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  • 4 months ago

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Transcript
00:00जुडवा साज
00:01घंशाम की शादी की बात एक जगा चल रही थी
00:05घंशाम को लड़की बहुत पसंद आई
00:08लेकिन बाद में पता चला कि जिस लड़की को घंशाम ने पसंद किया है
00:12उसकी एक जुडवा बहन भी है
00:14उन दोनों जुड़वा बेहनों का अपने पापा के अलावा इस दुन्या में कोई नहीं था
00:19और इसलिए मरते वक्त दोनों जुड़वा बेहन के पापा ने घंशाम से कहा
00:23कि वो उन दोनों की साथ शाधी कर ले और अपनी सारी जायदाद उन्होंने घंशाम के नाम कर दी
00:29और इस तरह घंशाम दो जुड़वा पत्नियों का पती बन गया
00:34उन दोनों बहनों में से एक का नाम था रमा और दूसरी का नाम था सारिका
00:39धीरे धीरे वक्त बित्ता गया
00:41रमा के तो कोई संतान नहीं हुई
00:43पर सारीका को एक बेटा हुआ
00:46जब सारीका और घंश्याम का बेटा अविनाश
00:4928 साल का हुआ तो उसकी शादी
00:51अंजली नाम की लड़की के साथ हो गई
00:53देखो बहु तुम बहुत किस्मत वाली हो
00:57तुम्हें दो-दो सास मिली है अपना खयाल रखने के लिए
01:00हाँ अंजली और मेरी दोनों मां बहुत अच्छी है
01:04वो तुम्हारा बहुत खयाल रखेंगी
01:06देखो बहु सास तो तुम्हारी दो है
01:10लेकिन असली सास तो मैं ही रहूँगी
01:13क्योंकि अविनाश ने मेरे पेट से जन्म लिया है
01:16हाँ बही सही बात है
01:18मुझे तो कभी कोई आलाद नहीं हुई
01:21तुम्हारी बहू तुम्हारी ही रहेगी फिक्र ना करो
01:24नहीं नी ममी जी, ऐसा कुछ भी नहीं है
01:28मैं आपका भी अपनी सास की तरह ही खयाल रखूँगी
01:31मेरी लिए तो आप दोनों ही मेरी सास है
01:33देखा, कितनी समझदार लड़की है
01:36और प्लीज, आप दोनों आपस बे बिल्कुल जगडा ना करो
01:41अंजली सबका खयाल बराबर से रखेगी
01:43एक दिन सुपा के वाक्त
01:45अंजली बहू, जरा मेरे पीने के लिए थोड़ा पानी तो गर्म कर दो
01:50ये लीजी ममी जी, आपके लिए गरम पानी
01:54अरे अंजली, मेरा टिफिन तो बना दिया है न, आफिस के लिए देर हो रही है
01:58बस पांच मिट लगेंगे, थोड़ा सा इंतिजार कर लेजी, फ्लीज
02:02बहू, मेरा नाश्टा कहा है, अभी तक बना कर क्यों नहीं लाई
02:07ममी जी, आप थोड़ी दिर रुख जाईए न, इनको आफिस के लिए देर हो रही है
02:11मैं अभी अपका नाश्टा बना देती हूँ
02:13जब रमा ने तुमसे पानी लाने को कहा, तो तुम लबबक कर लिया आई
02:18और मेरे नाश्टी के लिए मुझे इंतिजार करने को कह रही ही हो
02:22अरे, नहीं नहीं, ममी जी, ऐसे कोई बात नहीं है
02:25उस वक्त मैं फ्री थी, तो मैंने रमा ममी जी के लिए जल्दी से पानी गरम कर दिया
02:29आरे, स्याब समझती हूँ
02:31रमा, मेरी बहु को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही है
02:35लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूँगी
02:38अगले दिन शाम के वर्त
02:40अंजली बहु, जरा मेरे पास तो आओ
02:44देखो तुम्हारे लिए कितनी सुन्दर साड़ी लाई हूँ
