- 13 hours ago
Category
📚
LearningTranscript
00:00वो एक popular singer है अपनी career के peak पे थे इस time उन्होंने retirement लिया वो burn out हो गए थे
00:05एक similar example है जो stand up comedian है अगर वो सही काम कर रहा है तो उन्हें burn out क्यों हो रहा है
00:11तो शारियरिक कारणों से कोई retire हो रहा हो वो ठीक है लेकिन मामला खतरनाक हो जाता है अगर कोई कह रहा है
00:17कि फलाना काम करते करते मेरा मन थक गया है बर नाउट क्या चीज़ होती है जनरल बात कर रहा हूँ
00:23उस पर दिलो जान लुटाए जा रहे हो पैसे भी लुटाए जा रहे हो इससे आपके बारे में यही पता चलता है न कि आप खुद भी अपना दिल जानते नहीं
00:30काम वो चुनना फिर बोल रहा हूं जिसमें कभी रिटायर ना होना पड़े
00:33ऐसा काम चुनना जिंदगी में
00:38कोई रोकने भी आए कि बहुत हो गया तो तुम काओ नहीं हाँ
00:41बहुत तो हो गया ठीक है नहीं करेंगा जैसे ही वो हटे फिरते शुरू कर दो
00:45तुम्हार लिए जिन्दगी में जरूरी क्या है सही काम क्या है
00:48मेरा नाम उतकर्ष है और मैं सेकेंड इयर बीटेक का स्टूडेंट हूँ
01:00सर मैं दो दिन पहले निउस पढ़ रहा था तो एक पॉपिलर सिंगर है
01:04मैं देख रहा हूँ कि वो अपने करियर के पीक पे थे इस टाइम पे और उन्होंने रेटायर्मेंट लिया
01:10रीजन इसके पीछे उन्होंने बोला कि मैं बोर हो गया था
01:13सुनने में ये भी आ रहा है कि वो बर्ना उठ हो गए थे
01:17और mental health experts हैं वो ये suggest करते हैं कि अब आप career break ले लो
01:23एक similar example है जो stand-up comedian है उनके mental health expert ने भी ये suggest किया
01:30कि आप 5 साल के लिए break ले लो और reset करो
01:34Sir मैं आपकी वीडियोस देखता हूँ, session से 10 करता हूँ
01:37तो आपसे ये सीखा है कि सही काम होता है जो आपकी कमजोरियां गलाता है
01:43काम साधना है तो मैं इन दोनों चीजों को कैसे समझ सकता हूँ
01:49अगर वो सही काम कर रहे है तो उन्हें burn out क्यों हो रहा है ये वाली चीज
01:52तो अगर विरोधा भास contradiction दिख रहा है तो दो बातों में से कोई एक बात
01:59गलत है गलबड होगी
02:01कौन सी गलबड है तुम खुद अनुमान लगाओ मैं क्या बताओ इसमें
02:08सही काम तो वो होता है कि मौत भी आ रही हो तो आदमी कहता है कि थमझाओ अभी काम पूरा करना है
02:24बर्नाउट क्या चीज़ होती है बर्नाोट बहुत वड़ाशक अब था बहुत प्रचलिद मेरे भी कैमपस के दिनों में
02:37IT में अधना नहीं, I.M में बहुत जादा बर्नाउट हो जाता है बर्नाउट हो जाता है यहां हो जाता है
02:42गोल्मेंड सेक्स में हो जाता है, ले मैं में हो जाता है, तो क्यों हो जाता है, इसीलिए हो जाता है, आप को इवह दिल का काम थोड़ी कर रहे होते हो,
02:52कोई दूसरा आपको ठेल रहा होता है
03:01और आप स्वयम को ठेल रहे होते हो
03:03ठेलना समझते हो यह ठेला चलाया जाता है
