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00:10जिसने जॉन को बताया कि उसने CIA के सारे सिस्टम को हैक कर लिया है
00:15इस कॉल को फ्रेंक कॉल समझा जाता अगर ये किसी आम इनसान को की जाती
00:20लेकिन जॉन ब्रेनन उस वक्त दुनिया की सबसे पावरफुल इंटेलिजन्स एजन्सी CIA के डारेक्टर थे
00:27जिनको फोन करना तो दूर की बात उनका परसनल मुबाइल नंबर जानना भी एक बहुत बड़ी बात है
00:33ये कहानी है उन दो बच्चों की जिनोंने CIA के सारे सिस्टम को हैक करके
00:38अमेरिका जैसी सूपर पावर को तिगनी का नाच नचा दिया था
00:43वो बच्चे कौन थे और उनोंने क्यूं और कैसे ये कारनामा अंजाम दिया था
00:48जैम्डीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद
00:51नाजरीन जब कॉलर से उसकी डिमांड पुची जाती है
00:54तो वो कहता है कि अमेरिका मिडल इस्ट खसूसन फलस्तीन में हमले बंद करे और दुनिया को पुर अमन रहने थे
01:01उसकी फोन कॉल से पहले ही सी आईये को मालूम पड़ चुका था कि उनका सिस्टम हैक हो चुका है
01:07ये हैकिंग सी आईये समेथ अमेरिका को क्या नुकसान पहुंचा रही थी इसका आईडिया आपको वीडियो में आगे चलके हो जाएगा
01:15पॉल बंद होते ही पूरी अमेरिकन गवर्मेंट और सी आईये हरकत में आ गई
01:20और क्योंके एक बचे ने इतनी बड़ी इंटेलिजन्स एजनसी को हैक किया था तो ये सी आईये के लिए काफी शरम का मकाम था
01:28आपको यहां बताते चलें के सी आईये के एजन्स सिर्फ इसी में अपनी हार मानते हैं अगर उनकी सिर्फ आइडेंटिटी डिस्कलोज हो जाए
01:36यहां तक के लैंगली विर्चिनिया में सी आईये हैटकौर्टर्स के अंदर स्टार बक्स की एक ब्रांच है जो आफिसर्स को जिन कप्स में काफी देते हैं उन पर कोई लोगो नहीं होता और ना ही किसी एजन्ट का नाम लिखा होता है
01:49उसकी वज़ा यह है कि उन कप्स को ट्रेस करके एजन्ट्स तक ना पहुंचा जा सके अब आप आइडिया लगा लें कि जो सी आईये चोटी चोटी चोटी चीजों में इतनी एहतियाद करती है उसके लिए उनका सिस्टम हैक हो जाना कितनी बड़ी बात होगी
02:04इन्वेस्टिकेशन स्टार्ट होई तो मालूम पड़ा कि ये कॉल अमेरिका से मीलों दूर इंगलेंड के शहर लेस्टर शेर से एक 15 साल के बच्चे ने की थी
02:14ये बच्चा खुद को क्रेका कहता था और उसने एक हैकिंग कम्यूनिटी बना रखी थी जिसका नाम क्रेकास विथ एक्टिट्यूट था
02:21पर इसने CIA को हैक कैसे और क्यूं किया था
02:25इसके बारे में जानने के लिए हमें थोड़ा और पीछे 2008 में जाना पड़ेगा जहां से कहानी की शुरुआत होती है
02:332008 में अमेरिका की स्टेट विर्चिनिया में एक दूसरा लड़का था जिसकी पहचान डिफॉल्ट के नाम से होती है
02:40और ये विडियो गेम्स का बहुत शौकीन था
02:42उसने विडियो गेम्स में जीतने के लिए गेम्स की प्रोग्रामिंग में घुसकर कुछ चेंजिस करना शुरू कर दी
02:48वो आनलाइन गेम्स जैसा के काउंटर स्ट्राइक को अपने हिसाब से तबदील करता
02:53और उसके रूल्स को चेंज करके बड़ी आसानी से गेम्स जीत जाता था
02:57यानि के वो चीट्स बनाता था
03:00वो चीजों को अपने हिसाब से चलाने लगा और ये सब कुछ उसने इंटरनेट से ही सीखा था
03:05डिफॉल्ट नामी लड़के को इस सब की इंस्परेशन अनॉनिमस नामी हैकिंग गरूप से मिली थी
03:11जो के 2008 में काफी फेमस हो चुका था
03:14अनॉनिमस गरूप उस वक्त अक्सर न्यूज की हेडलाइन्स बना देता था
03:18ये गरूप अपनी आवाज उठाने के लिए बड़ी बड़ी वेबसाइड्स हैक करता और उन पर अपनी मर्जी का मेसेज लिख देता था
