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भगवान राम की अंगूठी से जुड़ी यह रहस्यमयी कथा बहुत कम लोगों को पता है।
जब रामराज्य चल रहा था, तब एक ऐसी घटना हुई जिसने हनुमान जी को पाताल लोक तक पहुँचा दिया। वहाँ उन्होंने जो देखा, उसने समय और अवतार का सबसे बड़ा रहस्य खोल दिया।

क्या सच में हर युग में भगवान राम आते हैं?
जानिए इस अद्भुत और रहस्यमयी पौराणिक कहानी में।

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Transcript
00:00क्या सच में बगवान राम जानते थे कि उनका अंता आनने वाला है इसलिए उन्होंने अपनी अंगूठी पतार रोक में
00:06भेजी थी और वहां जो मिला उसने सब कुछ बदल दिया
00:09कहते हैं अजोद्या में एक दिन ऐसा हुआ कि जिसने स्वें बगवान हनुमान जी को भी बेज से भर दिया
00:15राज्यसावा चल रही थी तब एक रहसे में तफस्पी अचानक पगट हुआ
00:19उनकी आंखों में अजीब चमक्तिर आवाज मानो समय के पार से आ रही हो
00:24उसने प्रभुशी राम से कहा आपसे एक गुप्त बारता करनी है अकेले में
00:29बगवान राम ने हनुमान जी को दोवार पर खड़ा किया रोदेश दिया जब तक मैं ना बुलाओ कोई अंदर ना
00:34आए
00:35अचानक बगवान राम की अंगूठी उनके हाथ से गिर गई लेकिन बजमीन पर नहीं गिरी
00:40दर्ती खुट फटगी और अंगूठी अंदेरे में समागी
00:44बगवान राम ने सांत सवर में कहा हनुमान जी मेरी अंगूठी बापिस लओ
00:49हनुमान जी पताल लोग पहुंचे चारो और अजीब सन्नाटा था और समय जैसे रुख चुका था
00:54बहां उन्होंने देखा एक सिंगासन जिसके सामने अनगित बगवान राम की अंगूठियां
01:01हनुमान जी चौंग गे इसमें मेरे प्रभू की अंगूठि कौन सी अपताल रोग के राजा हस पड़े और बोले
01:07हनुमान जी हर जुग में जब राम बगवान का अबतार समावत होता है और एक नई अंगूठि जहां आ गिरती
01:15है
01:15जे सुनते ही हनुमान जी समझ गे जे कोई साधारन गटना नहीं थी जे था समय का संगेत बगवान राम
01:23की लीला अब समावत होने वाली थी तो क्या हर जुग में बगवान राम फिराते है शायद अभी भी कहीं
01:30एक नई अंगूठि गिरने का इंतजार कर रही हो
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