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1993 Mumbai Blast: Abu Salem की रिहाई याचिका पर Supreme Court of India का रुख | वकील से समझिए

1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी Abu Salem की रिहाई याचिका पर Supreme Court of India ने क्या रुख अपनाया? क्या 25 साल की सज़ा का तर्क उसे राहत दिला सकता है?

इस विशेष रिपोर्ट में Oneindia Hindi के संवाददाता Shivendra Gaur आपको बताते हैं कि अदालत में क्या दलीलें दी गईं और सुप्रीम कोर्ट ने क्या संकेत दिए।

इस मामले में प्रत्यर्पण (Extradition) के समय Portugal द्वारा रखी गई शर्तों, 25 वर्ष की सज़ा की सीमा और भारतीय कानून के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वीडियो में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता Vishal Singh Chandel, Advocate, Supreme Court से खास बातचीत में समझिए:
• क्या अबू सलेम की रिहाई संभव है?
• 25 साल की कानूनी सीमा का क्या मतलब है?
• क्या सुप्रीम कोर्ट सीधे रिहाई का आदेश दे सकता है?
• आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी?

पूरे कानूनी विश्लेषण के लिए वीडियो अंत तक देखें।

What is the Supreme Court’s stand on the release plea of Abu Salem, convicted in the 1993 Mumbai serial blasts case?

In this detailed legal explainer on Oneindia Hindi, Shivendra Gaur breaks down the arguments presented before the Supreme Court of India and what the Court indicated regarding the 25-year sentence cap linked to Salem’s extradition from Portugal.

In an exclusive conversation, Vishal Singh Chandel, Advocate, Supreme Court, explains:

• Can Abu Salem be released after 25 years?
• What was the extradition assurance given to Portugal?
• Does the Supreme Court have the power to directly order release?
• What are the next legal steps in this case?

Watch the full discussion for a clear and factual legal perspective.


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#ShivendraGaur
#VishalSinghChandel

