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सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका पर क्या हुआ?

कोर्ट ने कौन-सी सख़्त टिप्पणी की, जिसके बाद याचिका वापस ले ली गई?



इस वीडियो में Oneindia Hindi के लिए

शिवेन्द्र गौड़ ने

सुप्रीम कोर्ट पहुँचकर

बिहार से ताल्लुक रखने वाले सीनियर एडवोकेट ध्रुव कुमार से

पूरा वॉकथ्रू और कानूनी विश्लेषण किया है।



सीनियर वकील ध्रुव कुमार बताते हैं कि

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा,

याचिका क्यों नहीं सुनी गई

और इसे वापस लेने के क्या मायने हैं।



यह रिपोर्ट बिहार राजनीति,

प्रशांत किशोर,

जन सुराज पार्टी

और फ्रीबीज़ बनाम चुनावी निष्पक्षता

से जुड़े अहम सवालों को समझाती है।



वीडियो अंत तक ज़रूर देखें।



📍 रिपोर्ट: शिवेन्द्र गौड़

📍 प्लेटफ़ॉर्म: Oneindia Hindi


What exactly happened in the Supreme Court in Prashant Kishor’s Jan Suraaj Party case?


Why did the party withdraw its petition after the Court’s strong remarks?



In this video, Shivendra Gaur, reporting for Oneindia Hindi, brings an exclusive walkthrough from the Supreme Court with Senior Advocate Dhruv Kumar, who also hails from Bihar.



Senior Advocate Dhruv Kumar explains the key observations made by the Supreme Court, why the petition was not entertained, and what withdrawing the plea legally means.



This report covers the legal and political implications involving Prashant Kishor, Jan Suraaj Party, Bihar elections, and the larger debate on welfare schemes and free and fair elections.



Watch till the end for a clear legal perspective.