03:06ठेले का अपना तो कोई इंजन नहीं होता न
03:08कोई बाहर से ही उसको धक्का दे रहा होता है
03:12उसमें होता है बर्नावट
03:16उसमें होता है
03:18दिल से जो काम किया जाता है उसमें तो आनन्द होता है
03:23शरीर ठक सकता है बिलकुल ठक सकता है अब आप मुझे आखड़ा रखो आधी रात तक तो
03:29मेरी टांगे ठक जाएंगी गला ठक जाएगा वो अलग बात है
03:32लेकिन अभी हम बात कर रहे थे ना कि
03:35देह और चेतना मनुश्यों के लिए अनिवारे नहीं है कि साथ-साथ चलें
03:43बिलकुल ऐसा संभव है कि देह ठक गई हो और चेतना अभी भी ताजी हो
03:49बिलकुल संभव है अगर चेतना भी ठक रही है
03:54तो ये मामला देह की ठकान से ज्यादा गंभीर है
04:00देह को तो आराम चाहिए होता है क्योंकि देह पर तो सब भौतिक नियम लागोंगे
04:09ठीक है ना
04:11नीचे आग होगी उसको ऐसे रखोगे
04:16तो साफ बताया जा सकता है कि कितनी देर में जली जाएगा फफोले पड़ेंगे ये सब होगा
04:22फिजिक्स की एक्विशन की तरह उसको सॉल्व कर सकते हो देह तो फिजिकल है लेकिन चेतना
04:30उस पर तो बोध और प्रेम का नियम चलता है उस पर जड़ता के नियम नहीं चलते है उस पर इनर्शियल लौज नहीं लागू होते
04:41तो कोई ये कहें कि मैं जो काम कर रहा था वो करने के कारण अब मेरे घुटने खराब हो गए है कोई प्लेयर है
04:51अभी भारत की एक शीर बैटमिंटन खिलाड़ी रिटायर हुई उन्होंने कहा मुझे आर्थराइटेस है मेरे जोडों में समझ से आ गई
04:59मेरे बैटमिंटन नहीं खिल सकती ये बात समझने वाली है वो रिटायर होंगी अभी कौन जीता अभी सिनर और जो कोई इसका चल रहा है
05:06तुम लोग फॉलोगर नहीं करते क्या है
05:09अब ये बोलें कि मैं अब चालिस का होने जा रहा हूँ
05:17और अब शरीर की समस्या है
05:21तो समझ में आती ये बात कि 22-23 साल का अलकराज है उसके सामने आप एक 38-40 साल के आदमी को खड़ा करोगे तो दिक्कत आने वाली है
05:30फीक है
05:31कौन जीता है
05:35पांचवा सेट चल रहा है
05:38प्री थ्री ओर
05:47सिनर सर्विसिंग ओन 40-40
05:51आरी बात समझ में ये है
05:59तो शारियरिक कारणों से कोई रिटायर हो रहा हो वो ठीक है
06:03क्योंकि शरीर तो मिट्टी है
06:05भौत एक है
06:07शरीर ने जवाब दे दिया वो अलग बात है
06:10लेकिन मामला खतरनाक हो जाता है
06:12अगर कोई कह रहा है
06:13कि फलाना काम करते करते मेरा मन थक गया है
06:18खतरनाक क्यों कह रहा हूँ
06:19क्योंकि इसलिए पता चलता है
06:20कि वो काम आपके लिए शायद हारदिक था नहीं
06:24और और खतरनाक तब हो जाता है
06:28जब हमें पता चलता है
06:29इस समाज ने आपको बहुत समान और प्रसिद्धी और संपन्नता भी दे दी तो ये समाज कैसा है जो पता नहीं कर पाता कि कौन सा व्यक्ति हारदिक काम कर रहा है और कौन सा व्यक्ति स्वयम को बस ठेल रहा है
06:47सुचो कोई व्यक्ति हार्दिक काम करने रहा और आप उस पर दिलो जान लुटाए जा रहे हो पैसे भी लुटाए जा रहे हो इससे आपके बारे में तो यही पता चलता है ना कि आप खुद भी अपना दिल जानते नहीं मैं कोई आखशेप नहीं लगा रहा हूं इन व्यक्त