03:26ये सब कुछ देखकर डिफॉल्ट अनॉनिमस से काफी इंप्रेस हुआ और फिर उसने भी हैकिंग की दुनिया में कदम बढ़ाना शुरू कर दिये
03:34डिफॉल्ट ने आहिस्ता आहिस्ता चोटी मोटी वेबसाइड्स हैक करना शुरू कर दी
03:39लेकिन वो कुछ बड़ा करना चाहता था जिसके लिए उसको भी किसी हैकिंग गरूप की जरूरत थी
03:45लहाज़ा डिफॉल्ट अनॉन सेक नाम के एक हैकिंग गरूप में शामिल हो गया
03:50ये गरूप पहले भी कई वेबसाइड्स हैक कर चुका था लेकिन ये हैकिंग ज्यादा तर पॉलिटिकल परपस के लिए की जाती थी
03:57एनॉन सेक गरूप बॉट नेट का इस्तमाल करता था
04:00यानि वो इंटरनेट पर वाइरस बना कर फैलाते थे और जिस भी कम्प्यूटर में वो वाइरस जाता वो एनॉन सेक के कंट्रोल में आ जाता था
04:09वो तमाम computers जिन में virus होता है
04:11उसको bot जब के computers के इस पूरे network को botnet कहते हैं
04:17क्योंकि Annonsec का member होने की वज़ा से
04:19default के पास भी इस botnet का access था
04:22और उसने देखा कि इस botnet में एक computer ऐसा है
04:25जो Canada के इक medical college का था
04:28default ने उस computer पर थोड़ी सी मेहनत की
04:31और उस medical college के financial records तक रसाई हासिल कर ली
04:35उसने देखा के school ने 9 million dollar से ज्यादा की रकम student से अभी वसूल करनी थी
04:42और ये सारे records अब default के पास आ चुके थे जो के उसने college के computer से delete कर दिये
04:48default की पहली hacking कामियाब हो चुकी थी
04:51इसकी वज़ा से medical college का सारा निजाम धरम भरम हो गया
04:56ये पहली hacking तो इसने शरारत में की थी लेकिन अगली hacking घुसे में की गई
05:012014 में डेनमाक की government ने एक शरमनाक law पास किया जिसके मताबक जनवरों के साथ जिंसी जियाती की जा सकती है
05:09ये खबर पूरी दुन्या में animal right activist को बहुत बुरी लगी
05:14default के पास खुद भी एक कुटा था जिसको वो बहुत प्यार करता था
05:19लहाज़ा default ने हुसे में आकर अपने ग्रुप के साथ मिल कर डेनमाक की official website को hack किया
05:25और उस पर बड़ा बड़ा लिख दिया कि क्या आप जानते हैं कि आपकी सरकार जनवरों से जियाती की इजाज़त देती है
05:32ना सरिफ इतना बलके default ने बॉटनेट का इस्तमाल करके इस law के favor में जितनी भी websites बनाई गई थी उन पर attack करके उनको भी बंद कर दिया
05:42डैनमार्क की official website hack होने की वज़ा से ये बात फैल गई और पूरी दुनिया में डैनमार्क के इस कदम की मुझमत होने लगी
05:50लोग डैनमार्क को बुरा भला कहने लगे
05:53आखिरकार डैनमार्क की सरकार ये प्रेशर बरदाश्ट ना कर पाई और अगले ही साल उनको ये फैसला वापस लेना पड़ा
06:01डिफॉल्ट अपने मकसद में पहली बार काम्याब हो चुका था पर लोग इसका credit anonymous group को देने लगे क्योंकि उस वक्त यही hacking group headlines बनाता था
06:12ये बात default को बिलकुल पसंद नहीं आई कि इतना बड़ा करनामा किया तो उसने लेकिन इसका credit कोई और ले रहा है लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और अपना काम जारी रखा
06:23दूसरे hackers की तरहां default भी अपनी identity disclose नहीं करता था
06:28उसको मालुम था कि hacking की वज़ा से अगर कभी वो trace हो गया तो इसका अंजाम काफी भयानक हो सकता है
