00:00जिनका मासिक घर्म होता, मेंसुरेशन पिरियट होता है, वो चुकि ये ब्रहमचारी देवता है, इसलिए उनके प्रवेश को परजित किया
00:05गया था
00:07चार जजज की बेंच, आप ख्यां देखने वाली आपके दस्वों किया है, फोर इंटू फाइब का रेश्यो था, यानि चार
00:14जजज बहुमत में थे कि नहीं, महिलाओं को भी जाना चाहिए, और जा सकते हैं, उस जजमें चार एक की
00:19बहुमत से लेकिन गौर करने वाली बात ह
00:21कि इस बेंच में एक मात्र महिला जजज ओकी जसित इंदू महलोत्रा, वो डिसेंट कर गए, डिसेंट करने पर उनका
00:26यह कहना आता, क्या प्यालिटी के नापके हर जगा नहीं जा से, मुस्लिम में महिलाओं का प्रवेस वर्जित, ये मंदिर
00:32में कुछ-कुछ मंदिरों में
00:33महिलाओं का प्रवेस वर्जित, इस चीज के जितने भी रिलिजन है, उसमें जो समझे किये संविधान के डारे में एक
00:39किलियर कर चुछे हो जाएगी
00:44देश में सबरी वाला मंदिर को लेकर के और महिलाओं के प्रवेस को लेकर के कई बार सवाल उठें और
00:51विवस्था को लेकर भी बात हैं, बराबरी को लेकर भी बात ही लेकिन सुप्रिम कोट में आज एक फैसला हुआ
00:57है, हमारे साथ उस फैसले की व्याख्या करने के लिए क
01:00वह क्या था और काई से पूरा हम इस मामले में पहले स्वाइब लोग इस बात को जानते हैं लेकिन
01:09हो सकता उत्तर भारत ना जानके वह पूरे समझने
01:30चीप जस्टिस उन्रवल चीप जस्टिस सुर्यकान जस्टिस विपोल एम पंचलो जयमाला बाग्ची के बेंच में एक जज्जमेंट आया
01:35कि सब्री माला जज्जमेंट जो 2018 का था उसकी सुनभाय कब से होगी और उस रिव्यू के साथ एक बड़ा
01:42कॉश्टन यह था कि इसेंसल प्राक्टिस ऑफ रिलिजिजन यह सब विजय कांता वारू का जज्जमेंट है सब जज्जमेंट उसी में
01:48यह एक रिव्यू का जो नाम ह
02:01मास्टर फ्रोश्टर होते हैं मतलब जिफ जस्टिस ही बताते हैं कि कौन-कौन बेंच बनेगी और किस-कौन-कौन लीड
02:09करेगा तो जो नाइन जज्जमेंट इसे कहा जाए गाए
02:30लेकिन सब्सक्राइब में प्रवेस हैं लेकिन जो दस साल से और पचास साल के बीच की जो महिलाएं बच्चे से
02:50लेकिन जिनका
02:51मास्य धर्म होता मेंसुरेशन पिरियड होते हैं वो चुकि यह ब्रह्मचारी देवता है उनके प्रवेस को वर्जित किया गया था
02:57और वो नहीं जाते फिर कुछ महिला करता ने डाली केडला हाइकोट में उन्हों उस हाइकोट में भी मैटर जो
03:03है वहां पर यह हुआ कि नह
03:27देखने वाली आपके दर्सकों कि यह है कि फोर इंटु फाइब का फोर एंड वन का रेशियो था यह जा
03:35सकते हैं उस जज्मेंट चाड़े की बहुमत से हुआ
03:38लेकिन गौर करने वाली बात है कि इस बेंच में एक मात्र महिला जो थी जस्टिस इंदु महलोत्रा वो डिसेंट
03:44कर गए डिसेंट करने मतला उनका यह कहना था कि आप एक्वैलिटी के नाम पे हर जगा नहीं जा सकते
03:48वहां जो दस से पचास साल के बीच में जो महिलाओं का
03:51प्रवेश था उस वर्जीत को उन्होंने वैध माना उन्होंने माना कि यह वैध है हर जगा आप एक्वालिटी के नाम
03:56पे नहीं जा सकते जो पांच ज़स्ते उसमें चार्ज पूरुष ज़स्ते उनकी राही है थी कि महला जाना चाहिए लेकिन
04:05जो महला ज़स्ती उन्होंन
04:21तो उनकी ब्रमचर बक्त दुरहना चाहिए और दस साल से नीचे और पचास साल सुपर जिन का मेंसुरेशन प्रिएट खतम
04:25हो जाता है वह महला जा सकती है लेकिन उसके बाद भी कई बार कोसिस हुआ महिला संगठन की महिला
04:42करकरता ने जाने की कोसिस की लेकिन वहां के लोक
04:53सुप्रीम कोट ने केडला गवर्मेंट को यह कहा कि आप इंसी और करेंगे कहर महिला जाए मेरा अगर आप पुछे
