00:00जे कोई पीशा नहीं था, जे एक perfect plan था और एक second में शिकार खत्म, जंगल की खमोशी में
00:07सब कुछ शांत था, एक मकड़ी अपने जाल पर बिल्कुल सतीर बैटी थी, वो भाग नहीं रही थी, वो इंतजार
00:13कर रही थी, जे कोई पीशा नहीं था, जे एक गन्ना थी, उसकी आ
00:29एक second में मकड़ी बिजली की तरह जप्ती, कोई गलती नहीं, कोई जल्दवाजी नहीं, सिर्फ एक सटीक हमला और शिकार
00:38खत्म, हर वार तेज होना जरूरी नहीं, कभी-कभी जीत उनीकी होती है, जो सही समय का इंतजार करते हैं
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