~HT.178~CA.534~ED.104~GR.510~

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Transcript
00:08पूर्टगाल की गौर्णेट से एक एग्रिमेंट की एक श्टाडीशन एक्रिमेंट
00:11उस एक्रिमेंट में लिखा हुआ था कि 25 साल के कारावाज के बाद इनको छोड़ दिया जाएगा
00:16इनको छोड़ देना चाहिए क्योंकि इंडिया का और पूर्टगाल का 2002 के तसक ने
00:30उसको सही तरिके से दर्सायर नहीं जा रहा है और अगर जजने मना कर दिया तो यह बहुत ही मुश्कल
00:34है कि उसके लिए अबू सलेम का भी केस इसी दर्मिया आता है पूरे देश में एक ऐसा महौल बन
00:40गया था कि आपस में दंगे उभरायते ऐसे के लिए आप आर्टिकल 21 के �
00:44जो अधिकार दियेंगे हैं उसकी मान नहीं कर पकते हैं आज सुप्रिम कोर्ट में अबू सलेम जिसकी वज़े से पूरा
00:52महराश्टीरी पूरे देश में आतंग ही आतंग हो गया था जो सीरियल ब्लास्ट हुए थे उसमें उसका नाम था और
01:00किसी तरह से सरकार उसे
01:022000 के दसक उसए लेकर कै आई लेकिन आज वो आया वही आया मन वने के बकील आया वही आया
01:10कि हमें
01:12चोड़ दिया जाए क्यों चोड़ दी जाए क्या सारी ची उसके लिए हमारे साथ सुप्रिम कोट के वरिष्ट अद्विक्ता विशाल
01:18सिंग जी है इस मामले को सबसे पहले दर्सकों बताईए कि वह चोड़ने क्यों आगे क्या मामला किस बज़े से
01:25आया वह जी देखे पुर्
01:38साल के कारावास के बाद इनको छोड़ दिया जाएगा जिसके बाद आज उनके वकील रिसी मलोतरा सीनियर एड़ोकेट अपियर हो
01:45रहे थे उन्हों ने कहा कि बंबे हाई कोट ने जो इंट्री माधेस दिया है कि 25 साल नहीं पूरे
01:50हुए है वो गलत दिया है वो मैटमेटिक
02:06हुआ था और उस एग्रिमेंट की बात ही यही थी कि 25 साल के बाद इनको छोड़ दिया जाएगा मतला
02:10जो एग्रिमेंट उनको छोड़ दिया है कोई भी वहां से प्रत्रप्ण करके आता है तो 25 साल से ज्यादा सजा
02:15नहीं दे सकता है सबके लिए था क्या अब अबू से लि�
02:33देश जो आया उसमें इनको कोई लाब नहीं दिया गया गौवर्मेंट का मानना है कि अभी 19 साल ही इनके
02:39कंप्लीट हुए 6 साल बाकी है जबकि इनके वकील का मानना था कि 25 साल पूरे हो गये और 2017
02:45में टाड़ा की कोट ने इनहें जो है आज इवन का रवाद सुनाया था उस
03:02सरकार जो है किस तरीके से गिन रही है इनके सालों को सरकार इस तरीके से गिन रही है कि
03:06जब से इनको सजा हुई है जब से एक्च्वल पिरियड में आए है तब से गिनकर सरकार मान रही है
03:12जबकि इनका कहना है कि ट्रायल के सुरुवाद से पहले भी जो टाइम है उसको गिन
03:16जाना चाहिए और उसमें भी वो जेल में ही थे तो मेरा भी मानना है कि अगर अर्थमेटिकल ना जाके
03:22अगर सही तरीके से गीने तो 25 साल के करीब इनके हो जाएंगा और जबकि 8 महीने एक्स्ट्रा ही हो
03:27चुके हैं तो आगे चलकर हाला कि अनुरिबल सुप्रीम कोट ने इनक
03:46इस थरीके से अब ही कई बार मैंने आपने दूसरे केस्टों पर बात की और कैई मामलों में सुप्रीम कोट
03:52ने टिफणी भी करी है जब बड़े गंभीर मामले जैसे की पाक्सों का मामला है और मामला है उन मामलों
03:58में जो जनसेवक अगर होता है तो उसे ऐसा कहीं मैंने सु
04:24पुरे देश में एक ऐसा महौल बन गया था कि आपस में दंगे उभर आयते ऐसे के लिए आप आर्टिकल
04:2921 के जो अधिकार दियेंगा है उसकी मांग नहीं कर सकते हैं
04:32अधिकल 21 में क्या अधिकार है वो अधिकार जो पिरियेड वाला जो ट्रायल पिरियेड वाला जी अधिकल 21 गारंटी देता
04:39है कि आप्रोच करें और उसको भी एक आम आदमी की तरह देखा जाए विवोर्ड ऑनरेबल कोड तो उसी आधार
04:46पर आज ये पूरा मामला लगा हु�
04:57सरजील इमाम के केस में यही ग्राउंड लिया गया था जो रेप उन्ना और रेप केस हुआ था उसमें तो
05:03आज भी जैसे पिछले दो केसों को दरकिनार किया है सुप्रीम कोट में कि हम आर्टिकल 21 का लाब इने
05:08नहीं दे सकते उसी तरीके से आज भी यह कहा है कोट में कि हम
05:27सब्सक्राइब में कई चीज़े हैं लेकिन मैं जिस चीज़ की बात कर रहा हूं वह यह है कि ट्राइल पीरियेड
05:32में जो जेल में रहता है विक्ती वह उसकी सजा में काउंट कर लिये जाए मनलग घटा दिया जाए जैसे
05:37माली जैब तीन साल पहले उसमें रहा उसके बाद �
05:40उसकी सजाब 10 साल किये है तो वह 10 साल गिल लिये जाएं तो अगर सरकार आटी 21 के इस
05:47बिंदू को इस बंदे पे लागू नहीं करती है किसी पे भी लागू नहीं करती है तो यह सम्भाण सम्मेधानिक
05:53तरीके से संभव है देखिए सबसे बड़ी बात कि यह सब कुछ डिस्
06:09की होता है सब की सजा अलग अलग है अगरिये जज चाहे तो हर एक सचन के लिए यसे साट
06:15साल है तो साथ साल करके 18 साल गेरव है कि वो इसको आगे बढ़ा है कि कंकरे यहा उनको
06:34कौंट करे कि नहीं करें
06:35और अगर जजने मना कर दिया तो यह बहुत ही मुस्कल है क्यूज के लिए और यह जज कर सकते
06:41हैं कोई इसमें ना कानून का कोई कामी होएगी ना कानून की कोई मलब धारा का उलंगन होगा ना संबदाने
06:47यह पूरा चीज है यह देखे सेटल्ड प्रिंसपल है अभी कुछ ल
07:05और जो उनको जमाना जिसमें की बहुत बार सुप्रीम कोट ने खुद कहा है कि हम रेरिष्ट आफ रेयर और
07:12रेयर केसे को अलग तरीके से ट्रीट करते हैं आप एक जगन्य अपराद के लिए जिसमें किसी विक्टिम को रेप
07:18करके जान से मार दिया गया है उसमें आप रेम
07:35कुछ कर नहीं सकते किसी का हाथ कटा किसी का पैर कटा है तो ऐसे लोगों के लिए भी कोट
07:39गंसरन थी इसलिए उन्हें कहा है कि आप हाई कोट जाईये वहां अपील करिए वह अपने राइट को लिबर्टी को
07:44अवेल करिए यहां पर अभी आपको कोई सुथान नहीं मिलें
08:05कोट का यह रूख है और यह होना भी चाहिए और अभी लगता है कि अभी उससे एकर 19 साल
08:10है और पुर्तगाल से गर समझता है तो छे साल उसे और इंफिजार करना पड़ेगा कोट का ही रूख रखेगा
08:15हाला कि हाई कोट में जिस तरह बगी साहने बताए जाकि अपील करेगा �
08:19तो वहां क्या होगा और देखने वाली बात हो के लिए कि उमीद है सुप्रिम कोट की जो राय है
08:24या जो नजरिया है उससे आही कोट भी साहिद लखना हो तो यही है आपकी इस पर क्या राय है
08:28आप कमेंट बाक्स में बता सकते हैं फिलाल इस वीडियो में इतना ही कैमरा पर
08:31अजय प्रकास के साथ शेवेंग और वन इंडिया सुप्रिम को दिली
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