00:00दादी को एक दिन कच्रे के डेर के पास अचाने के चमकती हूए सोने की बकरी मलती है दादी है
00:04रानाओकर उसे उठाते है और अपने शोटे से गर में ले आती है तबी बकरी अचानक बोल पड़ते है दादी
00:09मैं कोई ममूली बकरी नहीं हूँ मैं एक चमतकारी बकरी हूँ त
00:15उसी को बताना मत अगली सुबह दादी गाउं की दुकान पर खाने का राशन लेने जाते हैं लेकिं दुकान दर
00:20पुरानी उधारी की बज़े इस उसे राशन देने से मना कर देता है बेगुसे में दादी को दक्का देकर दुकान
00:24से बाहर फैंक देता है पूरा गाउं जे दे
00:39लड़की में बदल जाती है
00:41साथ ही घर के बाहर
00:42एक चमचमाती स्कॉर्पियो गाड़ी
00:44भी खड़ी हो जाती है
00:45अगले दिन वहीं लड़की
00:47स्कॉर्पियो में बैढ़कर उसी दुकान पे प॑ंस्ती हो
00:49से देखकर पूरा गाउँ और दुकानदार
00:51हैरान रह जाते हैं
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