00:00क्या भगवान सच में भक्तों का कर्ज चुकाते हैं आये जानते आये सची कथा में दस लाग सोने के सिक्के
00:06जब क्रिशन जी ने चुकाया अपने भक्त का कर्ज क्या आपने कभी सुना है कि भगवान खुद अपने भक्त का
00:12कर्ज चुकाने आये थे एक बादवार का नगरी मे
00:26ुपधिया पर करच चुकाने के लिए उसके पास कुछ भी नहीं था साहुकार कुरोधित हो गया उसने दमकी दी अगर
00:33कल तक 10 लाग सोने के सिक्कें नहीं मिले तो तुम्हें कारागर में डाल दूंगा
00:38बेबस भक्त रोते हुए मंदिर पहुंचार क्रिशन के चर्णों में गिर कर बोला प्रबू अब मेरी लाच आपके हाथ में
00:45है अगली सुबा एक दिब्विय जुबक साहुकार के घर पहुंचा उसके शरीर से एक अदबु तेज निकर जा था उसने
00:51कहा जिद 10 लाग सोने के स
00:54के उस भक्त का कर्च चुका दो साहुकार हैरान रह गया जब धन्यवाद देने मंदिर पहुंचा तो देखा बगवान श्री
01:01क्रिशन की मूर्ती के चर्णों में मिट्टी लगी थी उनके बस्तर भी गिले थे तबी सब समझ गया कि सच्चे
01:08भक्त की लाज बचाने स्वेम श
01:21जया श्री क्रिशना
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