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वनवास के दौरान माता सीता अकेली थीं, तभी एक खतरनाक जंगली जानवर ने उन पर हमला करने की कोशिश की। लेकिन अगले ही पल हुआ एक दिव्य चमत्कार, जिसने क्रूरता को भी शांत कर दिया। यह कहानी बताती है कि सच्ची शक्ति बल में नहीं, बल्कि पवित्रता और धैर्य में होती है।
देखिए पूरी रहस्यमयी और भक्तिमयी कथा अंत तक — और महसूस कीजिए दिव्य शक्ति का अनुभव। 🙏
अगर आप भी माता सीता और भगवान राम की भक्ति में विश्वास रखते हैं, तो ❤️ लाइक करें, 🔁 शेयर करें और कमेंट में लिखें — जय सीता राम।
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Transcript
00:00। बनवास के दोरान माता सीता पर अचानक हुआ ऐसा हमला जिससे देखकर पूरा जंगल काम पुठा।
00:38जैसे ही जानवर हमला करने के लिए आगे बड़ा अचानक माता सीता के चारो और दिब्वे परकास पर गट हुआ
00:44जानवर जोर से चीक और कुशी पल में शांत होकर उनके चरनों में बैठ गया क्यूंकि बे समझ चुका था
00:50जे कोई सधारन हिस्तरी नहीं स्वेम दिब्वे सक
00:53सबरूप है कहा जाता है प्रकृति भी सच्ची पवित्ता करना के अगे जुक जाती है माता सिता की डिब्वेता ने
01:00करूरता को भी शांत कर दिया सच्ची शक्ति हथ्यारों में नहीं बलकि पवित्तर आत्मा और धैरेय में होती है जैसे
01:09that on.
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