06:36वो नॉर्मली अपने घर का वाइफाई इस्तमाल नहीं करता था
06:40बलकि उसने एक satellite connection खरीद रखा था जिसको उसने अपने घर से काफी दूर install किया हुआ था
06:46और वहां से अपने घर तक एक private network के जरीए वो internet इस्तमाल करता था
06:52उसका computer भी काफी security था
06:54यहां तक के इस security की वज़ा से उसका computer on होने में 30 minute लगा था
06:59मगर अपनी privacy की खातर उसको इतना इंतजार करने में कोई मसला नहीं था
07:05खेर अभी तक आपने इस कहानी के सिर्फ दो characters के बारे में जाना है
07:10एक है करेका जो के England और दूसरा default जो USA में रहता था
07:142013 से पहले यह एक दूसरे को नहीं जानते थे
07:18पर एक वाक्या हुआ जिसकी वज़ा से यह दोनों एक हो गए
07:22Edward Joseph Snowden National Security Agency में एज़ा computer intelligence consultant थे
07:29एक American government के project पे काम करते समय इनको ये मालूम हो गया कि CIA हर internet user का data
07:36और उसकी private information अपने पास राज़दारी से रखती है और फिर उसे अपने मकासित के लिए इस्तमाल करती है
07:43जबके user को इस बात का इल्म नहीं होता
07:47Edward CIA के इस राज से परदा उठाना चाहते थे
07:50मगर दूसरी तरफ उनको ये डर भी था कि अमेरिका में रहते हुए ये काम नहीं किया जा सकता
07:57या तो उनको मार दिया जाएगा या फिर secret information लीक करने के जरुम में उनको जेल भेज दिया जाएगा
08:04इसलिए Edward ने चुटी ली और Hong Kong चले गए जहां उन्होंने जर्नलिस्ट के सामने अमेरिका के इस secret को दुनिया के सामने खोल कर रख दिया
08:13ये खबर लीक होते ही पूरी दुनिया में तहलका मच गया
08:17लोगों में घुसा पाया जाने लगा कि उनका डेटा उनकी पर्मीशन के बगएर इस्तमाल हो रहा है और उनकी नकलो हरकत पर पल पल नजर रखी जा रही है
08:26इसी बात पर रियक्शन के तौर पे डिफॉल्ट और क्रेका का आपस में कॉन्टेक्ट हुआ
08:32दोनों ने अमेरिकन कवर्मेंट और सियाईय को सबक सिखाने का फैसला कर लिया
08:37वो सियाईय को एहसास दिलाना चाहते थे कि लोगों की पर्सनल इन्फॉर्मेशन जब लीक होती है तो कैसा महसूस होता है
08:44क्रेका और डिफॉल्ट का मकसद एक था
08:48डिफॉल्ट अपनी अवाम की प्राइवेसी खतम करने पर युएसे से बदला लेना चाहता था
08:52जबके क्रेका गाजा पर किये जाने वाले हमलों का बदला लेना चाहता था
08:57यानि दोनों का दुश्मन अमेरिकन सरकार थी
09:00सबसे पहले उन्होंने अमेरिकन नेशनल इंटेलिजन्स एजनसी के डिरेक्टर जेम्स क्लेपर का फोन नमबर पबलिक कर दिया
09:07और किसी को भी सिर्फ गूगल करने से उनका फोन नमबर मिल जाता
09:11अब वो किसी और हाई प्रोफाइल आदमी को हैक करना चाहते थे
09:15और उन्होंने CIA के डिरेक्टर जॉन ब्रेनन को हैक करने का मिशन संभाल लिया
09:20क्रेका ने इंटरनेट पर जॉन के बारे में सर्च करना शुरू किया
09:24तो उसका एक पबलिक फोन नमबर सामने आया
09:27उसने देखा कि वो नमबर वेरिजॉन का था
09:30जो के एक अमेरिकन मॉबाइल आपरेटर है
09:32उसने वेरिजॉन की इंटरनल टेक्ट टीम को उसी कंपनी का इंपलॉई बनकर फोन किया
09:37और कहा कि वो एक कस्टमर की प्रॉबलम सॉल्व करने के लिए उनसे रापता कर रहा है
09:42क्योंकि उसके सिस्टम में कोई टेक्निकल इशू है
09:45वेरिजॉन के टीम ने उसकी आइडेंटिटी कंफर्म करने के लिए पिन कोड मांगा
09:50जो वो अलरेडी हैक करके मालूम कर चुका था