07:17जादा गहरा कोई वैद, लॉजिकल, वैलिड कारण हो, तो मैं इन व्यक्तियों पर कोई अक्षेप नहीं कर रहा, मैं उनको जानता भी नहीं, ना उनको कुछ कहने का मेरे पास अभी हक है, ना मुझे सूचना है, मुझे कोई जानकारी भी नहीं है कि सच मुझचल कहा रहा है
07:47जिसमें कभी रिटायर ना होना पड़े
07:4835-40 की तो बात छोड़ दो
07:5060 के हो जाओ, 80 को जाओ, तुब भी रिटायर ना होना पड़े
07:54मुझे आ रही बात ये
08:03काम ऐसा नहीं होता है कि
08:06काम करा जल्दी से कि भाई दो साल में
08:09इतना पैसा बनाना है, बना ले और उसके बाद फूट ले
08:11ये नहीं होता
08:13मुझे तो उस तरह की
08:18अंत्रपेनर्शिप भी समझ में नहीं आती कि जिसमें आप
08:20स्टार्ट आउट करते हो ताकि
08:23जल्दी से आईपी ओ आजा और फिर आप एक्जिट कर लो
08:27आपने
08:32प्रेम से रिदय से कुछ बनाया, तयार किया
08:42इसलिए कि अब आप उसको बेच खाओ
08:45ये क्या रिष्टा है फिर आपका और आपकी क्रितिका
08:51अगर करता का कर्म से कोई प्यार ही नहीं है
08:59तो कर्म उसने कितनी बेचैनी और कितनी घ्रणा के साथ करा होगा
09:08लगातार यही ख्याल रहा होगा कि कितनी जल्दी इसको बेच खाओं
09:12पुछ में आ रही है बात ही है
09:21विकाओ मत बन जाना
09:27कि कैंपस में जिसने आकर के सबसे आदा सीटी सी दिखा दी उधर ही भग गए
09:36यह जिसने दिखा दिया फॉरिंड प्लेस्मेंट वहां निकल लिए यह स्टॉक आप्शन जिसने दिखा दिये उधर चल दिये
09:44यह सब खूब होता है अभी होता है कैंपस में ऐसा नहीं होता है
09:48हमेशा की बात है
09:57इसके विपरीज जाने को भी नहीं कह रहा हूँ
10:00कि जो बिल्कुल पैसा न दे वहीं चले गए
10:02मैं यह कह रहा हूँ कि दिल पहले आना चाहिए
10:08और दिल से मेरा आशे कामना नहीं बोध है
10:12समझो कि तुम कौन हो और तुम्हार लिए जिन्दगी में जरूरी क्या है
10:17सही काम क्या है उस दिशा में आगे बढ़ो
10:19उसके बाद बर्नाउट नहीं होगा
10:21उसके बाद काम ही मनुरंजन बन जाएगा
10:25काम ही मनुरंजन बन जाएगा इसका मतलब यह नहीं है
10:32कि फिर बैडमिंटन खेलने नहीं जाओगे
10:33मूवी देखने नहीं जाओगे जाओगे
10:35पर काम से भाग कर नहीं जाओगे
10:37ये नहीं कहोगे कि काम ने इतना थका दिया, चलो अब मूवी देखने चलते हैं, ऐसे नहीं कहोगे
10:43काम थका नहीं दे रहा है, काम और ज्यादा ताज़गी और उर्जा दे रहा है
10:53जब ठके होते हैं तो काम की तरफ चले जाते हैं चोकने हो जाते हैं जग जाते हैं सचेत हो जाते हैं
11:06ऐसा काम चुनना जिंदगी में
11:08कि कोई रोकने भी आए कि बहुत हो गया तो तुम करेंगे जैसे ही वह खटे फिरत शुरू करतो
11:17कितने योदारण है जहां पर जिन्हे जिस काम पर प्रेम आ गया था वो करते करते
11:32उन्होंने बहुत शांती से जान दे दी
11:36एक महिला वेग्यानिक है जनें दो नोबिल पुरुसकार मिलें कौन है