02:47अरे, वाँ ममी जी, ये साड़ी तो बहुत सुन्दर और काफी भारी भी है
02:53वही तो, अरे, अंजली मैं अच्छे से जानती हूँ
02:58आज कल की लड़कियों को भारी कपड़े पहना पसंद नहीं है
03:01तुम्हारे लिए डिजाइनर सूट लेकर आई हूँ
03:04बताओ जरा कैसा है
03:06रमा ममी जी, सच बताओं तो मुझे इसी तरा की सूट पहने पसंद है
03:11वैसी वो साड़ी भी बहुत संदर है
03:14लेकिन बहुत भारी है न, पता नहीं मुझे से समलेगी भी या नहीं
03:18लेकिन मैं दोनों चीज रख लेती हूँ
03:20अंजली की वहां से जाने के बाद
03:23देखो रमा, मैं सब जानती हूँ
03:26तुम मेरी बहु को अपनी तरफ करने की कोशिश ना करो
03:30अविनाश मेरा बेटा है और अंजली मेरी बहु
03:33अरे तुम बेकार में ही परिशान हो रही हो
03:36मैं तो बस अपनी बहु को प्यार करती हूँ
03:39इसलिए उसके लिए गिफ्ट लेकर आई थी
03:41और वो मेरी भी तो बहु है
03:42ये बात दिमाग में हमेशा याद रखना सारीका
03:45लेकिन सारीका को लगता है कि कहीं अंजली रमा को ज्यादा इज़त और प्यार देना शुरू ना करते
03:51और रमा को लगता है कि कहीं अंजली सारीका की बातों में आकर उससे दूर न हो जाए
03:55इसे competition में वो दोनों अंजली को परिशान करना शुरू कर देती है
04:00ममी जी आज अविनाश के office में party है और मुझे वहाँ जाना है
04:04तो मैं जल्दी से तेयार होकर निगलती हूँ
04:06अविनाश बस आती ही होंगे
04:08ठीक है तुम party में चली जाओ बहु
04:11लेकिन मेरे रात के खाने के लिए खिचडी बना कर चाना
04:16ठीक है ममी जी मैं सारी का ममी जी को भी पूछ लेती हूँ
04:20कि उन्हें क्या खाना है
04:21क्या हुआ बहु कहीं जा रही ही हो
04:25ममी जी वो मैं अविनाश के साथ party में जा रही हूँ
04:28रमा ममी जी को खाने में खिचडी खानी है
04:31आप भी वही खा लेंगे तो मेरा खाम जल्दी हो जाएगा
04:33नहीं नहीं मेरा तो आज पनेर की सबजी खाने का मन था
04:38मेरे लिए तुम थोड़ा पनेरी बना दो
04:40लिकिन ममी जी मुझे देर हो जाएगी
04:43अच्छा खिचडी बनाने में देर नहीं होगी तुमें
04:46अब अंजली अपनी दोनों सास के लिए अलग-अलग खाना बनाती है
04:50और बुरी तरह से ठक जाती है
04:52थोड़ी दिर बाद जब अविनाश उसे पार्टी के लिए लेने आता है
04:56अरे अंजली तुमने अपनी क्या हालत बना रखी है
04:59पार्टी में नहीं चलना है क्या
05:01विनाश मैं बहुत ठक गई हूँ
05:03मेरा पार्टी में जाने का बिल्कुल भी मननी है
05:06प्लीज आप अकेले ही चले जाएए
05:08कुछ दिनों के बाद
05:10सारी का बहु मेरे सर में बहुत दर्ध हो रहा है
05:18जरबाम तो लगा दो
05:20सर दर्ध से फटा जा रहा है
05:23अरे अंजली बहु
05:25बेटा मेरे घुटनों के दर्ध की दवाई तो ले आओ
05:28जरा मेडिकल स्टोर से
05:30अविनाश को तो आफिस से आते आते देर हो जाएगी
05:34मेरे घुटने तो पूरी तरह जवाब दे चुके हैं
05:37उठा भी नहीं जा रहा
05:39अंजली पहले मेरे सर पर बाम लगाएगी
05:43उसके बाद में तुम्हारी दवाई लेने जाएगी
05:45नहीं नहीं बाम तो बाद में भी लग सकता है न
05:49अरे मेडिकल स्टोर बंद हो जाएगा
