Skip to playerSkip to main content
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फिर बड़ा कानूनी मोड़ आया है। अब यह मामला 9 जजों की संविधान पीठ के पास जाएगा। क्या यह सुनवाई केवल सबरीमाला तक सीमित रहेगी या इसका असर सभी धर्मों की धार्मिक प्रथाओं पर पड़ेगा?

इस विशेष चर्चा में Shivendra Gaur ने बातचीत की Suraj Kumar Jha, Advocate Supreme Court से। जानिए —

मामला 9 जजों तक क्यों पहुंचा?

धार्मिक स्वतंत्रता बनाम समानता का संवैधानिक सवाल क्या है?

क्या यह फैसला अन्य धार्मिक प्रथाओं को भी प्रभावित कर सकता है?

देखिए पूरी कानूनी पड़ताल केवल Oneindia Hindi पर।

The Sabarimala women entry issue has taken a fresh legal turn in the Supreme Court of India. The matter is now set to be examined by a 9-judge Constitution Bench.

Will the impact of this hearing remain limited to Sabarimala, or could it influence religious practices across faiths?

In this detailed legal discussion, Shivendra Gaur speaks with Suraj Kumar Jha, Advocate Supreme Court, breaking down:

Why the matter has been referred to a 9-judge bench

The constitutional debate between religious freedom and equality

Whether the outcome may affect other religious practices

Watch the full legal explainer on Oneindia Hindi.

#Sabarimala #SupremeCourt #ConstitutionBench #ReligiousFreedom #WomenEntry #ShivendraGaur #SurajKumarJha #OneindiaHindi #LegalExplainer #IndianConstitution