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~ED.276~HT.408~

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Transcript
00:00जो आदमी जो है राजनितिक डंबरू बजा बजा कर सब को जिता था हडाता था खुद जब अपना डंबरू बजा कर उठाने लगे है तो उनका टंडव हो गया लेकिन एक सीट पर भी वह जीत कर नहीं आए ये तो इनकी हैसियत थी गया है अच्छा आइपेक में भी इनका क
00:30क्या है चीफ जस्टिस साहब ने ये पूछा कि आपने कितने सीट जीत कर आए तब इनकी मुँ बंद हो गई दवरान आप क्यों नहीं आए कोर्ट ने यह भी कह दिया यहां तक कह दिया कि अगर आप जीत कर आ जाते तो आप भी वही करते हैं समझें कोर्ट का मूड इतना �
01:00कहें कि मैं अपने पिटिसन पिटिसन वापस ले लिया हुआ है तब ही कोच लगा देते हैं क्यूंकि सुप्रीम कोट का कहने का मतलब यही था जे आप हार गे मतलब गोटर साब को रिजेक्ट कर दिया तो आप हमारी पास आगे देश के बड़े चुनावी रणीतिकार परस
01:30उसमें गोडाला हुआ है गड़ बड़ी हुई है सरकार ने पैसे बाट दिया यह प्रसांद के सुर का कहना था चुनाव में रहे बोट नहीं मिले बहुत ही लोगों ने कहा था और उन्होंने भी कहा था कि मैं बहुत इमांदारी स्चुना लड़ा हूं मेरे पास सब इमां
02:00बिहार से आते हों तो समझना और भी अच्छा है दुरुप कुमार जी बिहार से आते हैं सुप्रिम कोट में बर्सों से प्रैक्टिस करता हैं लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं भागी राजनीतियों को समझते हैं सर क्या हुआ इस पैसले में जेकि जो आदमी जो
02:30उसमें 242 सीट पर वो कॉंटेस्ट किये इनकी पार्टी का नाम जन्सुराज पार्टी है लेकिन एक सीट पर भी जीत कर नहीं आएं यह तो इनकी हैसियत थी और जब हारने के बाद जो जब पूरा सरकार बन गई तो उसके बाद वो देखे कि भाई अब इसको जो है लाइम
03:00तो हमारे ऊपर जो एक धूल जम गया है अच्छा आई पैक में भी इनका कुछ है ले रहे आई पैक के असली मालिक तो यही थे ना
03:07सबसे पहले दो तीन चीज़े मुझे समझनी सबसे पहले कोट में गए तो इन्होंने कोट में किस आधार पर चुनाओ को रद करने की माहिए इनकी आजका में मोटी-मोटी बाते क्या थी इनकी मोल डिमांड यह था कि जो मतलब जो जो वोटर्स है उनको लुआने की कोशि�
03:37करन जो रूपिया जो है महिला संक्तिकरण के नाम पर महिला एंप्लाइममेंट के नाम पर उनके खातों में भेजा ग्या लेकिन शवाल यह है कि जब तक डिक्लियरेशन जो है
03:59Election Commission of India का नहीं हो जाता है डेट का
04:03एंड एलक्षन कमिशन का तो उसके पहले सरकार जो है
04:08कोई निर्ने ले सकती है तो ये निर्ने जो सरकार का हुआ है
04:12Election Commission का Code of Conduct आचार सनीता लगने के बहुत पहले हो चुका था
04:18और पैसा का आदान-प्रदान जो ट्रांजेक्शन हुआ है वो भी बहुत पहले से चल रहा था तो और जैसे मैं आपको बताता हूं कहीं पर पूल-पुलिया का एनॉंस्मेंट जो है आजार सनीता के दोरा नहीं होता है लेकिन अगर एलेक्शन एनॉंस्मेंट के पहले अगर
04:48सवाल है कि इनका कहना था कि दूरिंग दे कोर्स ऑफ एलेक्शन लेकिन मैंने अभी कहीं पढ़ रहा था मैं यह सुप्रिम कोट के लाइब जो आता है उसी में मैंने कहीं समझा था किसी के साथ किसी एड़ोकेट के पास ही बैटा था तो बहुत-बहुत-बहुत-बहुत-�
05:18समझ लिजिए उठक बेठक नहीं कराया गया लेकिन सुप्रिम कोट ने इनका कान पगड़कर जोर सेटा बोला कि अगर आपको इतनी ही तकलीप थी तो आप पहले क्यों नहीं आए जब यह पैसा शुरू बाटा गया और एलेक्शन नहीं हुआ था या डूरिंग दे कोर्स
05:48सब्सक्राइब करने के लिए और आप पर कॉस्ट क्यों नहीं लगा जाए जाए कि आप समय जाहिर अपने को जो है एड़टाइजमेंट प्रोपगेंडा कर रहे हैं और आप जो है इस तरह से
06:16जो है मतलब हारे हुई पॉलिटिकल पार्टी जिसको एक भी सिट नहीं आया तो आप पर क्यों नहीं कोश्ट लगा दिया जाए तो इसके बाद जो है जब देख लिए कि कोड का रुक जो है प्रशांद किशोर और उनकी पार्टी जन्सवराज के प्रती बहुत ही ज्यादा �
06:46पाएं ऐसा कुछ बुला कि तो मैं बता रहा हूं कि कोड का सवाल था कि अगर आपको किसी प्रकार की अन्यमित्ता लग रही थी गलत लग रहा था कि एलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया उस पर चेक इन बैलेंस नहीं कर रहा है तो उस दोरान आप क्यों नहीं आए कोड ने य
07:16इसके बाद दुसरा जो कहा गया इशु दूसरा इशु यह कहा गया यह में ज़ो तरीका है अब टिपड़े की है और उसको हम सुन रहे हैं उस इसू पर आप नहीं जाईए आप अपनी बात की
07:43कीजिए तो इस पर जो है बहुत साड़ा फिर बाद में कोट का मूड इतना ज्यादा गर्म था इनके प्रति कि कहा कि मैं कोश्ट लगाऊं क्या है तो फिर इन्हों ने देखा कि कुछ होने वाला है नहीं तो जो है कही उल्टे बास बढ़ेली हो रहा है हमारे साथ तो कहें कि
08:13नहीं रद हो रहा था बारबर कोट कर रही थी विट कॉस्ट हम इसको जो है नहीं के नहीं लेने से इंकार कर दिया तो हमें तो पिटिशन को कहें कि हजूर वी आर गॉइंग तो विड्रॉट बढ़े तो हां बदाए आप क्या आप तुकी बोल रहे तो आप कुछ मुझे �
08:43तो आप बकुट यहीं तो कहना का को आप हार गए मतलब वोटर साब को रिजेक्ट कर दिया तो आप हमारी पास आए नहीं और में आल वोटर रिजेक्ट साब कर दिया।
09:01तो यह थी बात जो किस वजह से और क्या सबसे महतुर बात थी यह तो सब को पताएगी आज का नहीं लेकिन उसके समय जो सुप्रिंग कोड की टिपड़ी होती है जस्टिस की वह बड़ी माइने रखती वह पहीना की सर एक लाइन अभबिस के लिए लाइन खिशती बिल्कुल
09:31अता हुआ है और जो सेस्टुम जो अभीọnकु कर रहा है उसमें प्रशाट कीसौर का बहुत बरहांत्रा है अभी तो संत मेथे हुए है
09:41तो वोट मैं कहे रहा है कि बहुत मैंएमानदार पार्टी हुद हमारे जैसा इमांदार पार्टी के यह नहीं इस देह में और इनों
10:01पॉलिटिकल सला ऐसा देता है कि जो हजारो करोर का गोटाला होता है
10:27सरकार के द्वारा बंगाल में उसमें भी इनकी ऑफिस इंवाल्व रहती है
10:32पूरा केस लड़ते हो फिर एक फीश लेते हो यह हो सकता है एक तारीक पर बहस करना ही एक सलाह की इतनी फीश इन्वेस्ट्रिकेशन होना चाहिए ना आई यह तो पूछ रहे हैं यह तो खुड फाइल कि
10:50सब बताना पिलाल सबस्ते की बारत है तो तो जौत प्रीवी ना मीकल बिश्रेक अधिड़त अवित यह गलत ऑश्रा करें
11:05करेंगा लेकिन फॉबलीक की नजर में हम तो बंगाल मम्ता ने भींट व्याथ।
11:19सब्सक्राइब करेंगे तो अलगी बहांस है और सुप्रिम कोर्ट में भी कह दिया गी फ्रीवीज के मामला अलग है
11:44उस पर हम अलग चलना है लंबी ता उस पर फैसला होगा तब होगा फिलाल परसांद के सुर को एक तरीके से आयना देखाया है कि हारने के बाद चुनाओ जब आदमी कोर्ट में जाता और इस तरह की बात करता कि चुनाओ रदगदू हलाकि यह बात ही हास्चासपत थी क्योंक
12:14ज्यादा जो प्रॉब्लेम थी इसूज जो आप यहां लाकर क्रियेट कर रहे हो सारे एक भी सीट नहीं जीते और आपके सामने हाई कोर्ट खुद पटना में बैठकर आपकी ऑफिस संचालन कर रहे होता है तो आपने पटना ही कोर्ट में क्यों नहीं इस इस इसू को लाया
12:44पताया उनोंने कोर्ट के अंदर जो बाते हुई है और जो नजरीया रहा है आपकी उस पर क्या राया आप कमेंट बॉस में बता सकते हैं कैमरा परसन अजय किता शिबेंग और वन इंडिया सुप्रीम कोर्ट जे लिए
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