04:57यह मेरा मानना है कि इंदु मलोत्रा का जज्जमेंट आप उसम्मत वाला बिसंट ऑपिनियन की नहीं जाना चाहिए मैं भी
05:04मानता हूं नहीं जाना चाहि�
05:22नहीं होगा कि कौन से पूजा पार्ट हर जैसे इसलाम का नमाज पढ़ना उनका इसेंसल पार्ट है यह जो भी
05:29चीजे तो उस इस सवाल को लेकर के विजय का नाम है विजय का तवारू उस रिवीव में जो है
05:35साथ जज़वेंच पहले बैट यह हुआ कि इसका डेटेल जव
05:50कि इसेंसल कौन-कौन से अर्सपेक्स है और नोन इसेंसल क्या क्या आस्पेक्स है अब इसका यह क्यों हुआ कि
05:56कुछ लोग आते हैं कि जी मेरा सुप्रीम कोट आ जाते हैं यह मेरा धनका डिलीजन इसेंसल पार्ट है फिर
06:02वहां डिटर्माइन करना बड़ा मुश्किल होता
06:21है यानि यह कम से कम नाइन जज होगे कारण क्या नहीं जई होते हैं दो ऑडर पर काम करते
06:32हैं जो मैटर लगा उसको
06:40तो वह लिखके देगा रजिस्टर को जो इसलिए होता है कि हर जाए कि महला पुरोसों को हर जगह जाने
07:04का हर जगह बराबर है
07:05यह बाली बात है लेकिन अधार्म का अधारों पर अलग अलग मानता है तो अभी ज़जमेंट आहें उसमें यह माना
07:15गया कि वही जा सकती है उस मंदिर में वहले भ्रमचारी अगर यह निर्णाय आता है सब्री वाला मंदिर के
07:27मामले में और यह 9 जज की बैंच भी फाइनल करत
07:35है तो यह सिर्फ सब्री माला पर लागू होगा या सारे धर्मों में जो महिलाओं को लेके अलग धारा होती
07:43है से मस्जिद की बात आपने कहीं तो उन पर भी लागू हो जो आपके सभी दर्सकों को कि देखिए
07:50मैं इस मैटर से जुड़ा रहा हूं तो इसमें जवडी क्या ह
07:53है कि जैसे आजान हमें एक जामपल लेते हैं कि आजान जो है जो हिंदू समाज के लोगों कहते हैं
07:59कि अपको पता होगा इलहाबाद उन्वर्सिटी की वाइसां सब्सक्राइब नेक्स्टिस बनेंगे तो यह आजान से कई लोग कहते हैं कि
08:11मेरा इस्लाम के इसेंसर प्रैक्
08:23है उसमें जो समझें कि संभिधान के दारे में एक क्लियर कट चीजें हो जाएंगी यह चीज़ें आपकी धर्म का
08:30डिलीजन एसेंसर प्रैक्टिस ऑफ रिलीजन है और यह चीज़ें नहीं है इस हो जाने से सुनवाई जब पूरी होगी है
08:35अभी तक जो भी है हम यह जैसे र
08:52कुछा जाया जाएगा सवाल यह है कि महला उसमें जा सकती है तो फिर यह ज़जमेंट के मादे में जो
09:05संभिधान कहें बो करेंगा सुप्रिम कोर्ट में
09:11अप्रेल से जो सुनबाई चालू है जब भी फैनल हो जाएगी जो फैनल वर्डिक्ट जब आने पर यह बहुत बरा
09:17मुद्दा क्योंकि हमारे आप जानते हैं कि हमारे भारत में धार्मिक आजादी भी जो है बहुत इसेंसल माना इस पर
09:22कई बार टकड़ा होते हैं तो सुप्र
09:41सब्सक्राइब हो जाएगा उसके बाद धार्मिक मिमाबाद के मुद्दे होंगे वह हमेशा के लिए खतम हो जाए तो यह आप
09:49समझे कि जो आज तो फैसना हुआ है और यह साथ अपरेल को सुनवाई होगी इसके माइने क्या है इसके
09:55माइने यह हैं कि वह नाइन जज्ज की
09:58बैंच यह तरह करेंगी है सब वकील सहब ने बताया कि जो भी मामले आएंगे वह आपके द्हार में प्रैक्टिस
10:05क्या है उसके अधार पर तै करना होगा यहांगोरी माला टेम्पिल के मामले में जो जो यह जज्ज्मेंट आने वाला
10:21है साथ तारीख को सुन्वाई होगी ज
10:26सब पर लाग होगी एक नया एक तरीके से नीव रखेगी कि कि किस तरीके से मामले को सुना जाना
10:33चाहिए
10:33फ़लाल इस वीडियो में इतना ही आप इस बारे में क्या राज रखते हैं आप कमेंडर बता सकते हैं
10:38क्यामरा पर सब्सक्राइब प्रकास के साथ शेवेंगर और वन इंडिया सुप्रेम कोट दिन ली
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