00:00पीरियड्स में औरतें अपवित्र हो जाती हैं कि एक प्रतिशद भी इस चीज में सच्चा ही नहीं है इक दम मुर्खता पूर्ण रूड़ी है और ना जाने आज तक महिलाएं ऐसी बात को मानती क्यों आई
00:10कि चार दिन पांच दिन कहीं नहीं जाना है मंदिर नहीं जाना है रसोई नहीं जाना है क्या पता इसलिए मानती आई हो कि पांच दिन तक खाना बनाने से मुक्ते मिलती है तो बढ़िया है मानी लो पुरुशों ने बात बहुत मुर्खता पूर्ण करी है लेकिन इसी बहाने
00:40तो नहीं हो जाता हर पुरानी चीज किफी कीमत की हो एकदम ज़रूरी नहीं है बहुत सुंदर शब्द हैं किसी कभी के लो अतीत से उतना ही जितना पोशक है जीरन शीरन का मोह मृत्युका दियो तक है जो कुछ अतीत में अच्छा हो उसे जरूर लेना चाहिए पर सब कुछ
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