09:53वेरिफिकेशन के बाद वेरिजॉन ने जॉन ब्रेनन की परसनल डीटेल्स करेका से शेयर कर दी
09:59अब करेका के पास जॉन ब्रेनन का अकाउंट नंबर, बेक अप मॉबाइल नंबर, एडरेस और उसके बैंक कार्ड के आखरी फोर डिजिट्स भी मौजूद थे
10:08अब अगला स्टेप ब्रेनन का इमेल हैक करना था
10:11उसने मालूं किया कि ब्रेनन याहू या जीमेल के बजाए एओ एल नामी कमपनी का इमेल इस्तमाल करता है
10:18उसने एओल सपोर्ट टीम को कॉल किया और कहा कि मैं अपना पासवर्ट भूल गया हूँ उसको रिसेट करवाना है
10:25एओल के सपोर्ट मेंबर ने कन्फर्म करने के लिए बैंक कार्ड के आखरी फोर जिजिट्स पूछे जो क्रेका के पास पहले से मौजूद थे
10:33इस तरहां करेका ने फौरण उसके एमेल एडरेस का एकसेस पा लिया
10:38अब C.I.A. के डिरेक्टर का परसनल एमेल अकाउंट करेका के पास था
10:43उसने जौन ब्रेनन का प्राइवेट एमेल खोला जिसमें सारे इम्पॉर्टेंट और टॉप सीक्रिट डॉक्यूमेंट्स मौजूद थे
10:50दूसरे C.I.A. आफिसर्स का डेटा उनके सोशल सेक्यूरिटी नंबर्स और गवर्मेंट से मिलने वाली इंस्ट्रक्शन्स
10:56तब तक ब्रेनन को भी खबर हो चुकी थी कि उसका इमेल अकाउंट हैक हो चुका है और उसने फौरन अपना अकाउंट बंद करवा दिया
11:04मगर अब काफी देर हो चुकी थी क्यूंके क्रेका ये सारा डेटा अपने पास डाउनलोड कर चुका था
11:10क्रेका ने एक एक करके सारे आफिशल डॉक्यूमेंट्स पबलिक करना शुरू कर दिये जिससे पूरे अमेरिका में एक कोहरा मच गया
11:19पूरी दुनिया में CIA की बदनामी हो रही थी अब उनके लिए हैकर्स को पकड़ना मजबूरी बन चुका था
11:25वो हर हाल में जल्द अस जल्द उनको पकड़ना चाहते थे लेकिन वो कोई भी सुराग हासल नहीं कर पाए
11:32जौन ब्रेनन को फोन करने के कुछ दिनों के बाद क्रेका ने डिपार्टमेंट आफ जस्टिस के 9000 जबके FBI के 20,000 एजिंट्स की परसनल इंफॉर्मेशन सोशल मीडिया पर शेयर कर दी
11:45ये सब कुछ करने के बाद क्रेका अराम से अपनी जिन्दगी गुजा रहा था वो समझता था कि शायद उसे पकड़ना ना मुम्किन है
11:53लेकिन दूसरी तरफ डिफॉल्ट जो के USA का ही रेजिडेंट था वो अब परिशान रहने लगा
11:59उसे डर था कि अगर वो पकड़ा गया तो उसकी शामत आने वाली है
12:03शायद वो कभी पकड़े ना जाते अगर डिफॉल्ट से ये गलती ना होती
12:08उसने नशे में अपने दोस्त को बता दिया कि CIA को हैक करने के पीछे उसी का हाथ है
12:13बस ये गलती डिफॉल्ट और क्रेका दोनों को ले टूपी
12:17चंद दिनों के बाद FBI ने डिफॉल्ट के कमरे में चापा मारा और उसको गसीटते हुए ले गए
12:23इंटरुगेशन के दौरान क्रेका का नाम भी सामने आया
12:26जिसको ब्रिटिश पुलीस की मदद से अरेस्ट करवा लिया गया
12:30क्रेका का असल नाम केन गैबिल जबके डिफॉल्ट का नाम जस्टिन ग्रे लिवर मैन है
12:36कम उमर होने की वज़ा से क्रेका को दो साल की कैद सुनाई गई जबके डिफॉल्ट जो के डिरेक्टली C.I.A. की हैकिंग में इन्वाल्व नहीं था उसको पांच साल की सजा सुनाई जाती है
12:46दोनों आज जेल से अजाद हैं और साइबर सिक्यूरिटी में अपना केरियर आगे बढ़ा रहे हैं
12:52आप क्या समझते हैं कि दोनों ने ठीक किया या घलत मुझे कॉमेंट्स में जरूर बताएगा
12:58उमीद है जेम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे
13:02आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहद शुक्रिया मिलते हैं अगली शांदार वीडियो में
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