00:00मौत को याद रखना होता है न, जब मरना अकेले हैं तो जी अकेले क्यों नहीं सकते बाबा, अकेले जी ना सीखो, दूसरे से उतना ही मिलो, जितने में मधुरता बनी रहे, ये 24 घंटा, लिप्टा, चिप्टी और सूभने में और एक ही दूसरे की शकल देखने में कुछ नह
00:30कितना भी निकट हो, कितना भी प्यारा हो, दूसरा दूसरा ही होता है, प्रार्थना है मेरी कि जो दूसरा है उससे तुम्हारा प्रेमपून संबंध रहे, लेकिन कितना भी प्रेम कर लो, दूसरा तुम्हारे लिए परमात्मा तो नहीं बन पाएगा, कभी नहीं बन पाए
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