00:02कुछ दिनों पहले उसम के चीफ मिनिस्टर के अगेंस चार पेटीशन पड़ी थी चोलो जेल जाने के लिए तैयर रहूंगा
00:08क्या करूंगा इंडिविजुल पेटीशन पड़ी हुई थी हेट स्पीच के मामले में कुछ दिन पहले उन्हेंने ट्वीटर पर एक पोस्ट
00:25किया
00:26है अपना बातों में मैं हमेशा काईम रखूंगा बंगलाडेशी का घुस पेठ्यू का हम खिलाब है और खिलाप रहेगा भारत
00:34की खंड़ता को भारत की सांती को खतरा पहुचाने के लिए ऐसा बयान इमंद्विशु सर्मा के द्वारा दिया गया है
00:39डेस में दौर है रा�
00:55खड़ी हो भी सकती है और कोट के बयानों पर हम लोग ध्यान देते हैं तो ऐसे ही आसाम के
01:00मुखमंत्री हेमंद्विश सर्मा जो ठीक योगी की तरह हैं उनका कार बिदी है और वो बहुत ज़्यादा मुखर रहते हैं
01:09बंगला देशी घुस पैटियों के दिखास तोर से उस
01:24जाने के लिए सुप्रिम कोट के वरिष्ट अद्वक्ता विशाल सिंग जी हैं सिंग साब क्या आई आज का थी और
01:31शुरू करते हैं कुछ दिनों पहले असम के चीफ मिनिस्टर के आगें चार पेटीशन पड़ी थी एक CPIM के दवारा
01:38एक चार असमी जिस्टूडेंट के द�
01:53और उसमें जो पेटीशन दाखिल हुई है उसमें कहा गया है कि बंगाली मुसल्मानों को टारगेट करके मिया सब्द का
01:59उप्योग किया गया है तो उन्होंने अरजिंट मेंजनिंग को स्विकार किया और आज के लिए मैटर को रखा था लेकिन
02:07आज जो उन्होंने ब्रदर �
02:21आप अपने कंसर्ण हाई कोट में जाए अंडर आर्टिकल 226 यह आपको कॉंस्टिटूशनल कोट है और आपको राइट है कि
02:28आप वहां जाकर हेटी स्पीच को बोताईए कि यह कैसा हेटी स्पीच है और उस पर हाई कोट जज्मेंट देगा
02:33और हाई कोट को हम इस तरीके ज
02:55कोट में बना सकते हैं कि आपके सिनियर एडवक sled से बिलोंग करते हैं तो आप मैंटर को करवा दीजिए
03:02जहां जिसका जूरिक्स है वही
03:04यह मैटर सुना जाएगा और यह असम में आप हेट स्पीच का फाइल करिए वहां से अगर कोई डिसीजन आपके
03:09खिलाप आता है तो हम बैटे हैं और कोई भी पॉलिटिकल नेता इसको इस तरीके से ने ले सकता है
03:14कि सुप्रीम कोड में कोई भी पेटिसन दाखिल कर दिया और
03:34जो तरीका है कोड आने का वो क्या आपको हाई कोड जाना चाहिए असाम के और बहां पर जो तै
03:40होगा आपने बात यहां पर महत्पूर कहीं कि जो सुप्रीम कोड अलग नहीं है और यह कांसिटूशनल कोड है इसका
03:48दरह समझाई तो कि लोग समझ में आए बार जी देखिए
03:51सुप्रीम कोड और हाई कोड इसलिए कही जाते हैं कि सीटने बी अदिकार दिये गए उसको वो प्रोटेक्ट करते हैं
03:58और जितने भी लौ बने हुए हैं सब कॉई भी लौ अगेंस दे कानूशन है तो इन्वैलिड घोसित हो जाता
04:06है जिसके लिए हमने देखा भी यूजी स
04:20किया जा सकता है और अगर किसी एक state का मामला है तो state के high court में challenge किया
04:26जाता है
04:27और मैं सबसे बड़ी बात बता दूँ कि REIT के मामले में high court को जादे power है अंडर article
04:32226 Supreme Court से
04:35क्योंकि Supreme Court जो article 32 के अंदर right देता है वो सिर्फ fundamental right को protect करता है
04:41जब कि high court जो 226 के अंदर right देता है वो पूरे constitutional right को protect करता है
04:46तो आप जब देखेंगे इनके comparison को तो high court का judiction बड़ा है Supreme Court से इस मामले में
