00:00वरुपरि चिंट परोफ न०्प आनवल से इस्फिता और घ्रां इंजनेशन से तादर की लगता है अंगों रहाँ नायक बश है君 वह ओ Lu जो इमेंजानेशन ने मैं उसमें यो प्रेजनट आउन
00:14कउमफर्ट दॉन्रिन ऑप्रेजेंट का फंफर्त ना
00:18उसको हलकी चीज बना दीजे, उसको dispensable बना दीजे, उसको ऐसा बना दीजे, जिसको छोड़ भी दिया तो कोई फर्क नहीं बड़ेगा, नहीं समझें, प्रेजंट में आप मान लीजिए इस पर डिपेंडेंट है, तो आपको जो future की scary imagination आती है उसमें यह नहीं होती, तो आ�
00:48अपनी प्रेजंट में इसके डिपेंडेंसी से लग रहा है, प्रेजंट में इस पर अपनी डिपेंडेंसी कम करिये, तो future की scary imagination नहीं आएगी, प्रेजंट की डिपेंडेंसी ही future का डर बन जाती है, बरतमान का बंधन ही फिर भविश्य का डर आशा या कामना जो भी बनता ह
01:18और उनसे आपको लगाव सुख दुख सब उतना कम हो जाएगा, अभी जितने मुक्त हैं, भविश्य से भी उतने जादा मुक्त हो जाएंगे, अभी आप जितने मुक्त हैं, आप उतना ही भविश्य से भी मुक्त हो जाएंगे, freedom from the future.
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