00:00अपनी आँखों में सुयां क्यूं खोबली शिरी क्रिशन ने कहते हैं मदर मोहन जाननी हमारे प्री ये शिरी क्रिशन सिर्फ
00:07बालपन में नहीं बलकि हर उमर में अपने प्रेमर भावनाओं के लिए जानने जाते थे लेकिन क्या आप जानते हैं
00:13इस दिब्य रूप के पीशे
00:14एक ऐसा दर्द शुपा था जिसे साइध ही कोई जानता है एक बार ब्रिंदावन में जिडिक रिशन ने अपने अंदर
00:20की पीड़ा को शुपाने के लिए अपनी आंकों में सुईयां खोबली जैसे सरीरिक दर्द नहीं था बलकि उनका आत्मिक करन
00:27था मदर महों ने अपने प
00:42खुशियों के लिए मुस्कुराओ जे द्रिश्य हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम से अनंद में नहीं बलकि पीड़ा में भी
00:49सबर और समपरपन से खिलता है मदर महों का जे भाबो करेश से आज भी हमारे दिलों में ड़कता है
00:56क्या आप जानते है क्रिशन जी की आंसों की
00:59कहानी अगर हां तो इसे शेयर करें और अपने प्रिये जनों को भी जे रहस्य बताए
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