~HT.410~ED.520~GR.122~

Category

🗞
News
Transcript
00:00जिनका मासिक घर्म होता, मेंसुरेशन पिरियट होता है, वो चुकि ये ब्रहमचारी देवता है, इसलिए उनके प्रवेश को परजित किया
00:05गया था
00:07चार जजज की बेंच, आप ख्यां देखने वाली आपके दस्वों किया है, फोर इंटू फाइब का रेश्यो था, यानि चार
00:14जजज बहुमत में थे कि नहीं, महिलाओं को भी जाना चाहिए, और जा सकते हैं, उस जजमें चार एक की
00:19बहुमत से लेकिन गौर करने वाली बात ह
00:21कि इस बेंच में एक मात्र महिला जजज ओकी जसित इंदू महलोत्रा, वो डिसेंट कर गए, डिसेंट करने पर उनका
00:26यह कहना आता, क्या प्यालिटी के नापके हर जगा नहीं जा से, मुस्लिम में महिलाओं का प्रवेस वर्जित, ये मंदिर
00:32में कुछ-कुछ मंदिरों में
00:33महिलाओं का प्रवेस वर्जित, इस चीज के जितने भी रिलिजन है, उसमें जो समझे किये संविधान के डारे में एक
00:39किलियर कर चुछे हो जाएगी
00:44देश में सबरी वाला मंदिर को लेकर के और महिलाओं के प्रवेस को लेकर के कई बार सवाल उठें और
00:51विवस्था को लेकर भी बात हैं, बराबरी को लेकर भी बात ही लेकिन सुप्रिम कोट में आज एक फैसला हुआ
00:57है, हमारे साथ उस फैसले की व्याख्या करने के लिए क
01:00वह क्या था और काई से पूरा हम इस मामले में पहले स्वाइब लोग इस बात को जानते हैं लेकिन
01:09हो सकता उत्तर भारत ना जानके वह पूरे समझने
01:30चीप जस्टिस उन्रवल चीप जस्टिस सुर्यकान जस्टिस विपोल एम पंचलो जयमाला बाग्ची के बेंच में एक जज्जमेंट आया
01:35कि सब्री माला जज्जमेंट जो 2018 का था उसकी सुनभाय कब से होगी और उस रिव्यू के साथ एक बड़ा
01:42कॉश्टन यह था कि इसेंसल प्राक्टिस ऑफ रिलिजिजन यह सब विजय कांता वारू का जज्जमेंट है सब जज्जमेंट उसी में
01:48यह एक रिव्यू का जो नाम ह
02:01मास्टर फ्रोश्टर होते हैं मतलब जिफ जस्टिस ही बताते हैं कि कौन-कौन बेंच बनेगी और किस-कौन-कौन लीड
02:09करेगा तो जो नाइन जज्जमेंट इसे कहा जाए गाए
02:30लेकिन सब्सक्राइब में प्रवेस हैं लेकिन जो दस साल से और पचास साल के बीच की जो महिलाएं बच्चे से
02:50लेकिन जिनका
02:51मास्य धर्म होता मेंसुरेशन पिरियड होते हैं वो चुकि यह ब्रह्मचारी देवता है उनके प्रवेस को वर्जित किया गया था
02:57और वो नहीं जाते फिर कुछ महिला करता ने डाली केडला हाइकोट में उन्हों उस हाइकोट में भी मैटर जो
03:03है वहां पर यह हुआ कि नह
03:27देखने वाली आपके दर्सकों कि यह है कि फोर इंटु फाइब का फोर एंड वन का रेशियो था यह जा
03:35सकते हैं उस जज्मेंट चाड़े की बहुमत से हुआ
03:38लेकिन गौर करने वाली बात है कि इस बेंच में एक मात्र महिला जो थी जस्टिस इंदु महलोत्रा वो डिसेंट
03:44कर गए डिसेंट करने मतला उनका यह कहना था कि आप एक्वैलिटी के नाम पे हर जगा नहीं जा सकते
03:48वहां जो दस से पचास साल के बीच में जो महिलाओं का
03:51प्रवेश था उस वर्जीत को उन्होंने वैध माना उन्होंने माना कि यह वैध है हर जगा आप एक्वालिटी के नाम
03:56पे नहीं जा सकते जो पांच ज़स्ते उसमें चार्ज पूरुष ज़स्ते उनकी राही है थी कि महला जाना चाहिए लेकिन
04:05जो महला ज़स्ती उन्होंन
04:21तो उनकी ब्रमचर बक्त दुरहना चाहिए और दस साल से नीचे और पचास साल सुपर जिन का मेंसुरेशन प्रिएट खतम
04:25हो जाता है वह महला जा सकती है लेकिन उसके बाद भी कई बार कोसिस हुआ महिला संगठन की महिला
04:42करकरता ने जाने की कोसिस की लेकिन वहां के लोक
04:53सुप्रीम कोट ने केडला गवर्मेंट को यह कहा कि आप इंसी और करेंगे कहर महिला जाए मेरा अगर आप पुछे