11:45उनकी मृत्यों कैसे हुई थी
11:47कैसे हुई थी
11:50रडियेशन से हुई थी
11:54वो ये थोड़ी करती थी कि अरे अब मैं बोर हो गई हूँ
11:58डांस कहां कर सकती हूँ
12:01और पार्टनर कहां है
12:02उनकी लैब उनकी पार्टनर है और ऐसे समय में जब महिलाओं
12:07को विज्ञान में इतना काम करने की सुईधा भी नहीं थी
12:12सौ साल पहले की बात कर रहे हैं
12:16मैं अभी मैच की बात कर रहा था ना क्या हुआ
12:25अच्छा आप सिनर ब्रेक कर रहा है
12:32अभी कितना फॉर फॉर नहीं गेम में कितना है
12:37फॉर थ्री जो को इस लीडिंग ठीक ठीक ठीक ये मैक्स देखने के लिए
12:43मुझे मेरे एक बैच मेट नहीं याद दिलाया आईटी के
12:46आज वो मालू में क्या कर रहा है
12:51उसने एक दवाई बनाई है वो उसका अपने उपर परिक्षन कर रहा है आज के ही दिन
12:57मैं अपने बहुत कम बैच मेट से संपर्ग में रहता हूँ
13:03इस से हूँ
13:06कोई भी दुश्प्रभाव हो सकता है
13:11पहले भी कर चुका है जो परिणाम चाहिए थे नहीं मिले
13:15अब फिर से कर रहा है
13:17सब काम बयारा छोड़ करके एक दवाई है जिसको तैयार करने में लगा हूँ है
13:22कुछ भी हो सकता है क्योंकि
13:27दवाई दवाई है अभी अंटेस्टेड है कौन जाने क्या हो जाए
13:34पर मैं उसको ये नहीं कह रहा बिलकुल कि साउधानी बरत
13:41नहीं कहूंगा
13:44अंजाम क्या हो सकता है वो भी जानता है मैं भी जानता हूँ पर मैं उसको नहीं कहने वाला की साउधानी बरत
13:50मैं भी रहती जिन्दगी जी रहा हूँ उसको पता है
13:53वो यूएस में रहता है अभी
13:57इंडिया आया था
14:01दो महीने आ था, मैं उससे जब भी मिलने आता था तो रात के दो बज़ जाता था
14:05क्योंकि उससे पहले मुझे फुरसत नहीं होती थी
14:07उसको भी मेरी जिंदगी पता है पर वो कभी मुझे नहीं कहेगा कि अब फमजा, आराम कर ले, या धीमा हो जा
14:15काम से प्यार क्या होता है, मैं भी जानता हूँ, वो भी जानता है
14:25अजीब लगेगा मैं उसको कहूँ कि रिटायर हो जा, या वो मुझे कहे
14:45और उसके पास कोई फंडिंग हो गयरा नहीं है, अपनी ही नौकरियां करते हुए वहाँ पर उसने जितनी सेविंग्स करी थी, उनी से सब कुछ कर रहा है, अपनी ही उसने लैब बनाई है, उसने लोग भी इंप्लॉई करे हैं, अपनी ही रिसर्च है, और ऐसे फील्ड में
15:15इंजिनियर है, फिर यूएस में जाकर MS वगयरा करी है उसने, और काम किस फील्ड में कर रहा है, तो सारी पढ़ाई खुद बैठ करके करी है, इसलिए नहीं कि डिग्री मिल जाएगी, इसलिए क्योंकि उसको लग रहा है कि यही काम है जो करना है, कोई फंडिंग भी नहीं
15:45जिन्दगी में एक जुनून होना चाहिए, तुम जैसे जी रहे हो, उसको देखकर अगर कोई भी तुमको पागल नहीं कह रहा है, तो तुम गलत जी रहे हो
16:00जो सबकी नजरों में एक सही और संतुलित जिन्दगी जी रहा है, उसकी जिन्दगी तो बरबाद ही जा रही है
16:30और फिर कह रहा हूँ, आपने जिन दो व्यक्तियों का नाम लिया था, मैं उनके बारे में बिल्कुल जानकानी नहीं रखता, और मुझे उनके विशह में टिपड़ी करने का ना कोई अधिकार है, और ना कोई सूचना है
