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Cockroach Janta Party: सुप्रीम कोर्ट में आया 'कॉकरोच जनता पार्टी' का अजीब मामला, CJI सूर्यकांत क्यों बोले- इतना इमोशनल मत होइए? देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने एक ऐसा अनोखा मामला पहुंचा जिसने कोर्ट रूम में मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया है।

About the Story:
A public interest litigation (PIL) concerning an organization using the name 'Cockroach Janta Party' led to a significant exchange in the Supreme Court of India. The petition challenged the nomenclature, arguing it undermines democratic decorum and misleads the public.

#SupremeCourtHearing #CJISuryaKant #CockroachJantaParty #PILInSupremeCourt

~HT.178~PR.514~ED.108~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00देश की सबसे बड़ी अदालत और उसके सामने एक ऐसा मामला जिसने कोर्ट रूम में मौजूद हर शक्स को चौका
00:07दिया।
00:07मामला था एक तथा कथित संगठन या राजनीटिक नाम कौकरोज जन्ता पार्टी का।
00:13लेकिन सुनवाई से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में ऐसा माहौल बन गया कि खुद चीफ जस्टिस अफ इंडिया को कहना
00:19पड़ा इसे इतना भावनात्मक तरीके से मत लीजिए।
00:22इंट्रेस्टिंग ये है कि ये पार्टी सीजे आई सूर्यकांत के ही एक बयान के बाद बनाई गई थी।
00:28सीजे आई ने कहा था कि कुछ योवा कौकरोज की तरहां हैं जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और प्रोफेशन में जगहा
00:34नहीं मिलती।
00:35फिर वे मीडिया, सोशल मीडिया, RTI अक्टिविस्ट बनकर हर किसी पर हमला करने लगते हैं।
00:40उन्होंने कुछ लोगों को पैरसाइट्स यानि परजीवी भी कहा था जो सिस्टम पर हमला करते हैं।
00:46ये टिटपणी एक सुनवाई के दोरान आई थी, जहां फर्जी डिग्री और न्याय पालिका पर लगातार हमलों को लेकर बहस
00:52चल रही थी।
00:53बाद में इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद सीजे आई ने सफाई धी कि उनका निशाना देश के बेरोजगार
00:59युवा नहीं थे बलकि वे लोग थे जो फर्जी और बोगस डिग्री के जरिये पेशों में प्रवेश कर रहे हैं।
01:06फिर बनी कौकरोच पार्टी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक वकील ने जनहित याचिका दाखिल कर मांग की
01:13कि कौकरोच जनता पार्टी से जुड़े मामले पर जल्द सुनवाई की जाए।
01:41चीफ जस्टिस ने कहा कि उचित समय आने पर मामले की सुनवाई होगी लेकिन इसे व्यक्तिगत या भावनात्मक मुद्दा बनाने
01:48की जरूरत नहीं है।
02:06की गंभीरता को प्रभावित कर सकते हैं और जनता के बीच गलत संदेश दे सकते हैं।
02:11हाला कि सुप्रीम कोट ने इस मुद्दे पर तुरंत कोई टिपपनी नहीं की।
02:14अदालत ने सिर्फ इतना कहा कि हर याचिका पर सुनवाई का अपना समय और तरीका होता है।
02:19कोट ने ये भी संकेद दिया कि सिर्फ भावनात्मक अपील के आधार पर ततकाल सुनवाई संभव नहीं है।
02:25सुप्रीम कोट की टिपपनी इसलिए भी एहम मानी जा रही है क्योंकि हाल के समय में अदालत के सामने कई
02:30ऐसे मामले आए हैं जिन में राजनीतिक बयानबाजी, नामकरण और प्रतीकों को लेकर विवाद पैदा हुए है।
02:37लेकिन अदालत लगातार ये संदेश देती रही है कि न्याएक प्रक्रिया भावनाओं से नहीं समविधान और कानून से चलती है।
03:07लेकिन अदालत का काम लोगप्रिय भावना के आधार पर फैसला देना नहीं, बलकि कानूनी वैधता को परखना होता है।
03:13शायद यही वजह थी कि CGI ने याचिका करता को भावनात्मक होने से बचने की सलह दी।
03:19फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की ततकाल सुनवाई से इनकार नहीं किया है, लेकिन साफ कर दिया है कि सुनवाई
03:25तै प्रक्रिया के अनुसार ही होगी।
03:27अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अदालत इस मामले को किस तरह देखती है
03:32और क्या इस पर कोई विस्तृत सुनवाई होती है या नहीं।
03:35लेकिन एक बात जरूर साफ हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट ने ये संदेश दे दिया है कि अदालत में
03:40भावनाओं से ज्यादा महत्व कानून और समवैधानिक प्रक्रिया का होता है।
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