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ये वीडियो 25.01.26 को हुए श्रीमद्भगवदगीता के लाइव सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00हम इस समविधान को आत्म अर्पित करते हैं
00:02On this 26th of November 1949
00:05We give to ourselves this constitution
00:07किसी बाहरी ताकत की आउकाट नहीं की राज करे हम पे
00:12We give to ourselves this constitution
00:14नहीं चलूंगा समाज, समय, संयोग और शरीर के चलाए
00:20अपने चलाए चलूंगा
00:22अपने विधान को आत्म अर्पित करता हूँ
00:24बाहर कोई मेरा विधाता नहीं बैठा है
00:26मैं बाहर के किसी भी विधाता को मानने से इनकार करता हूँ
00:29ये बात धार्मेक है की नहीं
00:31कोई भी सिधानता आप उठा लीजिए समविधान का
00:35वो अहंकार को पसंदी नहीं आएगा
00:36हम अपने विधाता स्वयम हैं
00:39मैं किसी का प्रभुत्त सुविकार नहीं करूँगा मैं सौवेरन हूँ मैं रिपब्लिक हूँ कोई राजा रानी कोई परंपरा मेरे उपर काम नहीं करेगा
00:47अहंकार को तो यह वाद पसंदी नहीं है हंकार तो हमेशा चाहता है
00:51मेरी आजादी लेलो और मुझे सुरक्षा और सुविधा देदो चाहता है न
00:57जस्टिस of status and opportunity, equality of status and opportunity, justice, legal, social, political
01:05अहंकार को न्याय पसंद है कभी या अपने प्रती ही पक्षपात पसंद है
01:09paternity ensuring the dignity of the individual and the unity and integrity of the nation
01:14dignity, गरिमा, अहंकार को कोई गरिमा होती है
01:19ये तो सारे शब्द, अभी सम्विधान तो ठीक से शुरू भी नहीं होआ
01:24ये प्रियंबल के शब्द है, ये खच्च से चाती में धस्ते हैं हंकार की
01:29अहंकार को सम्विधान नहीं पसंद आएगा
01:31इसी से प्रमालित हो जाता है कि सम्विधान धार्मिक है
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