00:00आज की महिलाई जो अच्छी बाते जॉब कर रही है और वो डिपेंड नहीं रहती किसी चीजों पर तो भी उसके एक इंटर्नल डिपेंडनसी रहती है
00:07सामने वाला पार्टनर चला गया थोड़ी दो दिन के लिए मीटिंग है उसके बाहर चला गया
00:11तो उसका रहता है कि कैसे रहो दो दिन, इमोशनल उसके मूड स्विंग्स होंगे
00:16तो उसकी कही तो इंटर्नल डिपेंडनसी होती है
00:18मुझे बात समझे नहीं आती कि क्या है एक्च्छल इंडिपेंडन वोमन की
00:22लाखों महिलाएं हैं आज जो अपने पतियों से या अपने पैत्रिक परिवारों से ज्यादा कमा रही होती है
00:29अगर वो अविवाहित है तो बहुत बार होगा कि घर में सबसे ज़्यादा वो लड़की है जो कमाती है
00:33और विवाहित है तो भी ऐसा होता है कि वो अपने पते से ज्यादा कमा रही है पती के बराबर कमा रही है
00:38लेकिन उसके बाद भी वो मानसिक रूप से और भावनात्मक रूप से पती पर आशरित होती है
00:44और वो आश्रेता वो डिपेंडेंसी पती की और से उतनी ज्यादा देखने को नहीं मिलती
00:49पती चार-चे पुरुशों का एक ग्रुप बना करके घूमने भी चला जाएगा
00:53तो चाहेगा भी नहीं कि पीछे से फोन आए
00:55ओ या भाई ये मेरे चार जिकरी हैं, बॉइस गैंग है, मैं घूम रहा हूँ, मुझे पीछे से परिशान मत करो
01:00ये व्यवहार महिलाओं में अभी भी देखने को नहीं मिलता
01:04बहुत कम होगा कि हम पाएं कि 35-45 साल की महिलाएं हैं
01:08और 5-6 अपना निकल गई हैं, गाड़ी पर बैठी हुई हैं, एक ड्राइव कर रही हैं
01:12और बाखी पाँच खड़ी होकर के नाच रही हैं, देखने को ऐसा मिलता नहीं है
01:16एक अगर ड्राइव कर रही होगी तो बाखी पाँच फोन लगा रही होगी
01:19चा कर रहे हो वापस क्यों नहीं आए अभी तक
01:21हमारी ये बड़ी भूल रही है कि हमने सोचा है कि बाहरी फ्रीडम या एंपावर्मेंट से बात बन जाएगी
01:27नहीं बनती दे तो दी बाहरी फ्रीडम आपके पास फाइनेंशियल इंडिपेंडेंच आप इंडिपेंडेंट नहीं हो
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