05:51उससे पहले अंजली मेरे दवा ले आए
05:53ये भगवान
05:55ये जुड़वा सास के चकर में कहा फस गई
05:57ये दोनों तो कुछ भी समझने को तयार ही नहीं है
06:00अब क्या करूँ
06:01ऐसे ही समय बीटता जाता है
06:05कुछ दिनों के बाद अंजली प्रेगनेंट हो जाती है
06:08जैसे ही अंजली के प्रेगनेंट होने की खबर आती है
06:11रमा और सारी का दोनों बहुत खुश होती है
06:14अंजली मैंने तुम्हारे लिए लड़ू बनाए
06:18ये खाना, तुम्हारा बच्चा बहुत हेल्दी होगा
06:21देखो अंजली, ज्यादा घी और लड्डू खाने से शरीर पर चर्बी चड़ जाती है
06:26तुम्हें अपनी सेहत का खयाल रखना है या नहीं, तुम ये फ्रूट्स खाया करो बेटा
06:32लेकिन ममी जी मैं दोनों चीज़ भी खा सकती हूँ न, थोड़ा थोड़ा करके
06:37अरे ममी अंजली का जब जो खाने का मन होगा वो खा लेंगी, आप दोनों इतना परिशन क्यों हो रही है
06:43दखो, तुम दोनों अपने अपने चकर में वैसे भी बहु को बहुत तंग करती हो
06:49अब वो प्रेगनेंट है, उसे थोड़ा तो चैन लेने दो
06:53मैं तो अपनी बहु से बहुत प्यार करती हूँ
06:56अब दो चार काम करवा लेती हूँ, तो इसमें क्या गलत है
06:59काम के वहाने तुम मेरी बहु को मुझसे दूर करने की कोशिश करती हो
07:04और फिर एक दिन, अचानक, अंजली की तब्यत खराब हो जाती है
07:09रमा और सारीका दोनों की दोनों पूरे मन से अंजली का खयाल रखने लगती है
07:14वो अंजली की बहुत क्यार करती है
07:16बेटा, जरा ये सबजी तो खा ले
07:19देख, जितना खाओगी न, उतनी जल्दी ठीक हो जाओगी
07:23सारीका ठीक कहती है बेटा
07:25तुम्हारी तब्यत जब से खराब हुई है
07:27हमारे घर की तो रौनक ही चली गई है
07:30अच्छा सुनो, रात को सोने से पहले दूद पिया करो
07:33सिहत अच्छी रहेगी हाँ
07:35रमा ठीक कह रही है
07:37मैं तो तुमसे कह कर ठक गई
07:39अब उसके हाथ से ही दूद पिलो
07:42मेरी नहीं तो अपनी रमा मम्मी जी की बात तो सुन लो
07:45दोनों की कहर करने से कुछी दिनों में अंजली की तवियत बलकुल ठीक हो जाती है
07:50और एक दिन जब सब लोग साथ में बैठकर खाना खा रहे थे
07:53वसे मानना पड़ेगा
07:55तुम दोनों सास ते मिलकर बहु का खाल बहुत अच्छ से रखा
07:59और उसे जल्दे से ठीक भी कर दिया
08:01सही कह रहे हैं पापा
08:03मेरी तो दोनों मा सारी दुनिया से अलग है
08:06अपनी बहु से कितना प्यार कर दिया है
08:08हाँ ममी जी
08:10आप दोनों को लगता था ना
08:12कि मैं रमा ममी जी की
08:14या फिर सारी का ममी जी की ज्यादा कैर करती हूं
08:17लेकिन आपने देखा
08:18जब मेरी तब्यत खराब हुई तो आप दोनों ने मिलकर मेरी सेवा की
08:21अब वादा करिए
08:23आप दोनों आगे भी ऐसी ही रहेंगी
08:25क्योंकि मैं आप दोनों की बहु हूँ और दोनों से प्यार करती हूँ
08:29सही कहा अंजली हमसे गलती हो गई
08:33और मुझे भी अंजली पर अपना एकलाता अधिकार नहीं जमाना चाहिए
08:37हम दोनों जुडवा हैं और हम दोनों जुडवा सास आज से हमेशा एक साथ रहकर अपनी बहु को प्यार करेंगे
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