किसी को आप आये और निया में ब्रइधान में
09:43लिखा हुआ कि जडिक है
09:49बिरोध है तो आप फांतिक को दंग से बिरोध कीजिए, माल लेते हैं, शुडेंट ने आपको प्रशस्ति पत्र दिया और
09:54बिरोध जताया, तो क्या गलती किया, हाँ ठीक है, उसमें एक बेज़ती होती है, उसमें उन्होंने का, तो उसको समझाया
10:01जा सकता है, लेकिन एक कीर
10:03के चोरी करने वाले को आप हां से नहीं दे सकते हैं, बाई जदी कोई उसतरा का देश मलव किया
10:08है, जुर्म, तब तो आप दे सकते हैं, जुर्म का एक सर्टिन सजा होता है, जो इस बच्जिद्यार्खियों ने, जो
10:16वहाँ नालसार के बच्चियों ने, जो लाश उनेंट �
10:19जो गलती किया है, गलती है, आप Chief Justice of India को ऐसे नहीं भी रोग किया, तब तो ऐसे
10:24हर चीज में कोई निरने लेगा, दस आज उसको भी रोग करने वाला होगा, तो हमें एक युडिसियरी का मान
10:29सम्मान भी रखना होगा, जदी हम मान सम्मान करते हैं, तब ही हमारा अस्तित भी
10:34बचा हुआ रहता है, आप देखिये न, Law and Order कि इनको दे रहे हैं, बिल्कुल, प्रमो जी दो तीन
10:52एक्जांपल गिनवाए, शिविन जी ने भी गवी जी के साथ, जब वो जूता वाला कांड हुआ था, उसके बाद फिर
10:57हम ने देखा, जंतर मंतर भी पूरा प्रोटेस्ट ह
11:00आप तमाम ऐसी टपणी आई, जो कि शायद नहीं आनी चाहिए, ऐसे व्यक्ति के प्रतीद, जो समविधानिक पत पर बैठा
11:06है, चोटे मोटे मंतरी, पार्शच, सीम के खिलाफ भी अगर कोई अबद्र टपणी होती है, तो हमने देखे हैं कई
11:11ऐसे वीडियो आए, कि पहले
11:13कोई गाली गलोज कर रहा है, उसके बाद उसके खिलाफ एक्शन होता है, उसकी पिटाई भी होती है, और पुल्स
11:18के साथ वीडियो आता है कि मैं ऐसी गलती दोबारा नहीं करूँगा, लेकिन जब हम बात चात्रों की करते हैं,
11:23अभी हर्तियों की करते हैं, प्रदिशन कारि
11:37जिससे आप कह सकते हैं सुप्रीम कोट के सरवुचिपद की मर्यादा को ठीस पहुँचती है, तो इसके खिलाफ कह सकते
11:45हैं, या फिर इसमें एक्शन लेते हुए, क्या कुछ दाइरे हैं, कानूनी दाइरे हैं, क्या चात्रों की बभीश्य के साथ
11:52कोई खिलवार जैसा बनत
12:07जाए मिल रहा हूँ, जहां का प्रशासन, जहां का जनता कुछ है, यदि आप युदिस्यरी को करते हैं, या उसको
12:14मर्यादा को गिराते हैं, तो निशित रुप से उसके लिए बना हुआ है, कंटेम्ट आप कोट, आप कोट की कंटेम्ट
12:22कर रहे हैं, और उसके लिए सजा है
12:24उसमें दो साल की सजा होता है, और कई बार होता है। ईविन एड्मोकेट भी यूदिशारी का उसमें बेजिशी होती
12:29है, या मल्यादा घढ़ता है, तो वह किया जाता है।
12:32सुप्रीम कोर्ट में तो पूरा जो ही इंहेरेंट पावर है डिस्क्रेशनरी पावर है कि यह कर सकते हैं लेकिन क्यूंकि
12:38यहां पे इंडिविज्वाल का नहीं है यहां स्टुडेन का था और तो मैं समझता हूं कि जो सीजी आई साहब
12:45ने जो एक्षन लिया है और उसको समा क
12:48करने की कोशिस किया है वह बहुत ही उदारवादी अपना पर्चे दी बिल्कुल मैं उससे सहमा तूब वह प्रसंस नहीं
12:54है मेरा मेरा मेरा सर सवाल यह है मैं बार बार इस चीज़ को समझना चाहरा हूं क्योंकि मैं यह
13:00देखता हूं कि यह क्यों सुप्रिम कोड की बात नही
13:15कि गवई साब की बात करता हूं वो तो बहुत ही निंदनी था उनकी तरफ जूता उच्छालना और इस तरह
13:21की चीज़े होती है तो आपके सामने तो वह नजीर होगी ना हमारे सीजी आई ने दोनों ने माफ कर
13:26दिया था गवई साब ने उन्होंने भी माफ कर दिया आज यह
13:32ने सीजी आई साब माफ कर रहे हैं तो सवाल यह है कि यह नजीर पे फिर आप क्या कारवाई
13:37कर पाएंगे आपके साथ तो न्याय नहीं हो रहा है न्याय तो एक तरफा न्याय नहीं हो सकता ना आप
13:42जिस पत पर बैटे है उसका न्याय और संबान दोना होना जरूरी है
13:46बिल्कुल देखें नजीर भी होनी चाहिए जो कि बहुत उधार से भी जो है हमारा चोटाई सही कुछ तो सजा
13:53होनी चाहिए जी जी उसको मर्यादा को आप कायम नहीं कर सकते हैं लेकिन जदी आप तीनों उधारन को मैं
13:59लेता हूं एक नालसार का स्टुडेंट का दूसरा जो
14:03अभी एक लाव अश्टुडेंट ने जो गाली गलोज किया था और किसरा जो एड़ोकेट से जो करकडुमा में एड़ोकेट प्रैक्स
14:12करते थे और उन्होंने जूता उठाने का प्रयास किया तीनों में तीनों में जो गवैसी का भी ले लीजिए सर
14:17जी वह गवैसाब का ही �
14:19बात बतार हूँ जो गबाई साहब पर जो किया गया था वो जो जूता उठाने का अब किये थे यह
14:25दोनों जो है वह लॉक्ष रूप किया था वो एक मुझूरग वो काफी समझे है
14:36और वो केबल अपनी पॉपलिर्टी पाने के लिए कई बार इस तरह से मल्लव कर देते हैं हलांकि गबाई साहब
14:43ने उनको भी माप कर दिया चुकि वो देखे जुदिस्यरी में जो शीफ होते हैं वो नहीं चाहते हैं पब्लिक
14:49फोरम में उनकी थोड़ी बैजती हो तो इसलि�
15:04से चुकी एड़ोकेट थे यह यह दौनों बच्चे जो है हो सकता है इतने दिमाग से प्रभुद नहीं है किसी
15:10का बहकावे में लेकिन वो जो एड़ोकेट किये थे वो जानबुश करके यह हुआ
15:18शबस्टाइब एड़ोकेट प्रभुद पर नवो जितने अप्ड़ोगे किसी का बहल जान। प्रभुद एड़ोकेट बच्चेट करकेट रज़ोकेट को में पोड़ोकेट प्रवश
15:27करकेट करकेट नहीं है
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