04:57यह मेरा मानना है कि इंदु मलोत्रा का जज्जमेंट आप उसम्मत वाला बिसंट ऑपिनियन की नहीं जाना चाहिए मैं भी
05:04मानता हूं नहीं जाना चाहि�
05:22नहीं होगा कि कौन से पूजा पार्ट हर जैसे इसलाम का नमाज पढ़ना उनका इसेंसल पार्ट है यह जो भी
05:29चीजे तो उस इस सवाल को लेकर के विजय का नाम है विजय का तवारू उस रिवीव में जो है
05:35साथ जज़वेंच पहले बैट यह हुआ कि इसका डेटेल जव
05:50कि इसेंसल कौन-कौन से अर्सपेक्स है और नोन इसेंसल क्या क्या आस्पेक्स है अब इसका यह क्यों हुआ कि
05:56कुछ लोग आते हैं कि जी मेरा सुप्रीम कोट आ जाते हैं यह मेरा धनका डिलीजन इसेंसल पार्ट है फिर
06:02वहां डिटर्माइन करना बड़ा मुश्किल होता
06:21है यानि यह कम से कम नाइन जज होगे कारण क्या नहीं जई होते हैं दो ऑडर पर काम करते
06:32हैं जो मैटर लगा उसको
06:40तो वह लिखके देगा रजिस्टर को जो इसलिए होता है कि हर जाए कि महला पुरोसों को हर जगह जाने
07:04का हर जगह बराबर है
07:05यह बाली बात है लेकिन अधार्म का अधारों पर अलग अलग मानता है तो अभी ज़जमेंट आहें उसमें यह माना
07:15गया कि वही जा सकती है उस मंदिर में वहले भ्रमचारी अगर यह निर्णाय आता है सब्री वाला मंदिर के
07:27मामले में और यह 9 जज की बैंच भी फाइनल करत
07:35है तो यह सिर्फ सब्री माला पर लागू होगा या सारे धर्मों में जो महिलाओं को लेके अलग धारा होती
07:43है से मस्जिद की बात आपने कहीं तो उन पर भी लागू हो जो आपके सभी दर्सकों को कि देखिए
07:50मैं इस मैटर से जुड़ा रहा हूं तो इसमें जवडी क्या ह
07:53है कि जैसे आजान हमें एक जामपल लेते हैं कि आजान जो है जो हिंदू समाज के लोगों कहते हैं
07:59कि अपको पता होगा इलहाबाद उन्वर्सिटी की वाइसां सब्सक्राइब नेक्स्टिस बनेंगे तो यह आजान से कई लोग कहते हैं कि
08:11मेरा इस्लाम के इसेंसर प्रैक्
08:23है उसमें जो समझें कि संभिधान के दारे में एक क्लियर कट चीजें हो जाएंगी यह चीज़ें आपकी धर्म का
08:30डिलीजन एसेंसर प्रैक्टिस ऑफ रिलीजन है और यह चीज़ें नहीं है इस हो जाने से सुनवाई जब पूरी होगी है
08:35अभी तक जो भी है हम यह जैसे र
08:52कुछा जाया जाएगा सवाल यह है कि महला उसमें जा सकती है तो फिर यह ज़जमेंट के मादे में जो
09:05संभिधान कहें बो करेंगा सुप्रिम कोर्ट में
09:11अप्रेल से जो सुनबाई चालू है जब भी फैनल हो जाएगी जो फैनल वर्डिक्ट जब आने पर यह बहुत बरा
09:17मुद्दा क्योंकि हमारे आप जानते हैं कि हमारे भारत में धार्मिक आजादी भी जो है बहुत इसेंसल माना इस पर
09:22कई बार टकड़ा होते हैं तो सुप्र
09:41सब्सक्राइब हो जाएगा उसके बाद धार्मिक मिमाबाद के मुद्दे होंगे वह हमेशा के लिए खतम हो जाए तो यह आप
09:49समझे कि जो आज तो फैसना हुआ है और यह साथ अपरेल को सुनवाई होगी इसके माइने क्या है इसके
09:55माइने यह हैं कि वह नाइन जज्ज की
09:58बैंच यह तरह करेंगी है सब वकील सहब ने बताया कि जो भी मामले आएंगे वह आपके द्हार में प्रैक्टिस
10:05क्या है उसके अधार पर तै करना होगा यहांगोरी माला टेम्पिल के मामले में जो जो यह जज्ज्मेंट आने वाला
10:21है साथ तारीख को सुन्वाई होगी ज
10:26सब पर लाग होगी एक नया एक तरीके से नीव रखेगी कि कि किस तरीके से मामले को सुना जाना
10:33चाहिए
10:33फ़लाल इस वीडियो में इतना ही आप इस बारे में क्या राज रखते हैं आप कमेंडर बता सकते हैं
10:38क्यामरा पर सब्सक्राइब प्रकास के साथ शेवेंगर और वन इंडिया सुप्रेम कोट दिन ली
Comments

Recommended