04:52और उसी बात को दोहराते हुए honorable chief justice of India ने कहा कि आपको अगर कोई बात concern लग
04:58रही है
04:58कोई hate speech है 1901 और 1902 का कोई violation है तो आप पहले concerned high court जाईए अगर वहां
05:05से आपको relief नहीं मिलेगा तो हम यहाँ पे बैटे हुए है
05:071901 और 1902 क्या है देखे 1901 freedom of speech and expression है 92 में दिया गया है कि इसके
05:14कुछ certain limitation है
05:1692A में जो दिया गया है उसी के तहट ये लोग आया थे कि public morality को गलत हुआ है
05:21भारत की अखंडता को भारत की सांती को खतरा पहुचाने के लिए
05:24ऐसा बयान इमंत मिश्व सर्मा के दोरा दिया गया है और उसी को चैलेंज करके उनकी उस बयान को उससे
05:29टेक करके यहां पर अंडर आर्टिकल 32 एक
05:32होती है और उस को सुनते हुए अपना फैसला सुनाया जबकि इसका तरीका यह होना चाहिए था कि हाई कोट
05:43में पहले फाइल होना चाहिए था क्योंकि जूरिडिक्शनल
06:04सब्सक्राइब कर रहा है जबकि इसका सही उप्योग होना चाहिए यह तो सवाल हो गया कोट का अब पता नहीं
06:11आप देना चाहें तो जबाब दीजिए मुझे नहीं पता तुकि लेकिन जो हिमंद्विश्वर्मा की स्पीच है जिसके बात आई है
06:19आपको क्या लगता है बत
06:32करना आ गया है तब से चीजे और बड़ी हो चुकी है और मैं इसमें अपने संसत को कहना चाहूंगा
06:37कि आइटी एक्ट में अमेंडमेंट की जरूरत है आज डीप एक के लिए हमारे पास कोई ऐसा कानून नहीं है
06:42कि हम किसी को लाइबल करते कुछ सर्टेन कानून है उसी में
07:04तो इसी लिए मैं कह रहा हूँ नजरिया की बात है और यहां नफरत के लिए किया गया अगर तब
07:12तो कुछ कोड़ देख सकता है त्वीटर पी उन्होंने एक वीडियो डाला था और पोस्ट किया था जिसमें उनका कार्टून
07:17था सामने कुछ
07:18मुसलमान के लोग थे उनके तरह बंदूग करके वो दिखाया गया था कि हम किसी भी अस्तर पर ऐसे छोड़ेंगे
07:24ने जबकि उनका यह कहना था कि यह जो वीडियो और फोटो डाला गया वो मेरे द्वारा नहीं डाला गया
07:28बाद में उनके ट्विटर हैंडल से डिलीट भी
07:44वैलिड हुआ था जिसमें यह कहा गया था कि 1971 के बाद जो भी मुसलिम आये हैं उनको भारत का
07:50भाग नहीं माना जा सकता उसके पहले जो आये हैं उनको भाग माना जाएगा तो इसी पर उन्होंने कहा था
07:55कि अभी भी सीए एनर्सी को पूरी सुद्रीडता के साथ लागू कर
08:13खिलाडी के लिए किल्के खिलाडी के लिए क्रिकार फिलाड कैया होता है उसकी प्रसंसा करना ठाह कि तारीख करना लेकिन
08:20भाग पर्मिया कि
08:22कहा गया है कि इसका वो तरक देंगे कोर्ट में कि हमने इसके लिए का हमने
08:27और जब तक जैसा वागेल साभ में बताया की कानून को और ज़्यादा इसका दारा
08:31और ज्यादा इस पर नहीं शोट करके और इसको टुप तब तक तमाम जो ये फार्ब़रांड नेता है
08:37ये बोलेंगे, अपना political agenda set करेंगे
08:40और उसके बाद court में बचने के रास्ते भी इसी कानून के बीच से उसे निकलेंगे
08:45और यही साथ हिमंत विस्वर्मा के साथ होगा, यही साथ होगा, यही साथ होगा, यही दूसरे नेताओं के साथ भी
08:53होता रहेगा
09:04क्या कानून पका नहीं, क्या हेट स्पीच, उनकी राजनीते के लिए बहुत आसान दास्ता है, रोठिया सेखने का आप बता
09:10सकते हैं
09:11फिलाल इस वीडियो में इतना ही, कैमरा पर साल रजाए प्रकास के साथ, शिबेंद गौर्व, वन इंडिया, सुप्रीम कोर, दिली
Comments