16:48बताईए
16:56हो गया
17:01मुझे लगा कुछ हो गया
17:06मैं खड़ा रहूंगा, और आडिटोरियम की बुकिंग होगी अगले इवेंट के लिए भई
17:13कहांगे आयो जग, क्या, चलना चाहिए ने, टाइम हो गया
17:19चलते हैं, आप आईए मिलिये, बहुत स्थाल आईए, मैं तो जगा जगा घूमता ही रहता हूँ
17:25चलिए एक, एक, एक, रुखे, रुखे, रुजाय, रुजाय, वो बहुत, बोलीए, जल्दी से बुलेए
17:32हम इतना इंसेंसिटिव हो गया हमारे जो एमोशन से वो 10 सेकंड रील पे खली आ गया है
17:38अग 10 सेकंड में हम एक रील देखते हैं इसके बाद जब रील स्प्रोल करेंगे हमारे एमोशन सड़नली चेंज होते हैं
17:43तो कोई भी न्यूस होगी कुछ सड़न दिमाइज हो गया या फिर तुरंत उसके बाद स्प्रोल करी कुछ
17:50मतलब happiness ऐसा कुछ spread हो गया तो और जैसे campus का भी में example देती हूँ
17:55recent में भी जब से मैं आया हूँ 2.5 years हो गया मुझे यहां पे PhD जॉइन के हुए
18:00and तब से मैंने देखा यहां पे 900 sites हो चुके हैं
18:03तो मतलब इतना यह 900 sites होए हैं उस 2.5 year के span में जो मैंने खुद देखे
18:20उसके एक दो दिन तक रहता है बहुत जादा रहता है कि हां ठीक है यह ओ गया यह ओ गया नहीं होना चाहिए था
18:25but फिर वो भी नहीं होना चाहिए था जो बाद में हो रहा है तो यह sensitivity हमारी किधर जा रही है हम कैसे उस चीज़ को लेगर आगे बढ़ें
18:34सेंसिटिविटी दूसरों के लिए बाद में होती है अपने लिए पहले होती है हमें अपने लिए ही कहा है कि दूसरों के लिए निसेंसिटिव हो जाएंगे
18:42जो चले गए उनका चला जाना बहुत बहुत दुख़द है आप कह रहे हो आईटी कानपूर कैंपस में नौ सुसाइट्स धाई साल में सारी आईटी मिला करके हर साल दर्जन दो दर्जन बहुत बड़ा आकड़ा है यह भाई दस पंदरा बीस इतने स्टूडेंट्स आत्मत्
19:12जो लोग भले चंगे दिखते हैं जो लोग कैंपस की सक्सेस स्टूरीज कहलाते हैं एक बहुत दूसरे तरीके से वो भी सेल्फ हार्म कर रहे होते हैं अब यह जो बात है इसको उस पीछे वाले सवाल से जोड़ कर देखो
19:35आप अगर कैंपस में तयार हो रहे हो एक ऐसी जिने के लिए जिस जिन्दगी में आपका दिल नहीं और प्यार नहीं
19:47तो क्या आप सचमुच जीने जा रहे हो बोलो वो भी तो एक तरह की एक तरह की मृत्य हुई तो हुई ना
20:01जी सकते थे और जीने की जगए बस सर्वाइव करना चुना
20:08कैसी जिन्दगी जिसमें आजादी ना हो बोध ना हो चेतना ना हो प्रेम ना हो वो कोई जिन्दगी है
20:15जो चले गए उनका चले जाना दुखद है जो बचे हुए हैं उनका बिना प्रेम के डर के आजादी के जीना भी दुखद है
20:40रेजिडी सिर्फ मृत्यू में ही नहीं होती
20:45गौर से देखो तो जिन्दगी ज्यादा बड़ी ट्रेजिडी हो सकती है
20:53वो ट्रेजिडी आप अपने साथ ना होने दें बस ही आखरी बात अन्यवाद
21:10प्रेजिडी आप अन्यवाद
21:15प्रेजिडी आप अन्यवाद
Comments