00:00क्या आपने कभी देखा है, कुछ लोग जब बात करते हैं, तो उनकी वानी में एक अलग ही authority होती
00:05है, और उनका धन कमाने का जुनून बिलकुल अटूट होता है।
00:09लेकिन अपनी जमा पूंजी और परिवार को सुरक्षित रखने का उनका यही आकरामक प्रयास कभी-कभी अपनों के बीच ही
00:17गहरे मद्भेद पैदा कर देता है।
00:49लेकिन अगर हम इस उर्जा को सही दिशा दें, तो यही मंगल हमारी वानी को प्रभावशाली और अकाट्टे बना देता
00:56है।
01:13लेकिन यदि इस उर्जा पर नियंत्रन न हो, तो यही मंगल कटुवानी और अचानक आने वाले संकटों का कारण बन
01:22सकता है।
01:24लेकिन द्वितिय भाव में बैठा मंगल सिर्फ आपके व्यभार को ही नहीं, बलकि आपकी पूरी किस्मत को बदल देता है।
01:35यहां से इसकी पांचवी द्रिष्टी आपके पांचवे भाव पर पड़ती है, जो आपको अप्रत्याशित धन और एक निडर निवेशक बनाती
01:43है।
01:44इसकी आठवी द्रिष्टी आपको गुप्त विद्याओं में असीम सफलता देती है, और ससुराल पक्ष से अचानक बड़ा धन लाब करा
01:53सकती है।
01:54और जब यह अपनी नौवी द्रिष्टी से भाग्य भाव को देखता है, तो इनसान अपने सिध्धान्तों और धर्म की रक्षा
02:01के लिए हमेशा विजई खड़ा रहता है।
02:04याद रखिए, दूसरे भाव का मंगल कोई अभिशाप नहीं है, यह केवले का सीमित उर्जा है।
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