00:00जिसे सब कमजोर समझते थे वहीं निकला सबसे खास एक शांत और खूबसूरत बाग में रोज मोर आया करते थे
00:08हर सुबे वो अपने पंक फिला कर नासते मानो पूरी दुनिया को अपनी खूबसूरती दिखा रहे हो उसी बाग में
00:15एक शोटा सा मोर भी रहता था लेकिन वो क
00:28पहली बुन्देगरी सारे मोर खुशी से जूमोटे शोटा मोर खुद को रोक नहीं पाया उसके दिल ने कहा आज डर
00:37शोड़ते बेवी दीरे दीरे आगे बढ़ा और पहली बार अपने पंक फिला कर नाचने लगा पहले वो हिचकचाया लेकिन फिर
00:45उसने जैसे जैसे खु
00:50और खुब सूरत बन गया बाकी मोर भी उसे देखर खुश हो गए और उसके साथ नाचने लगे उस दिन
00:57शोटे मोर को समझ आया खुशी दूसरों को देखकर नहीं खुद को अपनाने से मिलती है जब आप खुद को
01:04सभी काल कर लेते हैं तब ही असली खुशी मिलती है
Comments