00:00Every day in the world, there are millions of Muslims in this way.
00:04This is the Koran of Korimah's most important thing in the world.
00:09But if someone asks to ask that it was the important thing that was the most important thing in the
00:15world,
00:15then a lot of people know this way.
00:197th grade of the army of Korimah's father was very ashamed of the people.
00:25Aslan sallallahu alayhi wa sallam ki dhaot ko rokne ke liye
00:27Dhahm kiya diin, zulm kiya
00:29Or muslimano ka samaji bay kaut bhi kiya
00:32Lekin iske baوجود
00:34Islam pheelta raha
00:35Akhir kar unhorene eek nye chal chalne ka fesla kiya
00:39Unhorene slocha
00:40Kye ager wo taqat se nabhi karim sallallahu alayhi wa sallam ko nye rok saktay
00:44To awam ke sámne
00:46Aap sallallahu alayhi wa sallam ke dhaway ko
00:48Glitt sabit karengue
00:49Isi mqsad ke liye
00:51Qureish ne eepne kuch numaayin dhe
00:52MADINAH में मौजूद يہودی علماء के पास भीजे
00:55वो चाहते थे कि उन्हें ऐसे सवालात बताए जाएं
00:58जिनका जवाब एक ऐसे शखस के लिए देना नामुम्किन हो
01:01जो ना पढ़ा लिखा हो और ना ही पुरानी किताबों का इल्म रखता हो
01:05यहूदी علماء ने उन्हें तीन खास सवाल दिये
01:08जो कदीम तारीख और पूशीदा मालूमात से मुतालिक थे
01:11उनका ख्याल था कि अगर नभी करीम ﷺ इन सवालों का जवाब ना दी सके
01:16तो लोग समझ जाएंगे कि आप अल्ला की रसूल नहीं है
01:20कुरेश खुशी-खुशी मक्का वापस आए
01:22और सब लोगों की सामनी नभी करीम ﷺ से तीन सवाल पूछे
01:27पहला सवाल उन नौजवानों की बारे में था
01:30जो कई साल पहली एक गार में जाकर गाइब हो गई थे
01:33दूसरा सवाल एक ऐसी ताकतवर बादशा की बारे में था
01:36जिसने मश्रिक और मगरिब के दूर दराज इलाकों तक सफर किया था
01:40और तीसरा सवाल रूह की हकीकत की बारे में था
01:43नभी करीम ﷺ ने फरमाया कि मैं कल तुम्हीं इन सवालों की जवाब दूँगा
01:48लेकिन अगला दिन आया और वही नाजिल ना हुई
01:51एक दिन गुजरा फिर कई दिन गुजर गए
01:54यहां तक कि तकरीबं दो हफ़ती गुजर गए
01:56कुरेश ने इस खामोशी का मजा कुड़ाना शुरू कर दिया
01:59वो कहते थे कि अगर मुहंबत सल्लाओ अलेहिव आलेहिव वसल्म
02:02वाकि अल्ला की रसूल होती तो उन्ही फौरण जवाब मिल जाता
02:06फिर अल्ला की तरफ से वही नाजिल हुई
02:08और सूरतुल कहफ नाजिल हुई
02:10कुरान की तफसीर में असबाबी नजूल से मालूम होता है
02:13कि बास सूरती खास हालात की जवाब में नाजिल हुई
02:16और सूरतुल कहफ भी इनहीं मिसीख है
02:18इस सूरत में अल्ला ताला ने घार वालू
02:21यानि अस्थाबी कहफ का बाकिया बयान फर्माया
02:23इसी तरह उस अजीम बात्शाथ यानि जूकर ने इनका जिक्र भी किया
02:27ये ऐसी तफसीली जवाबाब थी
02:29जिनि कोई इनसान अपनी तरफ से अंदाजा लगा कर बयान नहीं कर सकता था
02:33इस तरह वही सवाल जो नबी करीम सललाई लएवालेहिवासलम को जुटलाने के लिए तयार किये गए थी
02:38आप सलललाई लएवालेहिवासलम की सच्चाई की दलील बन गए
02:42और पुरेश की पास इसका कोई जवाब न रहा
02:44But the Surah Al-Qahf only only had a real question in the same way.
02:53But the Surah Al-Qahf only had a real question.
02:59So the Surah Al-Qahf only had a 4th question.
03:05This is a good question.
04:01Surah Al-Kahaf
04:10Surah Al-Kahaf
Comments