Skip to playerSkip to main content
अशोक वाटिका में कैद होने के बावजूद माता सीता ने कभी अपना साहस और विश्वास नहीं खोया।
रावण अपनी शक्ति, वैभव और डर से उन्हें झुकाना चाहता था, लेकिन माता सीता की अडिग हिम्मत और धर्म के प्रति विश्वास ने उसे अंदर से हरा दिया।

यह कहानी बताती है कि सच्ची शक्ति बाहरी बल में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मर्यादा और सत्य में होती है।

वीडियो पूरा देखें और माता सीता के साहस को प्रणाम करें।
🙏 जय सीता राम 🙏
#sitaram #sita #ram #jaishreeram #jaishriram #ramayan #ramayanstory #rammandir #ravan #mythology #indianmythology #hindumythology #sanatandharma #sanatan #spirituality #spiritual #spiritualawakening #divine #devotional #faith #god #bhakti #bhagwan #bajrangbali #hanuman
Transcript
00:00ना हाथ में अठ्यार ना साथ में कोई श्रेना फिट भी माता सीता ने सबसे सक्तिशाली राजा को जुका दिया
00:06कैसे
00:06लंका का राजन देपताओं को हराने वाला रावन लेकिन एक रात अशोक बाटिका में उसे ऐसा डर मसूस हुआ जो
00:13उसने पहले कभी नहीं किया था रात गहरी थी
00:15अशोक बाटिका में अजीव सनाटा शाया हुआ था हवा बिना वजव तेज चल रही थी पेड काम रहे थे माता
00:21सीता द्यान में बैटी थी आँखे बंद चेहरा शांत लेकिन उनके चारो जैसे अद्रिश्य दिब्बे परकाश फैल रहा था तबी
00:28रावन वहां पहुंचा हं
00:44उनकी शांत दिजिश्टी में ऐसा तेज था कि रावन एकदम पीशे हट गया उन्होंने कहा दर्म की सकती कितनी भी
00:51भड़ी क्यों नहों दर्म के सामने उसका अंतनिश्चित है उस सन रावन को पहली बार एहसास हुआ बेक कैदी इस्त्री
00:59के सामने नहीं एक अटूत डिब
01:01वे सकती के सामने खड़ा है उस रात लंका का सबसे सकती साली राजा डर लेकर वापिस लोटा रावन जुद
01:08में बाद में हारा लेकिन उसकी हार उस दिन शुरू होगी थी जब वे माता सीता की हिमत को समझ
01:14नहीं पाया अगर आपको भी लगा कि सक्ची शक्ती अंदर होती ह
01:19यह तो कमेट में लिखिए जै सीता राम
Comments

Recommended